अध्यात्म

8 रूपों में अवतरित हुए थें विघ्नहर्ता गणेश, जानें उनके सभी अवतारों को

8 रूपों में अवतरित हुए थें विघ्नहर्ता गणेश, जानें उनके सभी अवतारों को
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भगवान गणेश विघ्न को हरने वाले है और उन्होने 8 रूपों में अवतार लेकर असुरों का नाश किए है.

Vinayak Chaturthi 2022/ The Eight Avtar of lord Ganesha: भगवान गणेश (Lord Ganesha) विघ्न को हरने वाले हैं। विनायक चर्तुथी (Vinayak Chaturthi) के दिन उनकी पूजा करने का बड़ा महत्व है। यह तिथि विघ्नहर्ता को समर्पित है। किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश जी की पूजा होती है। जिससे हर तरह की बाधा दूर हो और कार्य सुचारू रूप से चल सकें। कहते है भगवान गणेश ने 8 स्वरूप लिए है। सभी रूपों में ही उन्होने असुरों के नाश किये हैं।

इन नामों से जाने जाते है भगवान गणेश (By what names is Lord Ganesha known?)

वक्रतुंड - भगवान गणेश का पहला स्वरूप वक्रतुंड है। उन्होने यह रूप मत्सरासुर का अंहकार तोड़ने के लिए धारण किया था।

एकदंत - भगवान गणेश का दूसरा स्वरूप एकदंत के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होने यह स्वरुप मदासुर को पराजित करने के लिए धारण किया था।

महोदर - भगवान गणेश तीसरे स्वरूप में महोदर के नाम से जाने जाते है। इस रूप में गणेशजी ने मोहसुर नामक राक्षस का अंत किया था। उनका यह रूप ज्ञान का स्वरूप कहलाता है।

लंबोदर - भगवान गणेश का यह रूप लंबोदर के नाम से जाना जाता है। उनका यह अवतार शक्ति का प्रतीक है। उन्होने इस रूप में क्रोधासुर को परास्त किया था ।

विकट - विनायक के छठे अवतार को विकट रूप कंहा जाता है। उन्होने इस अवतार में कामासुर को परास्त किया था। कमासुर को त्रिलोक पर विजय प्राप्त करने का वरदान प्राप्त था।

विघ्नराज - भगवान अपने 7वें अवतार विघ्नराज में ममतासुर के आंतक से लोगो को मुक्ति दिलवाई थी। उनका यह अवतार ब्रम्हा-विष्णु का वाचक है और शेष वाहन पर चलने वाला है।

धूम्रवर्ण - अंहतासुर नामक दैत्य से देवताओं एवं ब्राम्हणों को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान गणेश ने धूम्रवर्ण के रूप में अवतार लिए था।

गजानन - आसुर लोभासुर का अहंकार भंग करने के लिए भगवान गणेश ने इस अवतार में गजानन का रूप धारण किया था।

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