Docs/67-NARAYAN_TRIPATHI_2.jpg

Maihar MLA Narayan Tripathi की चेतावनी, 2023 में वही राज करेगा, जो विंध्य बनाने की बात करेगा

RewaRiyasat.Com
Shashank Dwivedi
07 Jun 2021

सतना। भले अभी प्रदेश के चुनाव दूर है। लेकिन चुनावी गणित के पन्ने पलटाये जाने लगे है। राजनेता अपनी जमीन मजबूत करने एक से बढ़कर एक सूत्रों का आजमा रहे है। भाजपा के मैहर विधायक (Maihar MLA Narayan Tripathi) ने एक ऐसी बात कह दी जिससे राजनैतिक गलियारे में हलचन होना स्वाभाविक। वही उन्होने अपने उपर लग रहे आरोप पर भी एक ऐसा दावा कर दिया जिसे सुनने के बाद लोगों के मुह से आवाज नही निकल रही है।

उनका कहना है वह राजनीति कर विधायक या सांसद बनने के लिए नहीं विध्य की जनता के लिए विध्य प्रदेश की मांग कर रहे है। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि जो मुझ पर आरोप लगाते हैं वह विध्य प्रदेश बनवा दे ंतो मै राजनीति करना छोड़ दूंगा वही उनका यह भी कहना था कि 2023 का विधान सभा चुनाव परिणाम में विध्य की सीटों का बहुत असर होगा। वही पार्टी सत्ता में पहुचेगी जो विध्य प्रदेश बनाने की ओर अग्रसर होगा

जागरूक है विध्य की जनता

विंध्य में शिक्षा का तेजी के साथ विकास हो रहा है। विध्य की जनता जागरूक हो चुकी है। विध्य प्रदेश पहले था। लेकिन उसे पहले नहीं बनाया गया। अब राजनीति करने वालों को समझना पडेगा कि 2023 से पहले सरकार को अलग विंध्य प्रदेश की मांग पूरी करनी होगी। अगर विध्य प्रदेश की मांग पर सरकार विचार नही करती है तो यहां की जनता चुनावा में बोट देने के पहले विचार करेगी। 

पार्टी विरोधी आरोप निराधार

अलग विध्य प्रदेश की मांग करने वाले मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी का कहना है कि वह कोई पार्टी विरोधी काम नही कर रहे है। मुख्यमत्री किसी पार्टी का नही होता है वह तो प्रदेश का होता है। अलग विध्य प्रदेश की मांग के लिए वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके है। यह कोई पार्टी विरोधी काम नही है। 

अटल जी का सपना होगा पूरा

विधायक नारायण त्रिपाठी का कहना है  िकवह अलग विध्य प्रदेश की मांग कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा करना चाहते हैं। श्री त्रिपाठी ने अटल जी की बाता को दोहराते हुए कहा कि अटल जी कहते थे कि छोटे-छोटे राज्य बनने से उनका विकास तेजी से होगा। विध्य के विकाश के लिए विंध्य प्रदेश बनाना आवाश्यक है। 

विकास की दौड में पिछड़ रहा विध्य

अलग विध्य प्रदेश न बानने से क्षेत्र का विकास नही हो पा रहा है। विध्य के साथ अन्याय हो रहा है। रीवा में संचालित कई प्रदेश स्तरीय कार्यालय बंद हो गये। विध्य की राजधानी रहा रीवा में प्रदेश स्तरीय कर्यालय होेते तो समूचे विध्य के जिलों केा सुविधा होती। रीवा का विकास तो हुआ है लेकिन उस अनुतात में नही है जैसा एक प्रदेश की राजधानी रहते जिले का होना चाहिए। वही विध्य के सभी जिलो के विकास पर ग्रहण लगा हुआ है। सतना दिनो दिन पछडता जा रहा है।

Comments

acchi news hai

Add Comment
Full Name
Email
Textarea
SIGN UP FOR A NEWSLETTER