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रीवा में है पर्यटन की अपार संभावना, घूमने फिरने के साथ मिलेगी ऐतिहासिक जानकारी

किसी जमाने में रीवा राजघराने का साम्राज्य वर्तमान के कई जिलों को समेटे हुए था। विंध्य क्षेत्र का रीवा आज भी कई विरासतों को संजोए हुए हैं। रीवा जिले में आज भी बौद्ध स्मारक के स्तूप देउर कोठार मौजूद है। भैरव बाबा का मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, वेंकट भवन तथा देवतालाब शिव मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल हैं। वर्तमान समय में रीवा के समीप स्थित मुकुंदपुर टाइगर सफारी सहज ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। गोविंदगढ़ का किला और गोविंदगढ़ तालाब रीवा की भव्यता पर चार चांद लगा रहे हैं। वहीं गोविंदगढ़ में पाया जाने वाला सुंदरजा आम भारत के बड़े-बड़े शहरों में विख्यात है तो वही विदेशों में भी इसकी मांग बताई जा रही है।
टाइगर सफारी
कहने को यह सतना जिले में स्थापित है। लेकिन इस टाइगर सफारी का संबंध रीवा जिले के राजघराने से जुड़ा हुआ है। सफेद शेर रीवा राजघराने के महाराजा द्वारा पकड़ा गया। उसे संरक्षित किया गया। आज सफेद शेर की यह नस्ल विदेशों में भी मौजूद है। एक समय ऐसा आया जब दुनिया को सफेद शेर देने वाले रीवा मे ही शेर नहीं रह गया। लेकिन एक बार फिर सार्थक प्रयास की वजह से मुकुंदपुर टाइगर सफारी में सफेद बाघ का दीदार लोग कर सकते हैं।
सफारी के पर्यटकों को लुभाएगा गोविंदगढ़
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि रीवा का गोविंदगढ़ तालाब और किला पर्यटकों को अपनी ओर लोग आएगा। यह उन पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा जो टाइगर सफारी आएंगे।
टाइगर सफारी आने के बाद पर्यटक अवश्य ही गोविंद नगर का वह स्थल देखना चाहेंगे जहां पर पहले सफेद बाघ को पकड़ कर रखा गया था। साथ ही वह तालाब जिस के संबंध में कहा जाता है कि यह मानव निर्मित है। किसी सागर की भांति दिखने वाला यह तालाब बहुत ही मनोरम दिखता है।
आने वाले पर्यटकों को पता चलेगा कि दुनिया का बेहतरीन आम सुंदरजा इसी गोविंदगढ़ में पैदा होता है। इस आम की खासियत इसकी मिठास, इसकी सुगंध और इसकी बनावट है। कहते हैं कि जो भी एक बार सुंदरजा आम को चख लेता है वह इसका स्वाद जीवन भर नहीं भूलता।
आम के शौकीन लोग सुंदरजा को बेहद पसंद करते हैं। मुंबई जैसे शहर में बड़े-बड़े सेठ सुंदरजा आम की मुंह मांगी कीमत देने के लिए तैयार रहते हैं। अगर किसी वर्ष आम की पैदावार कम हुई और कीमत ज्यादा हो गई उसके बाद भी सुंदरजा की डिमांड कभी कम नहीं होती।
कलेक्टर कर चुके हैं निरीक्षण
जिला कलेक्टर मनोज पुष्प अपने जिले के भ्रमण के पश्चात कई बार कह चुके हैं कि यहां पर्यटन की अभूतपूर्व संभावना है। कलेक्टर द्वारा रीवा जिले में मौजूद पर्यटन स्थलों को विकसित करने पूरा प्रयास किया जा रहा है।




