अध्यात्म

Chanakya Niti in hindi : इन पांच लोगों के बीच से बिल्कुल भी न निकले, नहीं तो समझे जाएंगे मूर्ख

Manoj Shukla
18 March 2021 12:29 PM GMT
Chanakya Niti in hindi : इन पांच लोगों के बीच से बिल्कुल भी न निकले, नहीं तो समझे जाएंगे मूर्ख
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Chanakya Niti in hindi : आचार्य चाणक्य एक महान ज्ञाता थे। उन्होंने अपनी कूटनीति एवं राजनीति से चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बना दिया था। आचार्य ने जीवन को सुखमय बनाने के लिए हर बातों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा जाता है कि आचार्य द्वारा बताई गई बातों का अपने जीवन में जो मनुष्य फालो करता है वह हमेशा सुखी जीवन व्यतीत करता हैं।

Chanakya Niti in hindi : आचार्य चाणक्य एक महान ज्ञाता थे। उन्होंने अपनी कूटनीति एवं राजनीति से चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बना दिया था। आचार्य ने जीवन को सुखमय बनाने के लिए हर बातों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा जाता है कि आचार्य द्वारा बताई गई बातों का अपने जीवन में जो मनुष्य फालो करता है वह हमेशा सुखी जीवन व्यतीत करता हैं।

ऐसे में चलिए जानते है आचार्य ने मनुष्य को किन पांच लोगों के बीच में बिल्कुल भी न आने की सलाह देते हैं। आचार्य का मत है कि जो मनुष्य ऐसा करता है वह मूर्ख कहलाता हैं। लिहाजा मूर्खता से बचने के लिए आचार्य द्वारा बताई गई इन पांच बातों को गांठ बांध लेना चाहिए और कभी इन लोगों के बीच में नहीं आना चाहिए।

आचार्य ने अपने श्लोकों के माध्यम से कई तरह की बातें बताई हैं। इंसान को जैसा जीवन जीना चाहिए। किसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। ऐसे में आचार्य कहते है कि जब दो ज्ञानी आपस में बात कर रहे हो, उस समय मनुष्य को वहां नहीं जाना चाहिए या पास से नहीं निकलना चाहिए। ऐसा करने से दोनों के संवाद में बाधा आ सकती हैं। जिससे मनुष्य पाप का भागीदार बनता हैं। इसी तरह चाणक्य कहते है कि जब कोई पुरोहित या पुजारी अग्नि के पास बैठा तो वहां से नहीं निकलना चाहिए।

ऐसा करने से उसके पूजा में विघ्न एवं बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसे ही जब स्वामी एवं सेवक आपस में विचार-विमर्श या बातें कर रहे हो तो मनुष्य को उनके पास नहीं भटकना चाहिए। ऐसा करने से उनकी बातों में खलल पड़ सकती है और वह अपने बातों से भटक सकते हैं। इसी तरह जब पत्नी एवं पत्नी आपस में बातें कर रहे हो तो वहां मनुष्य को नहीं जाना चाहिए और न ही वहां से गुजरना चाहिए।

ऐसा करने से उन्हें बाधा उत्पन्न हो सकती हैं और उनकी एकांतता भंग हो सकती है। ऐसे ही उन्होंने कहा कि जब हल और बैल एकसाथ हो तो वहां से कभी नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि यह अशुभ माना गया हैं। हालांकि वर्तमान समय में हल एवं बैल विरले ही देखने को मिलते हैं। अब ज्यादातर ट्रैक्टर का उपयोग किया जाता हैं। लेकिन बीते जमाने में हल एवं बैल के बीच से निकलना शुभ नहीं माना जाता था।

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