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अपने अधूरे सपने पूरे करने का दबाव बच्चों पर न डालें अभिभावक –
कमिश्नर डॉ. भार्गव
विद्यार्थी की प्रतिभा और रूचि के अनुसार उसका भविष्य बनायें – कमिश्नर
रीवा . सेन्ट्रल एकेडमी स्कूल का वार्षिक स्नेह सम्मेलन कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रीवा संभाग के कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अलग प्रतिभा होती है। हर बच्चे की प्रतिभा को निखरने और पल्लवित होने का पूरा अवसर दें। माता-पिता अपने अधूरे सपने को पूरा करने का दबाव बच्चे पर न डालें। बच्चे राष्ट्र की सम्पत्ति और परमहंस मुस्कान हैं। बच्चों के जीवन में खिलखिलाहट बनी रहे तथा आशाओं के आसमान में उड़ने की पूरी आजादी मिले ऐसा वातावरण बनायें। बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी आगे बढ़ने तथा प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर दें।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि सभी शिक्षक बच्चों की जिज्ञासा का उचित समाधान करें। उनकी जिज्ञासाओं को कुचलने का प्रयास न करें। बच्चों के भविष्य का स्वाभाविक विकास होना चाहिए। बच्चे की प्रतिभा और रूचि के अनुसार उसका भविष्य बनायें। बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना तथा अनुशासन का पाठ पढ़ाना दोनों दायित्व शिक्षक के हैं। शिक्षक बच्चों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करें। सभी अभिभावक अपने बच्चे की प्रगति पुस्तिका अवश्य पढ़ें। उसे सच्ची प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करें।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने कहा कि सेन्ट्रल एकेडमी के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने नृत्य, गायन तथा अन्य कलाओं की शानदार प्रस्तुति दी है। शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ संस्कारित जीवन की कला तथा जीवन के हर क्षेत्र का कौशल प्राप्त करना विद्यार्थी के लिए आवश्यक होता है। अक्षर ज्ञान के साथ सर्वांगीण विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों पर अनावश्यक टोका-टाकी न करें तथा बंदिशें न लगायें। उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा दें। घर और स्कूल में सकारात्मक वातावरण होने पर बच्चे का समुचित विकास होगा। बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी तथा परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान देने का संस्कार दें। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद और ज्ञान बच्चे को नई ऊर्जा देगा।
समारोह में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। समारोह में प्राचार्य डीके पाठक ने स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों तथा अन्य गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत अर्चना मिश्रा ने किया। समारोह में कमिश्नर ने खो-खो खेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये। समारोह में कमिश्नर डॉ. भार्गव की धर्म पत्नी श्रीमती आशा भार्गव, विद्यालय के सीईओ प्रमोद मिश्रा, चेयरमैन प्रवीण मिश्रा, उप प्राचार्य पीके द्विवेदी, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
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कलेक्टर अब प्रत्येक सोमवार को करेंगे टीएल पत्रों की समीक्षा
रीवा कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली टीएल बैठक में परिवर्तन किया गया है। अब टीएल बैठक प्रत्येक सोमवार को प्रात: 10.30 बजे से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जायेगी जिसमें कलेक्टर बसंत कुर्रे सीएम हेल्पलाइन, जन सुनवाई, जनाधिकार के बिन्दुओं तथा टीएल पत्रों की समीक्षा करेंगे। अपर कलेक्टर इला तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से 23 दिसम्बर को आयोजित टीएल बैठक में उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।
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जनसुनवाई में दिव्यांग त्रिवेणी को मिला चलने का सहारा
रीवा . आमजनता के आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए हर सप्ताह आयोजित होनी वाली जनसुनवाई प्रभावी मंच है। इसमें आवेदन पत्रों के निराकरण के साथ कई बार पात्र व्यक्तियों को सुविधाएं भी दी जाती हैं। रीवा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में ग्राम रीठी निवासी सावित्री यादव ने उनके दिव्यांग पति त्रिवेणी यादव के लिए बैसाखियां देने के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर बसंत कुर्रे ने प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय को आवेदिका को तत्काल बैसाखियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। आवेदिका को जनसुनवाई के दौरान ही बैसाखियां प्रदान कर दी गई। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिव्यांग का परीक्षण कराके विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने उप संचालक सामाजिक न्याय को पात्र होने पर त्रिवेणी को दिव्यांग पेंशन देने के निर्देश दिये।
रीठी निवासी त्रिवेणी यादव कुछ वर्ष पूर्व वाहन दुर्घटना का शिकार हो गये थे। लम्बे उपचार के बाद वे स्वस्थ्य तो हो गये किंतु उन्हें चलने फिरने में कठिनाई होती थी। दुर्घटना में उनके एक पैर पर गंभीर चोट आई थी जिसके कारण चलने में कठिनाई हो रही थी। बैसाखियां मिल जाने से दिव्यांग त्रिवेणी अब सुगमता से चल सकेंगे। कलेक्टर की पहल पर दिव्यांग को बैसाखियों के साथ अन्य सुविधाएं प्राप्त हुर्ईं।




