रीवा

रीवा-सिंगरौली रूट में पहली बार दौड़ी ट्रेन, पुलिस के पहरे में 20 किमी गोविंदगढ़ लाइन का CRS-स्पीड ट्रायल

रीवा-सिंगरौली रूट में पहली बार दौड़ी ट्रेन, पुलिस के पहरे में 20 किमी गोविंदगढ़ लाइन का CRS-स्पीड ट्रायल
x
ललितपुर-सिंगरौली रेललाइन परियोजना में 20 किमी ट्रैक का इजाफा हो गया। रीवा-सीधी रूट पर 20 किमी रीवा-गोविंदगढ़ न्यू रेललाइन का शुक्रवार को सफल सीआरएस और स्पीड ट्रायल हुआ।

Lalitpur Singrauli Rail Line Project: रीवा. ललितपुर-सिंगरौली रेललाइन परियोजना में 20 किमी ट्रैक का इजाफा हो गया। रीवा-सीधी रूट (Rewa Sidhi Rail Route) पर 20 किमी रीवा-गोविंदगढ़ न्यू रेललाइन (Rewa Govindgarh New Rail Line) का शुक्रवार को सफल सीआरएस और स्पीड ट्रायल हुआ। यह ट्रैक अब ट्रेन दौड़ाने के लिए खुल गया है। नई रेल लाइन के कार्य की प्रगति को देखने के लिए मुम्बई सर्किल के सीआरएस मनोज अरोरा स्पेशल ट्रेन से रीवा पहुंचे और उसके बाद रीवा से गोविंदगढ़ का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। पॉइंट नंबर 150 बी, रेलवे क्रॉसिंग और पॉइंट नंबर 130 बी का जायजा लेते हुए स्लीपर स्पेसिंग गैप, रेलवे ट्रैक, ब्रिज एवं उसकी मैपिंग को देखा। इस दौरान संरक्षा आयुक्त ने कई जगहों पर अपने सामने ही रेल पटरियों की नापजोख कराई।

रेलवे ब्रिज के स्पान व सिलपरा स्टेशन के क्रॉसओवर, टर्न आउट, क्रॉसिंग, चेक रेल, टर्नआउट गेज और रेलखंड पर बने लेवल क्रासिंगों को भी निरीक्षण के दौरान देखा। सीआरएस अरोरा ने स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य के मॉडल एवं ले-आउट प्लान के पहलुओं का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों ने रेल लाइन, ब्रिज, एसईजे, हाइड गेज, समपार फाटक, टर्नआउट, ट्रैक फॉरमेशन एवं स्टेशन, आधारभूत संरचनाओं, के विकास की कार्ययोजना के संदर्भ में हो रहे कार्यों के बारे में सीआरएस को अवगत कराया गया। इस दौरान सीआरएस के साथ पमरे मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) मनोज कुमार अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक विवेक शील, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजेश शर्मा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) जयप्रकाश सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (संचालन) प्रिंस विक्रम, सीनियर डीएसटीइ विवेक गुप्ता, सीनियर डीएससी अरुण त्रिपाठी, डिप्टीसीई ब्रिज लाइन एमएल जैन मौजूद रहे।

कई स्थानों पर रुक-रुककर देखा काम

रीवा रेलवे स्टेशन से निरीक्षण प्रारंभ हुआ जो गोविंदगढ़ तक चला। अधिकारियों ने कई स्थानों पर रुक कर तकनीकी एवं अन्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हासिल की। निरीक्षण की सबसे बड़ी चुनौती गोविंदगढ़ स्टेशन की थी, जहां पर किसान धरना दे रहे हैं। बीते सप्ताहभर से आमरण अनशन भी शुरू कर रखा है। किसानों के इस धरना-प्रदर्शन के चलते निरीक्षण के दौरान किसी तरह का उपद्रव नहीं हो, इसके लिए जिला दंडाधिकारी ने धारा 144 लागू कर दिया था। इस वजह से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। गोविंदगढ़ स्टेशन तक पहुंचने के मार्गों पर बेरिकेडिंग की गई थी। साथ ही वहां पर पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मार्ग से किसानों को प्रवेश ही नहीं दिया गया। जिसके चलते स्टेशन परिसर में धरना स्थल पर अधिक संख्या में किसान एक जुट नहीं हो पाए।

निरीक्षण के दौरान करते रहे नारेबाजी

जिस दौरान रेलवे के अधिकारी निरीक्षण कर रहे थे, उस वक्त गोविंदगढ़ स्टेशन में धरना दे रहे किसान नारेबाजी भी कर रहे थे। इनकी मांग भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा के साथ नौकरी देने की है। इस दौरान में जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, शिवसेना के विवेक पांडेय, विकास अग्निहोत्री, रामायण शर्मा, राजेंद्र शर्मा, त्रयंबकेश्वर पांडेय, रमेश शुक्ला, सुशील सिंह, रणजीत सिंह बडख़रा, आशा सिंह, लीला देवी पांडेय, रईस पांडेय, हीरा सिंह, प्रवीण पांडेय सीधी, राघवेंद्र मिश्रा के साथ ही पन्ना एवं सतना सहित अन्य जिलों के भी कई किसान मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान स्टेशन परिसर के आसपास ही रोके गए। CSR के दौरान पूरे ट्रायल रूट में पुलिस बल मौजूद रहा।

हमने रीवा से गोविंदगढ़ तक का निरीक्षण किया है। जहां कुछ काम होना है वहां अधिकारियों को बताया गया है। किसानों के धरना-प्रदर्शन का मामला हमारे अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। हमारे पास जानकारी आने पर संबंधित अधिकारी को मैं सूचित कर सकता हूं। - मनोज अरोरा, संरक्षा आयुक्त मध्य क्षेत्र मुंबई
किसान शांतिपूर्ण आमरण अनशन कर रहे हैं। हम नौकरी की मांग कर रहे हैं, इसे पूरी कर दे रेलवे तो तत्काल हट जाएंगे। धारा 144 हो या फिर अन्य बल प्रयोग के दम पर किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। दूसरे जिलों से आए किसानों को धरना स्थल तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। प्रशासन का यह कदम उचित नहीं है। - महेन्द्र पांडेय, संयोजक रेलवे संघर्ष समिति गोविंदगढ़
Next Story