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लोकायुक्त ने किया था ट्रेप, घूसखोर आरआई, फूड इंस्पेक्टर, दुष्कर्मी को 22 वर्ष का कारावास : REWA NEWS

REWA : घूसखोर आरआई, फूड इंस्पेटर और न्यायालय कबाबू को अदालत ने कारावास सहित अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही सात वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 22 साल की सजा सुनाई गई है। न्यायालय के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया है।
नशा प्रस्ताव तैयार करने आरआई ने ाूस्वामी से मांगी थी रिश्वत नशा प्रस्ताव तैयार करने के एवज एवं ाूस्वामी से एक हजार रूपये की रिश्वत लेते ट्रेप हुए आरआई को न्यायालय ने चार साल की जेल एवं 4000 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट मीडिया प्रभारी कल्याण सिंह द्वारा बताया गया कि शिकायतकर्ता छोटेलाल साहू पिता बंका साहू निवासी ग्राम वीरादेई थाना हनुमना की पत्नी सकुली साहू के नाम 1.84 एकड़ जमीन थी। उक्त भूमि के नशा संशोधन हेतु उसकी पत्नी सकुली ने 21 सितबर 2015 को तहसीलदार हनुमना के यहां आवेदन पेश किया था। तहसीलदार ने उसी दिन ही राजस्व निरीक्षक हनुमना को तरमीम संशोधन प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने हेतु आदेशित कर दिया। जब शिकायतकर्ता तहसीलदार के आदेश के बाद आरोपी राजस्व निरीक्षक सीताराम सिंह से मिला तो सीताराम ने शिकायतकर्ता से नशा संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के एवज में 4000 रूपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की राशि की प्रथम किस्त के रूप में आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2400 रूपये प्राप्त कर लिए और 1600 रूपये और मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त से 16 अटूबर 15 को आरोपी के विरूद्ध रिश्वत मांगने की शिकायत की। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया तथा सत्यापन के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता से बातचीत करते हुए रिश्वत की दूसरी किस्त 500 रूपये ले ली और 1000 रू पये और लाने के लिए कहा। 20 अटूबर 2015 को आरोपी सीताराम सिंह सजी मंडी तिराहा हनुमना में शिकायतकर्ता को मिला और उससे रिश्वत की मांग की, तो शिकायतकर्ता ने 5-5 सौ रूपये के दो नोट आरोपी को दे दिया। जिसे आरोपी ने अपने पैंट में रख लिया, उसी समय लोकयुक्त की टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
विशेष न्यायाधीश (लोकायुक्त) गिरीश दीक्षित ने आरोपी सीताराम सिंह पिता सुखलाल सिंह निवासी गिजवार थाना मझौली जिला सीधी पद राजस्व निरीक्षक सर्किल हनुमना को दोषी पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,13 के तहत 4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4 हजार रूपये रुपये जुर्माना से दंडित किया है। खाद्य व औषधि निरीक्षक को 4 साल एवं बाबू को 3 साल की सजा घूसखोर खाद्य एवं औषधि निरीक्षक एवं न्यायालय के बाबू को दोषी पाते हुए सीधी न्यायालय ने क्रमश: 4 एवं 3 वर्ष की सजा तथा जुर्माने से दण्डित किया है। दोनो कर्मचारियों को रीवा लोकायुक्त ने 15000 रूपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ टै्रप किया था। अभियोजन कार्यालय सीधी से मिली जानकारी अनुसार सीधी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता मनीष कुमार गुप्ता किराना की दुकान अपने घर के समीप संचालित करता है। अटूबर 12 में फूड इंस्पेटर ने दुकान संचालक के यहां पहुच कर जांच की थी और बेसन का सेंपल लिया था। जिसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा था, जहां फूड इंस्पेटर एवं न्यायालय के बाबू ने मिलकर बेसन का सेंपल भोपाल न भेजे जाने के लिए15000 हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। उक्त मामले की शिकायत दुकान संचालक ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा को लिखित रूप से दी थी। लोकायुक्त टीम ने 9 अटूबर 12 को आरोपी आरके शुला फूड इंस्पेटर जिला सीधी व जितेन्द्र मरकाम सहायक वर्ग 3 जिला एवं सत्र न्यायालय सीधी को 15000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ ट्रैप किया था, जिनके विरूद्ध विवेचना उपरांत विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सीधी में 30 जुलाई 2013 को चालान प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सीधी द्वारा प्रकरण के विचारण के उपरांत दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी फूड इंस्पेटर आरके शुला को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रुपए का अर्थदंड तथा धारा 11(1)डी सहपठित 13(1) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास 5000 रुपए के अर्थदंड से तथा आरोपी जितेन्द्र कुमार मरकाम सहायक वर्ग 3 को धारा 11 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।




