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एआई का नौकरियों पर असर: माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट में खुलासा, जानें कौन सी जॉब्स खतरे में

AI Impact on Jobs
एआई का नौकरियों पर असर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने जिस तरह से हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है, यह किसी से छिपा नहीं है. माइक्रोसॉफ्ट की हालिया रिपोर्ट "वर्किंग विद एआई" ने इस बात पर रोशनी डाली है कि जेनरेटिव एआई का नौकरियों पर कितना असर हो सकता है. इस रिपोर्ट के लिए कंपनी ने बिंग कोपायलट और यूजर्स के बीच हुई 2 लाख से ज्यादा बातचीत का विश्लेषण किया. रिपोर्ट में पता चला है कि जिन कामों में जानकारी इकट्ठा करना और लिखना शामिल है, उनमें एआई सबसे ज्यादा मदद करता है. इसी वजह से कई डेस्क जॉब्स खतरे में हैं.
ये 10 नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में क्यों हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ऐसे पेशे हैं जिन पर एआई का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. इनमें मुख्य रूप से वो नौकरियां शामिल हैं, जिनमें लिखने, अनुवाद करने या डेटा से जुड़े काम होते हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने इन 10 पेशों को सबसे कम एआई-सुरक्षित माना है:
- दुभाषिए और अनुवादक
- इतिहासकार
- यात्री परिचारक
- सेवा क्षेत्र के सेल्स प्रतिनिधि
- लेखक और राइटर
- कस्टमर सर्विस प्रतिनिधि
- सीएनसी टूल प्रोग्रामर
- टेलीफोन ऑपरेटर
- टिकट एजेंट और ट्रैवल क्लर्क
- रेडियो/टीवी उद्घोषक
इनमें दुभाषिए और अनुवादक सबसे ऊपर हैं, क्योंकि उनके 98% काम एआई टूल्स के साथ आसानी से किए जा सकते हैं.
क्या हर नौकरी पर पड़ेगा AI का असर?
एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेनसन हुआंग का कहना है कि हर नौकरी पर एआई का असर पड़ेगा. उनका मानना है कि आप अपनी नौकरी एआई से नहीं, बल्कि उस व्यक्ति से खो देंगे जो एआई का इस्तेमाल करता है. हालांकि, रिपोर्ट में कुछ ऐसी नौकरियां भी बताई गई हैं जो एआई से काफी हद तक सुरक्षित हैं. ये ज्यादातर मेडिकल और ब्लू-कॉलर जॉब्स हैं, जिनमें शारीरिक या हाथ से किए जाने वाले काम शामिल हैं. जैसे- नर्सिंग असिस्टेंट, ब्लड सैंपल लेने वाले, जहाज़ इंजीनियर और टायर रिपेयर करने वाले.
AI के दौर में खुद को कैसे बनाएं सुरक्षित?
स्टैनफोर्ड के बिज़नेस लेक्चरर रॉबर्ट ई. सीगल के अनुसार, एआई के दौर में डरने के बजाय हमें इसे सीखने का एक मौका समझना चाहिए. कुछ खास इंसानी स्किल्स जैसे सहानुभूति, जिज्ञासा, सामाजिक और भावनात्मक समझ, और रिश्ते बनाने की कला को विकसित करना जरूरी है. जो लोग इन मानवीय कौशलों को अपनाते हैं और एआई टूल्स का इस्तेमाल करना सीखते हैं, वे न सिर्फ इस बदलाव में टिके रहेंगे बल्कि तरक्की भी करेंगे.
माइक्रोसॉफ्ट की रिसर्च और चौंकाने वाले नतीजे
रिपोर्ट "Working with AI: Measuring the Occupational Implications of Generative AI" के तहत अमेरिका में जनवरी से सितंबर 2024 के बीच Bing Copilot और यूज़र्स के बीच हुई 2 लाख सुरक्षित बातचीत का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि AI से सबसे ज्यादा मदद जानकारी इकट्ठा करने, लेखन, सिखाने और सलाह देने में ली जाती है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




