रीवा

रीवा में CORONAVIRUS का असर; बाज़ार, दफ्तर सब खाली

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:45 AM IST
रीवा में CORONAVIRUS का असर; बाज़ार, दफ्तर सब खाली
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रीवा। कोरोना समूह का वायरस COVID-19 जिस तरह से पूरी दुनिया को अपने आगोश में ले रहा है, उसका असर रीवा में भी दिखने लगा है. रीवा में भी लोग भीड़

रीवा। कोरोना समूह का वायरस COVID-19 जिस तरह से पूरी दुनिया को अपने आगोश में ले रहा है, उसका असर रीवा में भी दिखने लगा है. रीवा में भी लोग भीड़ भड़ाके वाली जगहों में जाने से परहेज कर रहें है. हांलाकि ये बेहद जरूरी है कि इस खतरनाक महामारी से सुरक्षा बरती जाए, जिसके लिए कई सावधानिया बरतनी होगी. हांलाकि रीवा में अभी तक कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है, जबकि 533 संदिग्धों की जांच की जा चुकी है.

बता दें शासन के आदेशानुसार जिम, पार्क, कोचिंग सेण्टर से लेकर स्कूल कॉलेज तक सब कुछ कोरोना वायरस के चलते बंद करा दिए गए हैं. इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने भी अधीनस्थ न्यायालयों को 20 मार्च तक सिर्फ जरूरी एवं 2020 में दर्ज केसों में सुनवाई करने का फरमान भेजा है. इस वजह से शिल्पी प्लाजा, रामगोविंद पैलेस, जिला अदालत, कलेट्रेट कार्यालय जैसी बेहद भीड़ वाले जगह पर लोगों का आना जाना कम हो रहा है. वहीँ ऐतिहातन लोग भी अपना चेकउप कराते नजर आ रहें है. इसके साथ ही प्रशासन कोरोना वायरस से लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक कर रहा है.

  • जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.
  • संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
  • अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.
  • ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
  • चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फेस मास्क इससे प्रभावी सुरक्षा प्रदान नहीं करते.

कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव

कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

  • इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.
  • वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है. हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.
  • कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है.
  • बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है.

कितना घातक है कोरोना वायरस?

  • कोरोना वायरस के संक्रमण के आँकड़ों की तुलना में मरने वालों की संख्या को देखा जाए तो ये बेहद कम हैं. हालांकि इन आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन आंकड़ों की मानें तो संक्रमण होने पर मृत्यु की दर केवल एक से दो फ़ीसदी हो सकती है.
  • फ़िलहाल कई देशों में इससे संक्रमित हज़ारों लोगों का इलाज चल रहा है और मरने वालों का आँकड़ा बढ़ भी सकता है.
  • 56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि -
  • 6 फ़ीसदी लोग इस वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए. इनमें फेफड़े फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम था.
  • 14 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण देखे गए. इनमें सांस लेने में दिक्क़त और जल्दी-जल्दी सांस लेने जैसी समस्या हुई.
  • 80 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण देखे गए, जैसे बुखार और खांसी. कइयों में इसके कारण निमोनिया भी देखा गया.

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