अध्यात्म

अयोध्या त्याग, काशी ज्ञान और वृंदावन प्रेम की भूमि है: संत राजेंद्र

Aaryan Dwivedi
28 Feb 2021 10:29 AM GMT
रीवा। जिले के सेमरिया कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा संत राजेंद्र महाराज के द्वारा की जा रही है। उन्होंने कथा का सुंदर प्रवचन करते हुए कहा कि अयोध्या त्याग की भूमि है, काशी ज्ञान की भूमि है और वृंदावन प्रेम की है। महाराज जी ने गोपी संवाद का बखान करते हुए कहा कि ऊधव जैसे ज्ञानी वृंदावन की प्रेम भूमि में भ्रमित हो गये। महाराज जी ने कई रोचक प्रसंग सुनाये। रुकमणी विवाह का सुंदर प्रवचन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव जैसे ज्ञानी को भक्ति का उपदेश देने के लिए ब्रज भेजा।

रीवा। जिले के सेमरिया कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा संत राजेंद्र महाराज के द्वारा की जा रही है। उन्होंने कथा का सुंदर प्रवचन करते हुए कहा कि अयोध्या त्याग की भूमि है, काशी ज्ञान की भूमि है और वृंदावन प्रेम की है। महाराज जी ने गोपी संवाद का बखान करते हुए कहा कि ऊधव जैसे ज्ञानी वृंदावन की प्रेम भूमि में भ्रमित हो गये। महाराज जी ने कई रोचक प्रसंग सुनाये। रुकमणी विवाह का सुंदर प्रवचन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव जैसे ज्ञानी को भक्ति का उपदेश देने के लिए ब्रज भेजा।
उद्धव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण सर्वव्यापी हैं। वह सबके हृदय में व्याप्त है। वहीं उद्धव ने श्रीकृष्ण के प्रति ब्रजवासियों के प्रेम को देखकर खुद विहवल हो गये। कथा श्रवण करने पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेंद्र शुक्ल, विधायक केपी त्रिपाठी, शंभूनाथ तिवारी, अनिल पाण्डेय, बृजेश विश्वकर्मा, जयराम अग्निहोत्रीए डा. अजीत पाण्डेय, रामखेलावन कुशवाहा सहित भारी संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।

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