EPS सदस्यता को लेकर EPFO का स्पष्टीकरण: कौन पात्र है?
वेतन सीमा में हुई वृद्धि के बाद कर्मचारियों के मन में यह सवाल था कि क्या ₹25,000 से अधिक कमाने वाले सभी कर्मचारी पेंशन योजना के तहत कवर होंगे। EPFO ने दो टूक स्पष्ट किया है कि पात्रता केवल वेतन से नहीं, बल्कि कर्मचारी के पिछले सदस्यता इतिहास (Membership History) से भी तय होती है:
- यदि मासिक वेतन ₹25,000 या उससे कम है: ईपीएस (पेंशन) सदस्यता पूरी तरह अनिवार्य है, और वेतन से निर्धारित ईपीएस अंशदान काटा जाएगा।
- यदि मासिक वेतन ₹25,000 से अधिक है और आप पहले ईपीएस सदस्य नहीं रहे हैं: आप ईपीएस सदस्यता के लिए पात्र नहीं हैं, और पेंशन फंड में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों का पूरा नियोक्ता अंशदान ईपीएफ खाते में जमा होगा।
- यदि मासिक वेतन ₹25,000 से अधिक है लेकिन पहले से ईपीएस सदस्य हैं: वे कर्मचारी अपनी पिछली सदस्यता के आधार पर पेंशन कवरेज जारी रख सकते हैं।
EPF और EPS में नियोक्ता के 12% अंशदान का नया गणित
ईपीएफ नियमों के अनुसार, कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12% ईपीएफ में जमा करता है। वहीं, नियोक्ता (कंपनी) भी 12% का बराबर योगदान देती है। इस 12% नियोक्ता अंशदान को दो भागों में बांटा जाता है:
- 8.33% हिस्सा: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।
- 3.67% हिस्सा: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में जमा होता है।
- EPS में आवंटन (8.33%): ₹2,082.50
- EPF में आवंटन (शेष राशि): ₹917.50
अंशदान न कटने या गलत कटौती होने पर क्या करें?
यदि आपका वेतन ₹25,000 या उससे कम है और कंपनी ईपीएस अंशदान नहीं काट रही है, या फिर आप अपात्र हैं लेकिन फिर भी कटौती की जा रही है, तो ईपीएफओ ने निम्नलिखित कदम उठाने की सलाह दी है:
- नियोक्ता से संपर्क करें: सबसे पहले अपने एचआर (HR) या फाइनेंस विभाग से संपर्क कर अपने ईपीएस सदस्यता स्टेटस और यूएएन (UAN) सर्विस हिस्ट्री की जांच कराएं।
- EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत: यदि नियोक्ता स्तर पर समाधान नहीं होता है, तो कर्मचारी ईपीएफओ के आधिकारिक ग्रीवेंस पोर्टल EPFiGMS (epfigms.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. EPFO wage limit hike kab se lagu hui hai?
ईपीएफओ की अनिवार्य वेज लिमिट को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का नियम 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है।
2. Kya 25000 se kam salary walo ke liye EPS mandatory hai?
हाँ, यदि किसी पात्र कर्मचारी का मासिक मूल वेतन और डीए ₹25,000 या उससे कम है, तो उसके लिए ईपीएस पेंशन सदस्यता अनिवार्य है।
3. Agar salary 25000 se zyada hai aur pehli baar job shuru ki hai toh kya EPS milega?
नहीं, यदि आपका वेतन ₹25,000 से अधिक है और आप पहले ईपीएस सदस्य नहीं रहे हैं, तो आप ईपीएस के लिए पात्र नहीं होंगे।
4. Employer ka 12% contribution EPF aur EPS me kaise divide hota hai?
नियोक्ता के कुल 12% अंशदान में से 8.33% हिस्सा ईपीएस पेंशन फंड में और शेष 3.67% हिस्सा ईपीएफ खाते में जाता है।
5. 25000 salary par EPS me kitna rupya jama hoga?
₹25,000 की पेंशन योग्य वेज पर 8.33% की दर से प्रतिमाह ₹2,082.50 ईपीएस फंड में जमा किए जाएंगे।
6. 25000 salary par employer ka bacha hua PF share kitna hoga?
₹3,000 के कुल नियोक्ता अंशदान में से ₹2,082.50 ईपीएस में जाने के बाद शेष ₹917.50 कर्मचारी के ईपीएफ खाते में जमा होंगे।
7. Is naye wage hike se kitne karmachariyo ko faayda hoga?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले से देश के 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को सीधे तौर पर पेंशन और पीएफ कवरेज का लाभ मिलेगा।
8. Kya employee ke khud ke 12% share se bhi EPS cut hota hai?
नहीं, कर्मचारी का पूरा 12% अंशदान सीधे उसके ईपीएफ (भविष्य निधि) खाते में जमा होता है; कर्मचारी के हिस्से से कोई पेंशन कटौती नहीं होती।
9. Agar purana EPS account hai aur salary ab 25000 se upar hai toh kya hoga?
यदि आप पहले से ईपीएस सदस्य रहे हैं, तो वेतन ₹25,000 से अधिक होने पर भी आपकी पेंशन सदस्यता पिछली सेवा के आधार पर जारी रखी जा सकती है।
10. EPS deduction na hone par shikayat kahan karein?
यदि नियोक्ता नियमानुसार ईपीएस कटौती नहीं कर रहा है, तो आप ईपीएफओ के आधिकारिक ग्रीवेंस पोर्टल EPFiGMS (epfigms.gov.in) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
11. Kya EPF aur EPS dono alag-alag schemes hain?
हाँ, ईपीएफ एक रिटायरमेंट प्रोविडेंट फंड बचत योजना है जिसमें एकमुश्त ब्याज सहित फंड मिलता है, जबकि ईपीएस रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन देने वाली योजना है।
12. Pension pane ke liye minimum kitne saal ki service zaroori hai?
ईपीएस के तहत मासिक पेंशन के लिए पात्र होने हेतु कर्मचारी की कुल पेंशन योग्य सेवा न्यूनतम 10 वर्ष होनी अनिवार्य है।
13. 10 saal se kam service hone par EPS ka paisa kaise milta hai?
