Immortality of Jiva After reaching here, Jiva becomes immortal, that place still exists toda (1).jpg

जीव का अमरत्व : यहां पहुंचने के बाद जीव हो जाता है अमर, आज भी मौजूद है वह जगह...

RewaRiyasat.Com
Sandeep Tiwari
02 Mar 2021

हर कोई अमर होना चाहता है। वह चाहता है कि उसकी मौत न हो। लेकिन क्या ऐसा सम्भव है? ऐसे में सवाल पैदा होता है कि क्या इस दुनया में क्या कोई ऐसी जगह है जिसके बारे में यह कहा जय कि वहां किसी की मौत नही होती। इस जगह के बारे में भले ही किसी को सटीक जानकारी भले ही न हो लेकिन हमारे कई पौराणिक किताबों में इस सिद्धाश्रम या मठ का जिक्र महाभारत, वाल्मिकी रामायण और वेदों में भी है। कहा जाता है कि यहां पहुचने के बाद व्यक्ति को अमरत्तव की प्राप्ति हो जाती है। वह अमर हो जाता है। 

वही अगर विज्ञान की बात करें तो वह इस बात को सिरे से नकारता है। विज्ञान का कहना है कि इस तरह का कोई सत्य अभी तक सामने नही आया है। और न ही ऐसी कोई जगह खोजी गई है जिससे यह सिद्व हो जाये कि बौद्व भिक्षुओं की कही बात सत्य है।

इस बात पर बडे से बडा जानकार भी धोखा खा जायेगा। सहसा किसी को इस बात पर कभी भी विश्वास नही होगा कि विश्व में एक जगह ऐसी भी है जहां अगर कोई पहुंच जये तो उसकी मौत नही होगी। जहां पहुंचने वाला व्यक्ति अमरत्व को प्राप्त कर अमर हो जाता है। बौद्व भिक्षुओं की माने तेा उस जगह पर बौद्व भिक्षु पहुंच चुके हैं।

बौद्व भिक्षुओं की माने तेा अपने ही हिमालय पर्वत पर तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश के बीच मौजूद इस जगह को शांग्री-ला, शंभाला और सिद्धआश्रम भी कहा जाता है जहां पहुंचने के बाद लोगांे की मौत नही होती है। 

हमालय में तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश के बीच मौजूद इस जगह को शांग्री-ला, शंभाला और सिद्धआश्रम भी कहा जाता है। यह भी केवल चार्चा मे है इसके बारे में काई पुख्ता साक्ष्य नहीं हैं और न ही किसी को ठीक से कुछ जानकारी है। केवल मान्यता पर ही लोग भरोषा कर रहे हैं।

इस मठ के बारे में कहा जाता है कि जो भी यहां पहुंच जाता है उसे दुनिया से कोई लेना देना नही होता है। यहां ऋषि-मुनि तपस्या में लीन रहते हैं। वही एक अंग्रेज लेख जेम्स हिल्टन ने श्लास्ट होराइजन पुस्तक में इसका जिक्र है।

विज्ञान कई तर्क के बाद भी मानने को तैयार नही है। उसका कहना है कि ज्ञानगंज मठ केवल कल्पना है या फिर वाकई ऐसी कोई जगह है, इसे लेकर अब भी कोई ठोस जवाब मौजूद नहीं है। स्थानीय लोक कहानियों में भले ही इसका जिक्र होता रहा है लेकिन कई सिद्ध पुरुषों ने ये दावा भी किया है कि वे उस जगह पर जा चुके हैं।
 

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