रीवा

नर्सों ने कहा हाईकोर्ट के सम्मान में हड़ताल वापस लिया, अब सरकार भी करे सम्मान

Sandeep Tiwari
7 July 2021 10:46 PM GMT
नर्सों ने कहा हाईकोर्ट के सम्मान में हड़ताल वापस लिया, अब सरकार भी करे सम्मान
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नर्सिंग एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर में चल रहा आंदोलन हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वापस ले लिया गया है। रीवा नर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका तिवारी ने कहा प्रदेश अध्यक्ष रेखा परमार के निर्देश पर हड़ताल वापस लिया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने हाईकोर्ट के सम्मन के हड़ताल वापस लिया है। हड़ताल वापस लेने के बाद अब सरकार की बारी है कि वह भी हाईकोर्ट के दिये निर्देशां का पालन करे और दिये गये समय में मागों को पूरा किया जाय। 

नर्सिंग एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेश भर में चल रहा आंदोलन हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वापस ले लिया गया है। रीवा नर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका तिवारी ने कहा प्रदेश अध्यक्ष रेखा परमार के निर्देश पर हड़ताल वापस लिया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने हाईकोर्ट के सम्मन के हड़ताल वापस लिया है। हड़ताल वापस लेने के बाद अब सरकार की बारी है कि वह भी हाईकोर्ट के दिये निर्देशां का पालन करे और दिये गये समय में मागों को पूरा किया जाय।

8वें दिन खत्म हुआ आंदोलन

विगत 8 दिनों से चला आ रहा नर्सों का अनिश्चितकालीन आंदोलन आज समाप्त हो गया। 8 जुलाई को सभी नर्स काम पर लौंटेंगी। नर्सों का आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार ने अपने कई हथकंडे अपनाए लेकिन असफल रहा। काम पर लौटने का अल्टीमेटम भी दिया गया। अन्यथा काम से निकाल देने की धमकी भी दी गई। वहीं कई जगह हास्टल खाली करवाने के लिए भी कहा गया।

हाईकोर्ट ने कहा

बुधवार के दिन दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय दिया। हाईकोर्ट ने बीच का रास्ता निकालते हुए नर्सों को काम पर लौटने के लिए कहा। वहीं नर्सों की मांगों पर व्यवस्था देते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को साफ शब्दों मे कहा है कि 60 दिन के अंदर शासन प्रशान नर्सिग एसोसिएशन से बात कर सरकार को रिर्पोट सौंपे। फिर सरकार 30 दिन के अंदर मांगो के सम्बंध में निर्णय ले। 90 दिन मे पूरे प्रकरण को निबटाना है।

नर्सों की मांग पर एक नजर

जानकारी के अनुसार नर्स काफी समय से अपनी मागों को लेकर सरकार को सचेत कर चुकी है। लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दी गई। नर्सों ने अपनी मांग में कहा है कि ग्रेड पे, इंक्रीमेंट, नाइट अलाउंस बढ़ाया जाय। वही नर्सों की मांग है कि नर्सों का पदनाम बदला जाय। नर्सो का कहना है कि केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में नर्सेज ऑफिसर के नाम से इन्हें जाना जाता है। अन्य राज्यों की भांति नर्सों को सेकेंड ग्रेड का दर्जा दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना लागू की जाय। कोरोना काल में जान गवाने वाली नर्स के परिजनों को अनुकंपा नियुति दी जाया तथा 15 अगस्त को कोरोना योद्वा अवार्ड से सम्मनित किया जाय।

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