यदि सेवा अवधि 10 वर्ष से कम है, तो कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद फॉर्म 10C भरकर ईपीएस का पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकता है।
14. Kya 25000 wage hike se retirement pension ki rashi badhegi?
हाँ, क्योंकि पेंशन योग्य वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हो गई है, जिससे भविष्य में पेंशन गणना के फॉर्मूले में उच्च वेतन के कारण मासिक पेंशन अधिक बनेगी।
15. Kya company apni marzi se EPS contribution rok sakti hai?
नहीं, यदि कर्मचारी ₹25,000 तक वेतन पाता है और पात्र है, तो कंपनी के लिए कानूनन ईपीएस अंशदान काटना अनिवार्य है।
16. UAN passbook me EPS share kaise check karein?
आप ईपीएफओ पासबुक पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी पासबुक डाउनलोड कर सकते हैं, जहां 'Pension Contribution' कॉलम में ईपीएस राशि दर्ज होती है।
17. Kya EPS contribution par koi interest milta hai?
नहीं, ईपीएस फंड पर अलग से ब्याज नहीं जुड़ता; यह एक डिफाइंड बेनिफिट पेंशन पूल होता है जहां से सेवा अवधि और अंतिम औसत वेतन के आधार पर पेंशन तय होती है।
18. Kya higher pension scheme ka option is naye limit ke baad bhi valid hai?
उच्च पेंशन से जुड़े नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और ईपीएफओ के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग से शासित होते हैं।
19. Basic salary aur DA milakar 25000 mana jayega ya gross salary?
ईपीएफ और ईपीएस पात्रता के लिए वेतन की गणना बेसिक पे (Basic Salary) और महंगाई भत्ते (DA) को जोड़कर की जाती है, इसमें अन्य भत्ते शामिल नहीं होते।
20. Kya private sector ke employees par bhi ye rule lagu hota hai?
हाँ, 20 या अधिक कर्मचारियों वाले उन सभी निजी संस्थानों पर यह नियम अनिवार्य रूप से लागू होता है जो ईपीएफओ अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं।
21. Service break hone par EPS membership par kya asar padta hai?
नौकरी बदलने पर यूएएन के माध्यम से पिछला ईपीएस खाता ट्रांसफर हो जाता है और सेवा अवधि आपस में जुड़ जाती है।
22. EPS pension lene ki minimum age kya hoti hai?
नियमित मासिक पेंशन 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर शुरू होती है, हालांकि 50 वर्ष की आयु के बाद अर्ली पेंशन का विकल्प कम दरों पर चुना जा सकता है।
23. Agar employee ki death ho jaye toh EPS ka kya hota hai?
कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके वैध जीवनसाथी (विधवा/विधुर) और बच्चों को नियमानुसार पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाती है।
24. Kya 25000 se upar salary wale voluntarily EPS join kar sakte hain?
नया कर्मचारी जिसकी जॉइनिंग के समय सैलरी ₹25,000 से अधिक है, वह ईपीएस में शामिल नहीं हो सकता; उसका पूरा 12% नियोक्ता शेयर केवल ईपीएफ में जाएगा।
25. Kya employer ko EPF admin charges bhi dene hote hain?
हाँ, नियोक्ता को ईपीएफ और ईडीएलआई प्रशासनिक शुल्क अलग से वहन करने होते हैं, यह कर्मचारी के अंशदान से नहीं काटा जाता।
26. EDLI scheme par 25000 wage hike ka kya asar hoga?
वेज लिमिट बढ़ने से एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाले जीवन बीमा कवर की अधिकतम सुरक्षा सीमा में भी वृद्धि होती है।
27. Wrong EPS deduction ho gaya ho toh refund kaise milega?
गलत कटौती की स्थिति में कंपनी के माध्यम से ईपीएफओ को संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) भेजकर राशि को ईपीएस से ईपीएफ खाते में ट्रांसफर कराया जा सकता है।
28. Kya freelance ya gig workers ko is wage limit ka fayda milega?
वर्तमान में यह नियम उन औपचारिक कर्मचारियों पर लागू है जो ईपीएफओ पंजीकृत प्रतिष्ठानों में नियमित पेरोल पर कार्यरत हैं।
29. Kya scheme certificate lene se EPS service bachi rehti hai?
हाँ, नौकरी छोड़ने के बाद यदि आप दूसरी नौकरी तुरंत नहीं करते, तो स्कीम सर्टिफिकेट बनवाकर अपनी पिछली सेवा अवधि को सुरक्षित रख सकते हैं।
30. Naye rule ke baad retirement pension calculate karne ka formula kya hai?
मासिक पेंशन का फॉर्मूला = (पेंशन योग्य सेवा वर्ष × पेंशन योग्य औसत वेतन) / 70 होता है, जहां अब अधिकतम वेतन सीमा ₹25,000 के अनुसार आंकी जाएगी।

















