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ऑनलाइन हुए पंचायत स्तरीय पटवारी हल्कों के गांव : REWA NEWS

रीवा : अभी भूधारकों को राजस्व दस्तावेजों को एक हते और परेशान होना पड़ा सकता है। पंचायत स्तरीय पटवारी हल्कों के क्षेत्र में आने वाले गावों को आन लाइन तो कर दिया गया है लेकिन अभी व्यवस्थित नहीं है। सर्वर की परेशानी के कारण एक गांव दूसरे पटवारी हल्कों में चले गए है जिससे लोगों को अभी दस्तावेज मिलने में कठिनाई होगई। बेवजीआईएस सर्वर में चल रहे पटवारी हल्कों के पुर्नगठन के कारण गिरदावरी सत्यापन, पीएम किसान समान निधि व किसानों को खसरा खतौनी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालात यह है कि किसानों को अपनी भूमि का खसरा नशा ढूंढते-ढूंढते पूरा दिन चAला बीत रहा है लेकिन जमीन का खसरा क्रमांक नहीं मिल पाएगा।
पूर्व में जिन पटवारी हलकों में गांव का नशा- खसरा था आज किसी अन्य पटवारी हल्के में नजर आ रहे हैं। हालांकि समस्या केवल एक सप्ताह तक बताई गई है लेकिन इसमें सुधार होने में समय लग सकता है। सर्वर के बिजी होने के कारण और पटवारी हलकों में सुधार के कारण कौन सा गांव किस पटवारी में हल्के में है सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में रीवा जिले में 462 प्रभारी हल्के थे जिन्हें बढ़ाकर 857 कर दिया गया है। जिसमें 827 पंचायत मुयालय में और 30 शहरी हल्के बनाए जा रहे हैं। इसी प्रकार 32 राजस्व सर्किलों को बढ़ाकर 40 कर दिया गया है। इनमें 8 नए राजस्व सर्किल बनाए गए हैं जिनमें 2 शहरी क्षेत्र के हैं। इस संबंध में सहायक अधीक्षक भू अभिलेख आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि नए गठित पटवारी हलकों के गांव को समाविष्ट किए जाने का काम जारी है। बेवजीआइएस सर्वर में सभी गांवों आना लाइन किया जा चुका है। तकनीकी सुधार किया जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार आ जाएगा।




