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भगवान सूर्य को जल अर्पित करने से सभी ग्रह दोष से मिलती है मुक्ति, जानिए कैसे करना चाहिए जल अर्पित

RewaRiyasat.Com
Manoj Shukla
26 Apr 2021

सूर्य भगवान को जल अर्पित करने से कई तरह के लाभ होते हैं। अगर आप हर दिन सूर्य भगवान को जल अर्पित नही कर पाते हैं तो सप्ताह में एक दिन जरूर करें। इससे न सिर्फ ग्रहों को शांति मिलती बल्कि शुभ फल की प्राप्ति होती है। 

भगवान सूर्य को जल अर्पित करने से सभी ग्रह दोष से मिलती है मुक्ति, जानिए कैसे करना चाहिए जल अर्पित

हिन्दू धर्म शास्त्रों की माने तो भगवान सूर्य सभी ग्रहों के राजा हैं। सूर्य भगवान को रविवार का दिन समर्पित है। कई लोग भगवान सूर्य को सुबह-सुबह स्नान करके जल अर्पित करते हैं। ऐसे में अगर आप डेली भगवान सूर्य को जल अर्पित नहीं कर पाते हैं तो सप्ताह में एक दिन रविवार को आप सूर्य देव को जल अर्पित कर सकते हैं। इससे सभी ग्रहों के दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही कई तरह से पुण्य लाभ की भी प्राप्ति होती है। 

यह है मान्यता

पौराणिक मान्यताओं की माने तो भगवान सूर्य को जल अर्पित करने के दौरान पानी की कुछ छीटें शरीर पर पड़ते हैं। जो सूर्य की किरणों से प्रभावित होती है। इन पानी के छीटों में शरीर के कई प्रकार के रोग खत्म करने की क्षमता होती है। जिससे शरीर निरोगी होता और मन भी शांत रहता है।

सूर्य को अर्घ्य देते समय करें यह काम

ज्योतिषविद्ों की माने तो भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान माथे पर कुमकुम एवं तिलक लगाए। मान्यता है की भगवान सूर्य को सुबह-सुबह अर्घ्य देने से क्रोध, अहंकार जैसी भावनाएं नियंत्रित रहती है। 

यह भी है मान्यता

मान्यता है कि प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देने से कुण्डली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। जिन लोगों की कुण्डली में शनि की दृष्टि होती है उन्हें सूर्य भगवान को जल अर्पित जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से शनी दोष का प्रभाव कम होता है। चन्द्रमा की स्थिति मजबूत होती है। वैसे भी चन्द्रमा को मन का स्वामी कहा जाता हैं। चन्द्रमा मजबूत होने से मन में शांति मिलती है और हर काम ध्यान से होता है।

जल देते समय इस बात का रखे ध्यान

भगवान सूर्य को जल देते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपका पात्र तांबे का ही हो। जिसमें फूल एवं अक्षत होना चाहिए। जल देते समय सूर्य की किरणें उस धार में दिखनी चाहिए। जल हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही अर्पित करना चाहिए। भगवान सूर्य को अघ्र्य देते समय हमेशा गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मन शांत रहता है।

 

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