
चैत्र नवरात्रि पर मलमास का साया: 15 मार्च से 14 अप्रैल तक सभी शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक, खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 काम; वरना होगा भारी नुकसान

रीवा रियासत न्यूज, नई दिल्ली/उज्जैन। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में किसी भी काम को शुरू करने से पहले 'मुहूर्त' यानी सही समय देखा जाता है। अगर आप भी घर खरीदने, शादी की प्लानिंग करने या कोई नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
आगामी 15 मार्च से 14 अप्रैल तक पूरे एक महीने के लिए मांगलिक कार्यों पर 'ब्रेक' लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस अवधि को 'मलमास' या 'खरमास' कहा जाता है। खास बात यह है कि इस बार शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि भी मलमास के साये में ही रहेगा।
क्या है गुरु आदित्य दोष? (What is Guru Aditya Dosha)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी चाल बदलते हुए 'मीन राशि' में प्रवेश करते हैं, तो उस स्थिति को 'गुरु आदित्य दोष' कहा जाता है। मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। जब सूर्य अपने गुरु की राशि में जाते हैं, तो वह थोड़े कमजोर पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में शुभ कार्यों को करने के लिए जरूरी सकारात्मक ऊर्जा नहीं मिल पाती, इसलिए इस समय को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि पर मलमास का असर
इस साल 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। लोग असमंजस में हैं कि क्या नवरात्रि में भी काम नहीं होंगे? जानकारों का कहना है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा के साथ किए जा सकते हैं। नवरात्रि खुद में बहुत पवित्र समय है, लेकिन मलमास के कारण इस दौरान बड़े सांसारिक कार्य जैसे सगाई, विवाह या मुंडन वर्जित रहेंगे।
भूलकर भी न करें ये काम (Things to Avoid during Kharmas)
मलमास के दौरान कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है। यदि कोई इन नियमों को नजरअंदाज करता है, तो उसे भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है:
- शादी और सगाई: इस एक महीने में विवाह के कोई भी मुहूर्त नहीं होते।
- गृह प्रवेश: नए घर में शिफ्ट होना या नया मकान बनाना शुरू करना अशुभ माना जाता है।
- नया व्यापार: नई दुकान खोलना या बड़ा निवेश करना इस समय टाल देना चाहिए।
- मुंडन संस्कार: बच्चों के मुंडन जैसे संस्कार भी इस अवधि में नहीं किए जाते।
- कीमती वस्तुओं की खरीदारी: जमीन, मकान या लग्जरी गाड़ी खरीदने से बचना चाहिए।
मलमास में क्या करना होता है फायदेमंद? (Benefits of Spiritual Activities)
भले ही मांगलिक कार्य बंद हों, लेकिन यह समय 'सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' और भगवान की भक्ति के लिए सबसे अच्छा माना गया है।
दान-पुण्य: इस महीने में गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या तिल का दान करना बहुत फलदायी होता है।
मंत्र जाप: भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है।
सूर्य पूजा: प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।
धार्मिक पाठ: रामायण, श्रीमद्भागवत गीता या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना इस समय सर्वोत्तम है।
सेवा भाव: गायों को चारा खिलाना और बेसहारा पशुओं की सेवा करना आपके भाग्य को चमका सकता है।
14 अप्रैल के बाद खुलेंगे सौभाग्य के द्वार
ज्योतिषियों का कहना है कि यह एक महीना खुद को आध्यात्मिक रूप से मजबूत करने का समय है। जैसे ही 14 अप्रैल को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, मलमास समाप्त हो जाएगा और एक बार फिर शहनाइयों की गूंज और मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आएगी। तब तक धैर्य रखें और पूजा-पाठ में मन लगाएं।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




