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ऐसे हुआ रीवा का लाल शहीद, गांव में मातम पसरा, शादी की तैयारियों में लगे थे परिजन

रीवा/ जम्मू-कश्मीर में बुधवार एवं गुरुवार हुई बर्फबारी के बाद से ही जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कश्मीर घाटी के उच्च पर्वतीय इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के कारण एलओसी के पास हुए हिमस्खलन में सेना के दो जवान शहीद हुए हैं। शहीद हुए जवान कुपवाड़ा के पास एलओसी के पास तैनात थे। शहीद हुए जवानों में एक रीवा का लाल भी शामिल है। रीवा जिले के गढ़ थाना अंतगर्त गोदरी-27 निवासी आर्मी जवान अखिलेश पटेल (25) पिता रमेश पटेल श्रीनगर में एलओसी के पास डियूटी कर रहे थे उसी समय हुए हिमस्खलन में शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर अभी तक गांव नहीं पहुंचा है। श्रीनगर में मौसम खराब होने के कारण समय लग रहा है। 8 नवंबर की शाम तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना जताई गई है। उधर अखिलेश के शहीद होने की जानकारी मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों में मातम छा गया है। उनका रो-रोकर बुराहाल है।
पर्वतीय इलाकों में हुई भारी बर्फ-बारी जानकारी के अनुसार कश्मीर घाटी के उच्च पर्वतीय इलाकों में हुई भारी बर्फ-बारी के कारण एलओसी के पास हुए हिमस्खलन में पेट्रोलिंग के दौरान सेना के दो जवान शहीद हुए हैं। शहीद हुए जवान बारामुला में एलओसी के पास तैनात थे। शहीद जवानों में विंध्य की माटी के सपूत रीवा के मनगवां तहसील के निवासी अखिलेश पटेल और भीम बहादुर निवासी देहरादून उत्तराखंड शामिल हैं। बीती शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर रीवा आना था लेकिन कश्मीर में हो रही बर्फवारी के चलते समय लग रहा है।
पांच साल पहले आर्मी में हुए थे भर्ती शहीद जवान अखिलेश पटेल पांच साल पहले 14 अप्रैल 2014 भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अखिलेश दो भाई और दो बहन हैं। बड़े भाई अरविंद पटेल भी आर्मी में हैदराबाद में पदस्थ हैं और देश की सेवा में लगे हुए हैं। बताया गया है कि अखिलेश होनहार आर्मी जवान थे। वे ड्यूटी के दौरान हमेशा सक्रिय रहते थे, जिससे उनकी टीम में उनका बहुत सम्मान था।
बर्फबारी के चलते विलंब से पहुंचेगा पार्थिव शरीर शहीद जवान की झांसी यूनिट से सेना के तीन जवान उनके गांव गोंदरी पहुंचे और उन्होंने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बारामुला में अभी बर्फबारी हो रही है जिससे उनके पार्थिव शरीर को रीवा आने में विलंब हो सकता है। उन्होंने परिजनों को इस संबंध में अवगत कराया। हालांकि घटना के संबंध में वह कुछ भी जानकारी देने से बचते रहे।
गांव में मातम पसरा जैसे ही गोदरी गांव में अखिलेश पटेल के शहीद होने की खबर पहुंची, गांव में मातम पसर गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया है कि रमेश पटेल के चार संतानों में अखिलेश को बहुत लाड-प्यार था। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग शव के आने का इंतजार कर रहे हैं। सरंपच साधूलाल पटेल, थाना प्रभारी गढ़ विनोद सिंह ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी है। वहीं काफी संख्या में लोग भी घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाया।
फौजियों का है परिवार फौजी के परिवार के अधिकांश लोग सेना से जुड़े हुए है। उनके बाबा सेना से रिटायर हुए हैं और बताया गया है कि चाचा भी सेना में थे। बड़े भाई अरविंद पटेल सेना के जवान है। घर वालों से प्रेरणा लेकर उन्होंने भारतीय सेना में जाने का फैसला किया था।
गोदरी स्कूल में ली थी प्राथमिक शिक्षा अखिलेश की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती विद्यालय गोंदरी में हुई थी। हायर सेकंडरी तक की पढ़ाई उन्होंने नवोदय विद्यालय सिरमौर से की थी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने टीआरएस कॉलेज में प्रवेश लिया था। जब वे द्वितीय वर्ष में थे तभी उनका भारतीय सेना में चयन हो गया था।
शादी की तैयारियों में लगे थे परिजन शहीद हुए फौजी परिवार में सबसे छोटे थे। वे दो भाई और दो बहन थे। उनकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। परिजन अगले वर्ष उनकी शादी की तैयारी कर रहे थे और उनके लिए लड़की ढूंढ रहे थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके शहादत की सूचना घर पहुंच गई।
गोदरी गांव के फौजी अखिलेश पटेल के शहीद होने की जानकारी गांव पहुंची है। श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हुए। परिजनों से मुलाकात की है, गांव में मातम का माहौल है। पार्थिव शरीर अभी गांव नहीं आया है। विनोद सिंह, थाना प्रभारी गढ़




