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रीवा में मॉडल रोड के लिए तोड़ दी मंदिर, अब नवीन निर्माण के दौरान छोटा और अव्यवस्थित बनाया जा रहा, लोगों में आक्रोश

RewaRiyasat.Com
रीवा रियासत डिजिटल
10 Jun 2021

रीवा. रीवा शहर में चोरहटा से लेकर रतहरा तक केंद्र सरकार द्वारा मॉडल रोड (Chorahata to Ratahara Model Road, Rewa) का निर्माण कराया जा रहा है. इस मार्ग का चौड़ीकरण भी कराया जा रहा है. जिसकी परिधि में पड़रा के पास दीनदयाल धाम में स्थित एक प्राचीन मंदिर भी आ रहा है. जिसे विस्थापित कर नवीन मंदिर कर निर्माण ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है. लेकिन लोगों का आरोप है कि 10x10 में बनी इस हनुमान मंदिर को तोड़कर उसे अब 5 से 6 फिट की बनाई जा रही है. इसे लेकर स्थानियों में काफी आक्रोश है. 

स्थानियों का कहना है कि विकास और मार्ग के चौड़ीकरण के लिए मंदिर को विस्थापित करना जरूरी है ये तो समझ आता है. लेकिन जिस मन्दिर में पहले 5 लोग आराम से बैठकर मानस, सुंदरकांड, पूजा आदि कर लेते थे. उसको इन लोगो ने मिलकर इतना छोटा कर दिया है जैसे एक आदमी के लिये कोई गोमती बनाई गई हो साथ ही उसको फिर से बनने वाली रोड की पट्टी से सटा दिया है.

एक तरह से सनातन धर्म, बजरंगबली व उनके भक्तों का अपमान किया जा रहा है. ऐसे में तो भविष्य में फिर नाले की खुदाई हो सकती है, कोई पाइप लाइन जा सकती है, रोड किनारे पेंड़ लगाये जायेगे तब भी इसके टूटने की संभावना बनी रहेगी और तेज रफ्तार वाले वाहनो से टूटने का डर, आमजन को जान का खतरा तो हमेंशा बना रहेगा. 

लोगों का कहना है कि जल्दबाजी में सिर्फ नींव डाली गई है अभी ज्यादा काम नही हुआ. इसलिए इसे 10 फुट पीछे करके इसकी पहले की साइज में बनाया जाये और इसका मुख्य द्वार रोड की तरफ उत्तर दिशा में न करके पश्चिम दिशा की तरफ़ किया जाना चाहिए. जिससे बिना डर के पूजा की जा सके.

जिस तरह AG कालेज मोड़ पर हनुमान जी का मंदिर का मुख्य द्वार है. मंदिर रोड की ऊँचाई से बनाई बने, जिससे पानी का भराव न हो, मंदिर निर्माण की 5 लोगो की समिति बने, भले ही सिप्पल किन्तु निर्माण पूर्व मंदिर का डिजाइन बने. व्यवस्थित भूमि पूजन हो और फिर निर्माण के बाद पूजन के साथ मूर्ति स्थापना हो.

सामाजिक कार्यकर्ता बृजेश गौतम ने बताया कि दुःख इस बात का है कि यही स्थल किसी अन्य धार्मिक संगठन या मजहब का होता तो ये सब ऐसे चुपचाप नही किया जा सकता था, न किसी ठेकेदार की हिम्मत पड़ती. लेकिन सनातनः परंपरा वाले लोग चुप रहने के आदी हो चुके हैं और कुछ अपने ही समाज के लोग स्वतः इसे समर्थन कर देते हैं. हम लोग रोड और मन्दिर विस्थापित करने विरुद्ध नही है. लेकिन ऐसे अपमान के विरुद्ध हैं.

रीवा में मॉडल रोड के लिए तोड़ दी मंदिर, अब नवीन निर्माण के दौरान छोटा बनाया जा रहा धर्मस्थल, लोगों में आक्रोश

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