सतना

SATNA: SP समेत 15 पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश, डकैत बताकर फर्जी एनकाउंटर में हत्या का आरोप

Sandeep Tiwari
8 Oct 2021 5:26 AM GMT
Jabalpur: Due to the shortage of judges, the number of pending cases in the High Court has crossed 4 lakh, out of 53, 25 posts are vacant.
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SP समेत 15 पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश जारी किया गया है।

सतना (Satna) विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र ने मृतक की पत्नी के आवेदन पर सुनवाई करते हुए गुरूवार को 156 3 के तहत तत्कालीन यूपी एसपी अंकित समेत एसटीएफ और पुलिस के 15 जवानों के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है। एसपी समेत पुलिस जवानों पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है। मृतक की पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए पति को अगवा करने तथा बाद में डकैत बताकर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। जिस पर विशेष न्यायालय ने यह आदेश जारी किया है।

क्या है इनकाउंटर का मामला

जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2021 को सतना न्यायालय से पेसी कर लौट रहे सतना जिले के नयागांव थाना के पडवनिया निवासी भालचंद्र को पुलिस ने एनकाउंटर में मौत होना बताया था। जिसके बाद उसकी पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए न्यायालय में आवेदन लगाया था। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र ने सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है।

मृतक की पत्नी ने लगाया यह आरोप

मृतक की पत्नी ने न्यायालय में दिए आवेदन ने कहा के उनके पति भालचंद्र अपने भाई लालचंद्र के साथ 31 मार्च को ऐसी करने सतना न्यायालय गए थे। दोपहर लौटते वक्त कोठी के पास एसटीएफ के जवान स्कॉर्पियो से ओवरटेक कर उसका अपहरण कर लिया था। बाद में फर्जी एनकाउंटर दिखाते हुए उसकी हत्या कर दी गई। जिसके बाद पत्नी न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय गई।

विधायक के हस्तक्षेप के बाद मिला शव

वही जानकारी मिली की फर्जी एनकाउंटर दिखाकर गोली लगने से मौत की खबर फैला दी गई। पुलिस चोरी छुपे अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थी। परिजनों को इसकी जानकारी होने के बाद वह चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी से मिले। विधायक के हस्तक्षेप के बाद एसटीएफ ने 2 अप्रैल को परिजनों को शव मिला इसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।

क्या था पुलिस का तर्क

पुलिस ने भालचंद्र को डकैत गौरी यादव गैंग का सक्रिय सदस्य बताते हुए अपहरण के मामले में इनकाउंटर के दौरान मौत होना बता रही है। साथ ही पुलिस का कहना है वह एमपी और यूपी दोनों थाना क्षेत्र इनामी अपराधी था। एनकाउंटर के दौरान गोली लगने से भालचंद्र की मौत हुई है।

मृतक के वकील ने कहा

भालचंद्र यादव के वकील रामनरेश त्रिपाठी ने बताया की भालचंद्र पर एमपी से 5000 और यूपी से 25000 रूपये का इनाम था। 23 फरवरी को उसे मझगवां पुलिस ने गिरफ्तार किया। 27 फरवरी को उसे जमानत मिल गई। इसी मामले की पेशी करने 31 मार्च को वह सतना से पेसी कर वापस जा रहा था। कोठी के पास उसे जवान उठा ले गए। यूपी के मारकुंडी थाने में गिरफ्तारी दिखाई जाती है हथियारों की बरामदगी भी दिखाई गई। जब वह पेशी कर वापस जा रहा था तो उसके पास हथियार कहां से आए, उसने किस का अपहरण किया। वह धारकुंडी कैसे पहुंच गया यह सब सवाल पुलिस के ऊपर बने हुए हैं।

इनके खिलाफ शिकायत

न्यायालय के दिए देश में एसपी अंकित मित्तल, एसआई अमित कुमार तिवारी, एसआई संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल उमाशंकर, आरक्षक भूपेंद्र सिंह व शिवानंद, स्क्वायड टीम प्रभारी एसआई श्रवण कुमार सिंह वाह अनिल कुमार बाबू, हेड कांस्टेबल रईस खान, आरक्षक धर्मेंद्र कुमार राहुल यादव बहिलपुरवा थाना प्रभारी दीन दयाल सिंह मारकुंडी थाना प्रभारी रमेशचंद्र वा रामकेश कुशवाहा के खिलाफ शिकायत पर पार्टी बनाया गया है।

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