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PF Claim Status 2026: पैसा फंसा या होगा सेटल? 1 Click में BIG Update

PF Claim Status 2026: क्या है ईपीएफओ का नया क्लेम सेटलमेंट सिस्टम?
वर्ष 2026 में ईपीएफओ ने ऑटो-क्लेम सेटलमेंट (Auto-Claim Settlement) की सुविधा को विस्तार दिया है। पहले क्लेम को अप्रूव करने में मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब एआई-आधारित सिस्टम सॉफ्टवेयर के जरिए डेटा का मिलान करता है। यदि आपका आधार, बैंक विवरण और यूएएन डेटा बिल्कुल सही है, तो आपका क्लेम मात्र 3 से 4 दिनों के भीतर सेटल हो सकता है। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान करना है। हालांकि, यदि डेटा में मामूली सी भी भिन्नता होती है, तो सिस्टम उसे रिजेक्ट कर देता है या मैन्युअल चेकिंग के लिए भेज देता है।
ऑनलाइन पीएफ क्लेम स्टेटस चेक करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
अपने क्लेम का स्टेटस चेक करने के लिए आपको ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (Unified Member Portal) का उपयोग करना चाहिए। सबसे पहले पोर्टल पर अपना यूएएन और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें। इसके बाद ऑनलाइन सर्विसेज (Online Services) टैब में जाएं और ट्रैक क्लेम स्टेटस (Track Claim Status) विकल्प को चुनें। यहाँ आपको अपनी क्लेम आईडी, सबमिशन की तारीख और वर्तमान स्थिति दिखाई देगी। यदि स्टेटस में सेटल्ड लिखा है, तो इसका मतलब है कि ईपीएफओ ने आपके बैंक को पैसा भेजने का आदेश दे दिया है।
Under Process Claim का क्या मतलब है और इसमें कितना समय लगता है?
जब आप क्लेम सबमिट करते हैं, तो शुरुआती कुछ दिनों तक स्टेटस अंडर प्रोसेस (Under Process) दिखाई देता है। इसका मतलब है कि आपका आवेदन अभी क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय के फील्ड ऑफिसर के पास जांच के अधीन है। सामान्य तौर पर, एक पीएफ क्लेम को अंडर प्रोसेस से सेटल्ड होने में 7 से 15 कार्य दिवस का समय लगता है। यदि आपका क्लेम 20 दिनों से अधिक समय तक इसी स्टेटस पर बना रहता है, तो इसका मतलब है कि विभाग को आपके दस्तावेजों की जांच में कुछ समस्या आ रही है या कार्यालय में वर्कलोड अधिक है।
PF Claim Reject होने के 5 बड़े कारण और उनके समाधान
पीएफ क्लेम रिजेक्ट होना किसी भी कर्मचारी के लिए निराशाजनक हो सकता है। 2026 में रिजेक्शन के सबसे आम कारण इस प्रकार हैं: पहला, बैंक खाते की चेकबुक या पासबुक की धुंधली फोटो अपलोड करना। दूसरा, यूएएन में नाम या जन्मतिथि का आधार कार्ड से मेल न खाना। तीसरा, बैंक केवाईसी का अधूरा होना। चौथा, गलत फॉर्म का चयन करना। और पांचवा, कंपनी द्वारा आपके एग्जिट की तारीख अपडेट न करना। इन समस्याओं से बचने के लिए हमेशा क्लेम करने से पहले अपनी प्रोफाइल और केवाईसी विवरण को दोबारा जांच लें।
Claim Settled But Money Not Received: पैसा खाते में न आने पर क्या करें?
कई बार पोर्टल पर स्टेटस सेटल्ड (Settled) दिखाई देता है लेकिन बैंक खाते में पैसा नहीं पहुँचता। ऐसा अक्सर तब होता है जब आपके बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड बदल गया हो या आपके बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग पीएफ रिकॉर्ड से अलग हो। ईपीएफओ पैसा जारी करने के बाद बैंक को एनईएफटी (NEFT) के निर्देश भेजता है। इस प्रक्रिया में 2 से 3 वर्किंग डेज लग सकते हैं। यदि 5 दिनों के बाद भी पैसा न आए, तो आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए या ईपीएफओ के शिकायत पोर्टल पर स्टेटस की जांच करनी चाहिए।
Umang App और मिस्ड कॉल के जरिए स्टेटस जानने का आसान तरीका
यदि आप कंप्यूटर का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो उमंग ऐप (Umang App) सबसे बेहतरीन विकल्प है। उमंग ऐप में लॉगिन करने के बाद ईपीएफओ सेक्शन में जाएं और ट्रैक क्लेम पर क्लिक करें। इसके अलावा, आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर भी अपने आखिरी योगदान और क्लेम की संक्षिप्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवाएं 24x7 उपलब्ध हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
Form 31, 19 और 10C: किस फॉर्म का स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग फॉर्म भरे जाते हैं। फॉर्म 31 एडवांस पीएफ निकासी के लिए होता है, जबकि फॉर्म 19 फाइनल सेटलमेंट और फॉर्म 10C पेंशन निकासी के लिए उपयोग किया जाता है। इन सभी का स्टेटस एक ही डैशबोर्ड पर दिखता है। ध्यान रखें कि यदि आप नौकरी छोड़ चुके हैं, तो फॉर्म 19 और 10C एक साथ भरें ताकि आपका पूरा पैसा और पेंशन एक साथ सेटल हो सके। कई बार लोग सिर्फ फॉर्म 19 भरते हैं और पेंशन का पैसा विभाग के पास ही रह जाता है।
EPFO Grievance Portal: क्लेम में देरी होने पर ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?
यदि आपका क्लेम बेवजह अटका हुआ है, तो आप ईपीएफओ ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम (EPFiGMS) का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ आप अपनी क्लेम आईडी का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद विभाग को 15 से 30 दिनों के भीतर जवाब देना होता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है और इससे क्लेम सेटलमेंट में तेजी आती है।
2026 में पीएफ निकासी के नए नियम और डिजिटल सुरक्षा
डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से 2026 में ईपीएफओ ने लॉगिन के लिए चेहरे की पहचान (Face Authentication) और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बढ़ावा दिया है। किसी भी फर्जी वेबसाइट पर अपना यूएएन और पासवर्ड न डालें। हमेशा सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें। पीएफ निकासी अब पूरी तरह डिजिटल है, इसलिए किसी भी एजेंट या बिचौलिए को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
निष्कर्ष: धैर्य और सही जानकारी है जरूरी
पीएफ क्लेम स्टेटस को नियमित रूप से ट्रैक करना आपकी जिम्मेदारी है। तकनीकी युग में गलतियां कम होती हैं लेकिन सिस्टम को समझने के लिए थोड़ा धैर्य रखना पड़ता है। अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर केवाईसी अपडेट करते रहें। उम्मीद है कि इस लेख से आपको अपने पीएफ क्लेम को समझने और ट्रैक करने में मदद मिली होगी।




