अध्यात्म

सूर्यास्त के समय इन 10 कामों को करने से करें परहेज, पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव, धन दी देवी माता लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

सूर्यास्त के समय इन 10 कामों को करने से करें परहेज, पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव, धन दी देवी माता लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज
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सनातन धर्म के पुराणों के अनुसार सूर्यास्त के समय इन 10 कामों को करने से परहेज करना चाहिए अन्यथा धन दी देवी माता लक्ष्मी नाराज हो जातीं हैं।

हमारे वैदिक रीति रिवाजों में कई कामों को सूर्यास्त के समय निषेध बताया गया है। इसके कई कारण भी बताए गये हैं। सूर्यास्त के समय इन कामों को करने से जहां धन नष्ट जाता है तो वहीं धन की देवी माता लक्ष्मी रूठ जाती हैं। वही व्यक्ति के शरीर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। घर में बीमारी का क्रम शुरू हो जाता है।

जाने वह कौन से हैं 10 कार्य

सूर्यास्त के समय प्रतिबंधित कार्यों को करने से बचना चाहिए। क्योंकि सूर्यास्त का समय को न दिन माना जाता और न ही रात। इसलिए इस समय को हमारे शास्त्रों में निषेध माना गया है। हिरणाकश्यप जिसे वरदान था कि उसे न कोई दिन में मार सकता है और न ही उसे कोई रात में मार सकता है। ऐसे में भगवान श्री नारायण ने संध्या के समय उसका वध किया था। आज हम ऐसे 10 कार्य बताने जा रहे हैं जिन्हे भूलकर भी शाम के समय तथा सूर्यास्त के बाद नहीं करना चाहिए।

1. शेविंग और हेयर कटिंग से करें परहेज

हमें हर हाल में नाखून काटना, शेविंग और हेयर कटिंग करवाना है तो हमें दिन करवा लेना चाहिए। इसे संध्या के समय नहीं करवाना चाहिए। ऐसा करने से हमारे विचारों में नकारात्मकता बढने लगती है। वहीं व्यक्ति कर्जदार होने लगता है। साथ ही हमें नाखून काटना, शेविंग और हेयर कटिंग के पूर्व दिन का विचार भी अवश्य करना चाहिए। हमारे हिंदू धर्म के वैदिक नियमों के अनुसार मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को नाखून काटना शेविंग व हेयर कटिंग नहीं करवाना चाहिए। जों इस नियम का पालन नही करता उस व्यक्ति के जीवन में माता लक्ष्मी की कृपा बाधित होती है।

2. तुलसी को जल देना

हर व्यक्ति के घर में तुलसी का पौधा आमतौर पर पाया जाता है। माना गया है कि तुलसी के पौधे में प्रतिदिन जल देने से सुख समृद्धि प्राप्त होती है। तुलसी के पौधे को सूर्यास्त के उपरांत जल नही चढ़ाना चाहिए। इसे अशुभ और अनिष्टकारी माना गया है। तुलसी के पौधे में जल देने का सर्वोत्तम समय सूर्योदय है।

3. घर की सफाई

साफ-सुथरे घर में माता लक्ष्मी का वास होता है। प्रतिदिन अपने घर की साफ सफाई करनी चाहिए। लेकिन यही साफ-सफाई जैसे झाडू-पोछा अगर सूर्यास्त के समय किया जाए तो उसे अशुभ माना गया है। सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू पोछा करने से लक्ष्मी जी रूठ कर चली जाती हैं।

4. किसी को न दें दही और न करें सेवन

सूर्यास्त के बाद हमें दही, छाछ, आदि खट्टी चीजें किसी को नहीं देनी चाहिए। साथ ही इसका सेवन भी सूर्यास्त के बाद नहीं करना चाहिए। बताया गया है कि संध्या के समय इन चीजों को देने से गरीबी आती है और सुख शाति का नाश होता है। वही इसके सेवन से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। हमारे शरीर में मौजूद कफ, बात और पत्त असंतुलित हो जाता है।

5. अंतिम संस्कार वर्जित

हिन्द्र रीति रिवाज में तथा गरूण पुराण में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार वर्जित किया गया है। कहा जाता है कि इससे मृतक की आत्मा भटकती है। उस जीव के अगले जन्म में अंगों में खराबी आती है। वहीं संस्कार करने वाले व्यक्ति पर भगवान की कृपा नहीं होती है।

6. सूर्यास्त के समय सोना वर्जित

सूर्यास्त के समय किसी भी व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए। साथ ही भोग और स्त्री के साथ सोना पूरी तरह निषेध बताया गया है। इससे शरीर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसा करने वालें का धन नष्ट होता है। हमारे शस्त्रों में केवल बालक, वृद्ध और रोगो को इससे मुक्त रखा गया है।

7. भोजन खुला न रखें

बताया गया है कि संध्या या गोधूली के समय न तो भोजन करना चाहिए और न ही भोजन को खुला रखना चाहिए। बताया गया है कि संध्या के समय भोजन को खुला छोड़ने से नकारात्मक गुण बढ़ जाते हैं।

8. कपडे़ धोना और सुखाना

सूर्यास्त के बाद कपड़े धोना सूखाने से आसमान से नकारात्मक उर्जा प्रवेश कर जाती है। साथ ही व्यक्ति रोगी हो जाता है। वहीं कहा गया है कि रात के समय कपड़ों पर बैक्टीरिया की संख्या भी बढ़ती है जो बाद में धारण करने वाले पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

9. पेड पौधों को न जगाएं

सूर्यास्त के बाद पेड़ पौधों को नहीं छूना चाहिए। कहा जाता है कि सूर्यास्त होने के बाद पेड़-पौधे शो जाते हैं। ऐसे में अगर उन्हे तोड़ा गया तो वह नाराज हो जाते हैं। वहीं माना गया है कि पौधों में देवताओं का वास होता है। सूर्यास्त के बाद जगाने से देवता क्रोधित होते हैं और तोडने या जगाने वाले पर नाराज होकर श्राप देते हैं।

10. स्नान और तिलक निषेध

कई बार लोगां में सुबह और शाम के समय स्नान करने की आदत होती है। लेकिन शाम के समय नहाने वाले व्यक्ति को सूर्यास्त के पहले नहा लेना चाहिए। अगर सूर्यास्त के बाद नहाते भी हैं तो तिलक नहीं लगाना चाहिए। रात्रि को स्नान करने से शीत का प्रकोप बढ़ जाता है।

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