
एक भी ICC खिताब नहीं जीता सकें रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच पद को अलविदा कह सकते हैं, राहुल द्रविड़ को मिल सकती है जिम्मेदारी

भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. टीम के हेड कोच रवि शास्त्री जल्द ही अपने पद को अलविदा कह सकते हैं. इस साल अक्टूबर और नवंबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद शास्त्री, बॉलिंग कोच भरत अरुण, फील्डिंग कोच आर श्रीधर और बैटिंग कोच विक्रम राठौर टीम इंडिया से अलग हो सकते हैं. इसकी मुख्य वजह टीम इंडिया को 4 सालों में एक भी ICC का खिताब न जीता पाना माना जा रहा है.
इस सम्बन्ध में रवि शास्त्री ने BCCI को सूचित कर दिया है. WC T20 के ठीक बाद नवंबर में रवि शास्त्री समेत पूरी कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक BCCI T-20 वर्ल्ड कप के बाद नए कोचिंग स्टाफ को नियुक्त करना चाहता है, ताकि भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके.
रवि शास्त्री पहली बार 2014 में बतौर डायरेक्टर टीम इंडिया से जुड़े थें. उनका कार्यकाल 2016 तक था. इसके ठीक बाद उन्हें एक साल के लिए टीम के कोच का दायित्व सौंपा गया था. 2017 में अनिल कुंबले को फुल टाइम कोच बनाया गया. उस समय शास्त्री का कार्यकाल 2019 के वनडे वर्ल्ड कप तक का था. 2019 में अच्छे प्रदर्शन के बाद शास्त्री का कॉन्ट्रेक्ट 2020 टी-20 वर्ल्ड कप तक के लिए बढ़ा दिया गया था.
राहुल द्रविड़ हो सकते हैं टीम इंडिया के हेड कोच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को हेड कोच की जिम्मेदारी दे सकता है. हाल ही में द्रविड़ के कोचिंग नेतृत्व में इंडिया-A एवं अंडर 19 क्रिकेट टीम को काफी सफलताएं भी हासिल हुई हैं. इस वजह से द्रविड़ BCCI की पहली पसंद माने जा रहें हैं.
द्रविड़ का NCA चीफ का कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म
राहुल द्रविड़ का NCA चीफ का भी कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है. बोर्ड ने NCA चीफ पद के लिए आवेदन मांगे हैं. द्रविड़ को जुलाई 2019 में NCA प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया गया था. यदि, द्रविड़ NCA चीफ के लिए दोबारा आवेदन नहीं करते हैं, तो यह तय है कि टीम इंडिया के कोच के पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो जाएगी.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




