
- Home
- /
- टेक और गैजेट्स
- /
- भारत में 5G सेवा आज...
भारत में 5G सेवा आज से: पहले चरण में 13 शहर शामिल, जानिए कैसे ले सकते हैं इसका लाभ

5G In India
देश में 1 अक्टूबर से टेलिकॉम कंपनियां 5G नेटवर्क सर्विस शुरू करने जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लांच करेंगे। फिलहाल यह सेवा चुनिंदा जगहों पर ही मिलेगी। पहले चरण में देश के सभी महानगरों समेत 13 शहरों में इसे शुरू किया जाएगा, आगे धीरे-धीरे इसका विस्तार होगा। 4G से बेहतर इस सेवा के इस्तेमाल के लिए आपके स्मार्टफोन का 5G इनेबल्ड होना जरूरी है। 5G को लेकर आपके मन में कई सवाल होंगे, आइये जानते हैं 5G नेटवर्क सर्विस से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
5जी क्या है?
यह 5वीं पीढ़ी का मोबाइल नेटवर्क है। 1G, 2G, 3G और 4G के बाद यह नया वैश्विक वायरलेस मानक है। इसे 4G से 30 गुना तक तेज माना जा रहा है। इसे मशीनों, वस्तुओं और उपकरणों सहित लगभग सभी को और सब कुछ एक साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
5G का आविष्कार किसने किया?
कोई एक कंपनी या व्यक्ति 5G का मालिक नहीं है। मोबाइल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में कई कंपनियां हैं जो 5G नेटवर्क को आपके इस्तेमाल के लायक बना रही हैं।
अभी यह सेवा कितने शहरों में शुरू होगी?
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5G सेवाओं का उदघाटन 1 अक्टूबर को करेंगे। पहले चरण में इसे 13 शहरों में रोल आउट किया जाएगा, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, चंडीगढ़, गुरुग्राम, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे, गांधीनगर, अहमदाबाद और जामनगर शामिल हैं। कंपनियों का कहना है कि दो साल में पूरे देश में यह सेवा शुरू हो जाएगी।
5G सर्विस का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
सबसे पहले तो आपका फोन 5G इनेबल्ड होना चाहिए। फोन की सेटिंग्स में मोबाइल नेटवर्क में जा कर 5G सेवाओं को इनेबल करना होगा। रिलायंस जियो ग्राहकों को इसके लिए नया सिम लेना पड़ेगा। कंपनी के अनुसार महानगरों समेत प्रमुख शहरों में दिवाली के आसपास 5G का सिम मिलने लगेगा। दिसंबर 2023 तक देश के हर शहर में इसकी 5G सेवा शुरू हो जाएगी। एयरटेल के CEO गोपाल विट्ठल के मुताबिक कंपनी के सभी ग्राहकों के सिम पहले से ही 5G सुविधा के लिए सक्षम हैं।
पिछली पीढ़ियों के मोबाइल नेटवर्क और 5G में क्या अंतर है?
- पहली पीढ़ी (1G) – 1980 के दशक में आए 1G ने एनालॉग आवाज दी।
- दूसरी पीढ़ी (2G) – 1990 के दशक की शुरुआत में आई। इसने डिजिटल वॉयस (जैसे सीडीएमए- कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस) की शुरुआत की।
- तीसरी पीढ़ी (3G) – 2000 के दशक की शुरुआत में आई। इसके साथ 3G मोबाइल डेटा (जैसे CDMA2000)शुरू हुआ।
- चौथी पीढ़ी – (4G) – यह 2010 के दशक में आई। 4G LTE ने मोबाइल ब्रॉडबैंड के युग की शुरुआत की।
- 1G, 2G, 3G, और 4G सभी को मिला कर 5G बना है। इसे पहले से अधिक कनेक्टिविटी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
4जी की तुलना में 5जी कितना तेज है?
विभिन्न रिपोर्ट में इसे 100 गुना तेज बताया गया है। हालांकि, एयरटेल के अनुसार 4जी की तुलना में 5जी 20 से 30 गुना तेज होगा। 5G को IMT-2020 आवश्यकताओं के आधार पर 20 Gbps तक की पीक डेटा दर देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी पीक डेटा दर 20 गीगाबिट-प्रति-सेकंड (Gbps) और औसत डेटा दर 100+ मेगाबिट-प्रति-सेकंड (Mbps) तक पहुंच सकती है। हाई स्पीड के अलावा 5G को अधिक नेटवर्क क्षमता प्रदान करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




