
- Home
- /
- मध्यप्रदेश
- /
- रीवा
- /
- किसान धरना स्थल में...
किसान धरना स्थल में बजी शहनाई, हुआ विवाह, वर-वधू ने भी कृषि बिल का किया विरोध : REWA NEWS

रीवा। शहर के करहिया मंडी में किसान आंदोलन के बीच धरना स्थल पर गुरूवार को शहनाई बजी और वर-वधू ने एक दूसरे को माला पहना कर जहां परिणय सूत्र में बधे है वही सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध करते हुये किसान हित में कानून वापस लेने की मांग उठाई है। सादे समारोह के बीच विवाह की रस्म धरना स्थल पर पूरी करवाई गई।
किसान के पुत्र है वर-वधू
दिल्ली आंदोलन के समर्थन में करहिया मंडी रीवा में 75 वें दिन धरना जारी रहा। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश किसान सभा के महासचिव रामजीत सिंह ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए धरना स्थल करहिया मंडी रीवा से अपने पुत्र सचिन सिंह निवासी बिहरा का वैवाहिक संस्कार करने का निर्णय लिया, जहां विष्णुकांत सिंह निवासी छिरहटा की पुत्री आसमा सिंह के साथ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले संविधान की शपथ दिलाई जाकर वैवाहिक संस्कार संपन्न कराया गया।
वर-वधु की इच्छा से हुआ विवाह
देश में शायद यह पहली आनोखी शादी मानी जा रही है जब सरकार के निर्णय का विरोध करते हुये वर-वधु ने धरना स्थल पर विवाह करने का फैसला लिया और विवाह की रस्म के साथ संविधान को शपथ ली। बताया जा रहा है कि लड़का-लड़की ने प्रबल इच्छा जाहिर की थी कि धरना स्थल से ही शादी करेंगे।
कुरीतियों का भी विरोध
लड़के के पिता रामजीत सिंह का कहना है कि हम इस आयोजन से सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि बिना बिल वापसी आंदोलन से नहीं हटेंगे, डटे रहेंगे और जो भी किसानों के पारिवारिक कार्यक्रम होंगे वे सभी धरना स्थल से ही होंगे। हम यह भी संदेश देना चाहते हैं कि सरकार से तो लड़ ही रहे हैं साथ ही कुरीतियों से भी हमें लड़ना है क्योंकि कुरीतियों से भारतीय समाज का व्यापक नुकसान हो रहा है। इस दौरान वर-वधु के परिजनों ने घोषणा की है कि शादी में वर वधु को भेंट स्वरूप जो राशि प्राप्त हुई है वह आगे आंदोलन चलाने में उपयोग की जाएगी।
वर-वधु ने बिल का किया विरोध
विवाह के बाद वर-वधु ने धरना स्थल से निकाली गई रैली में शामिल होकर किसान बिल का विरोध किये। उनका कहना है कि सरकार किसानों यह काला कानून वापस ले। ज्ञात हो कि इसके पूर्व मोर्चा के जिला संरक्षक शिव सिंह ने अपना जन्मदिन धरना स्थल पर मनाया था। किसान संगठन के लोग अब अपना आयोजन करहिया मंडी के अंदर धरना स्थल पर ही मना रहे है।




