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ICC T20 World Cup 2021 के बाद भी विराट कोहली कप्तान बने रहेंगे, BCCI ने सभी दावों को अफवाह बताया

Aaryan Puneet Dwivedi
13 Sept 2021 4:00 PM IST
Updated: 2021-09-13 10:32:09
ICC T20 World Cup 2021 के बाद भी विराट कोहली कप्तान बने रहेंगे, BCCI ने सभी दावों को अफवाह बताया
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ICC T20 World Cup 2021 के बाद खुद कप्तानी छोड़ देंगे विराट कोहली, रोहित को मिल सकती है जिम्मेदारी

BCCI के सूत्रों के मुताबिक T20 वर्ल्ड कप के बाद विराट कोहली खुद टीम इंडिया के लिमिटेड ओवर्स की कप्तानी छोड़ सकते हैं.

नई दिल्ली. अक्टूबर से आयोजित ICC Men's T20 World Cup 2021 के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) खुद कप्तानी (Catptaincy) छोड़ सकते हैं. उनकी जगह रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के कप्तानी की चर्चा हो रही है. इन दावों को BCCI ने सिरे से खारिज कर दिया है. बीसीसीआई के अनुसार विराट कोहली आगे भी कप्तान बने रहेंगे.

TOI ने BCCI के सूत्रों के हवाले से खबर चलाई थी कि भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज एवं कप्तान विराट कोहली खुद कप्तानी छोड़ने का मन बना चुके हैं. इस संबंध में बीसीसीआई के अधिकारियों और विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की चर्चा हुई है. TOI के मुताबिक़ यह चर्चा काफी लंबी चली थी.

विराट कोहली लिमिटेड ओवर्स की कप्तानी रोहित शर्मा को सौंपना चाहते हैं. इसलिए इस वर्ष होने वाले T20 वर्ल्ड कप के बाद वे खुद ही कप्तानी छोड़ देंगे. इसके पीछे का मुख्य कारण विराट कोहली की बल्लेबाजी है. विराट अपने बल्लेबाजी पर फोकस करना चाह रहें हैं.

इन सभी बातों को बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने सिरे से खारिज करते हुए बताया है कि कोहली और रोहित के साथ BCCI की ऐसी कोई बात हुई ही नहीं है और न ही वर्ल्ड कप के बाद कप्तानी के किसी भी फॉर्मेट में बदलाव होगा.

धोनी और तेंदुलकर ने भी छोड़ी थी कप्तानी

माना जाता है कि कप्तानी के दवाब के चलते कप्तानी करने वाले खिलाड़ी का खुद का खेल प्रभावित होने लगता है. सिर्फ कोहली ही नहीं है जिन्होंने बल्लेबाजी पर फोकस करने के लिए कप्तानी छोड़ने का मूड बना रखा है. इसके पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और एमएस धोनी (MS Dhoni) भी ऐसा कर चुके हैं.

फिसड्डी साबित हुए तो सचिन ने छोड़ दी कप्तानी

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) अपनी कप्तानी (Captaincy) में काफी मैच गवां चुके थें इस वजह से उन्होंने कप्तानी सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को दे दी थी. तेंदुलकर को 1996 में कप्तानी मिली थी. तेंदुलकर की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने 76 ODI मैच खेले थें, जिसमें से महज 23 मैच ही वे टीम को जीता पाएं, जबकि 43 मैचों में हार का सामना करना पड़ा था. इसी तरह उनकी कप्तानी में 25 टेस्ट मैच खेले गए, जिसमें से 4 मैच में भारत की जीत हुई जबकि 9 मैच गवां दिए. इसके बाद उन्होंने 2000 में कप्तानी छोड़ दी थी.

बैटिंग पर फोकस करने एमएस धोनी ने छोड़ी कप्तानी

भारत को दो वर्ल्ड कप के साथ सभी ICC ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने अपनी बैटिंग पर फोकस करने के लिए कप्तानी छोड़ कर विराट कोहली को सौंप दी थी. एमएस धोनी (MS Dhoni Captaincy) ने लम्बे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व किया. लिमिटेड ओवर्स में एमएस 2007 से 2017 तक कप्तानी की जबकि टेस्ट मैच में 2008 से 2014 तक. इसके बाद से भारतीय टीम की कप्तानी विराट कोहली सम्हाल रहें हैं.

ICC टूर्नामेंट्स में विराट ने किया निराश

विराट कोहली (Virat Kohli) बेहतर बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उनके स्टैट्स और रिकॉर्डस वर्ल्ड क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी की गाथा लिखते जा रहें हैं. ICC टूर्नामेंट्स छोड़कर (Virat Kohli Captaincy) उनकी कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन भी उम्दा रहा है. लेकिन ICC टूर्नामेंट्स में विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने निराश किया है. विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में 3 ICC टूर्नामेंट्स का नेतृत्व किया, जिसमें 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी (फाइनल में हारी भारत), 2019 में वनडे वर्ल्ड कप (सेमीफइनल में हारी भारत) और 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत को हार झेलनी पड़ी थी. इसके अलावा अन्य टूर्नामेंट्स में विराट ने कप्तानी में भी रिकॉर्ड बनाए हैं.

कोहली की बल्लेबाजी पर पड़ रहा असर

तीनों फॉर्मेट में कप्तानी के दबाव के चलते विराट कोहली की बल्लेबाजी पर असर पड़ रहा है. कोहली ने टेस्ट में अपना आखिरी शतक 2019 नवंबर में बनाया था. कोहली को भी लगता है कि सभी फॉर्मेट में उनकी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने के लिए उस पर फोकस करने की जरूरत है. वहीं 2022 और 2023 के बीच टीम इंडिया को दो वर्ल्डकप (ODI और T-20 World Cup) भी खेलने हैं. ऐसे में उनके लिए और टीम इंडिया (Team India) के लिए भी जरूरी है कि वह अपनी बल्लेबाजी पर फोकस करें. कोहली भी मान रहे हैं कि तीनों फॉर्मेट की कप्तानी की जिम्मेदारी उनकी बल्लेबाजी पर भारी पड़ रही है.


तीनों फॉर्मेट में कप्तानी के दबाव के चलते विराट कोहली की बल्लेबाजी पर असर पड़ रहा है



रोहित की कप्तानी में टीम इंडिया ज्यादा सफल

वनडे और टी-20 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम इंडिया को सफलता रोहित की कप्तानी (Rohit Sharma Captaincy) में ज्यादा मिली है. रोहित की कप्तानी में वनडे में सफलता प्रतिशत 80 है, जबकि विराट की कप्तानी में टीम 70.43 प्रतिशत मैच जीतने में सफल हुई है. विराट ने 95 वनडे मैचों में कप्तानी की है. जिसमें टीम इंडिया ने 65 मैच जीते हैं और उसे 27 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. वहीं रोहित की कप्तानी में टीम इंडिया ने वनडे में 10 मैच खेले हैं. जिसमें 8 मैच में जीत हासिल हुई है और 2 में हार का सामना करना पड़ा है.

वहीं T20 में रोहित की कप्तानी में टीम को 78.94 प्रतिशत मैच जीते हैं. टीम इंडिया ने रोहित की कप्तानी में 19 मैच खेले हैं, 15 मैच जीते हैं और 4 में हार मिली है. वहीं टी20 में विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने 60 प्रतिशत मैच जीते हैं. कोहली की कप्तानी में 45 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें 27 मैच जीते हैं और 14 मैच में हार का सामना करना पड़ा है. 2 मैच के नतीजे नहीं निकले.

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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