अध्यात्म

Pre Birth: बिन कुंडली और हस्तरेखा के बिना जाने आप पिछले जन्म में क्या थे?

Pre Birth: बिन कुंडली और हस्तरेखा के बिना जाने आप पिछले जन्म में क्या थे?
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Pre Birth: कुंडली और हस्तरेखा के बिना भी आपके पूर्व जन्म के बारे में जान सकते है.

Pre Birth: वर्तमान और भूतकाल का जन्म एक दूसरे से जुड़ा हुआ होता है। वर्तमान जन्म तथा पिछले जन्म में आप क्या थे, कहां थे यह सब एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। यह समझना बहुत आसान नहीं है। लेकिन न समझ पाने वाली बात भी नहीं है। जीवन से जुड़ी हुई हर चीज को समझने के लिए हमारे शास्त्रों में बहुत कुछ जानकारी दी गई है इनके आधार पर पूर्व जन्म के भेद को समझा जा सकता है। जातक की कुंडली देखकर भी उसके पूर्व जन्म का अनुमान लगाया जा सकता है। आइए जाने पुनर्जन्म से जुड़ी हुई कई बाते।

कुंडली से जाने

पुनर्जन्म के संबंध में जानकारी लेने के लिए जातक की कुंडली के माध्यम से विचार किया जा सकता है। क्योंकि ज्योतिष आचार्यों द्वारा बताया गया है कि कुंडली के पंचम और आठवें भाव में पुनर्जन्म के बारे में जानकारी देता है। राहु और केतु शुद्ध रूप से पूर्वजन्म से संबंधित हैं। पाया गया है कि कुंडली में मौजूद शनि और बृहस्पति पूर्व जन्म के शुभ और अशुभ कर्मों के बारे में बताते हैं। आपके जन्म की स्थिति क्या थी यह चंद्रमा निर्धारित करता है।

अवश्य होता है पुनर्जन्म

ज्योतिष आचार्यों का कहना है कि जन्म का सिद्धांत क्रिया और प्रतिक्रिया पर निर्धारित है। कहने का मतलब यह है कि जब इंसान अपने वर्तमान जन्म में कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें नहीं कर पाता। लेकिन उस कार्य के प्रति उसकी इच्छा प्रबल होती है। और वह अधूरे में मर जाता है। ऐसी स्थिति में बताया गया है कि उस कार्य को पूर्ण करने के लिए पुनर्जन्म निश्चित होता है।

घर परिवार में ही होता है पुनर्जन्म

जन्म से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए एक व्यावहारिक बात बताई गई है। जिसमें कहा गया है कि सामान्यतः व्यक्ति घूम फिर कर अपने परिवार में ही जन्म लेता है। अगर व्यक्ति की मूल आदतें, उसका स्वभाव अपने घर परिवार से मिलता जुलता हो तो वह उसी परिवार से जुड़ा हुआ जीव कहलाता है। वहीं अगर कोई गुण अवगुण आदत, बीमारी या फिर कोई चिन्ह व्यक्ति मे नहीं प्रतीत होता है तो इसे पूर्व जन्म का संबंध बताया गया है।

कम उम्र में कलाकार बनना

कोई भी अगर कम उम्र में कलाकार बनता है तो इसका सीधा सीधा अर्थ पुनर्जन्म से जुड़ा हुआ होता है। कहा गया है की संगीतज्ञ या कलाकार बनने की चाहत अगर मन में दबी रह जाती है और जातक की मृत्यु हो जाती है तो उसका अगला जन्म मानव रूप में होगा। और वह एक न एक दिन अवश्य बड़ा कलाकार बनता है।

नोट- इस समाचार में दी गई जानकारी सूचना मात्र है। इस पर पूर्ण भरोसा करने के पहले विशेषज्ञ से जानकारी प्राप्त करें। रीवा रियासत समाचार इसकी पुष्टि नहीं करता।

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