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सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव: किंग मेकर बनें अभय मिश्र, कांग्रेस प्रत्याशी 746 वोटों से जीती; केपी त्रिपाठी के हाथ लगी मायूसी | Rewa News

- सेमरिया नगर परिषद के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत
- बीजेपी प्रत्याशी को 746 वोटों से मिली हार
- नई व्यवस्था में जनता ने सीधे अध्यक्ष चुना
- पद्मा रोहिणी कुशवाहा ने जीत को जनता की जीत बताया
रीवा जिले की सेमरिया नगर परिषद में हुए उपचुनाव के नतीजों ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पहली बार लागू हुए नए कानून के तहत जनता ने सीधे नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव किया — और इस मुकाबले में कांग्रेस ने बाजी मार ली, जबकि बीजेपी को करारा झटका लगा।
कांग्रेस प्रत्याशी ने 746 वोटों से दर्ज की जीत
उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार पद्मा रोहिणी कुशवाहा ने निर्णायक बढ़त बनाई और बीजेपी के प्रत्याशी को 746 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद अपने नाम किया। इससे पहले यह सीट बीजेपी के पास थी, इसलिए नतीजे को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर — जनता ने बदला समीकरण
चुनाव केवल एक पद का नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का भी था। कांग्रेस नेता और विधायक अभय मिश्रा तथा भाजपा के पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए जोरदार प्रचार किया। इसके बावजूद जनता का फैसला कांग्रेस के पक्ष में गया, जिसने स्थानीय समीकरणों को नया मोड़ दे दिया।
जीत के बाद पद्मा रोहिणी कुशवाहा का पहला बयान
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि यह जीत किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि सेमरिया की जनता की जीत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी प्राथमिकता पारदर्शी प्रशासन, समावेशी विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर रहेगी।
उन्होंने साफ कहा कि नगर में स्वच्छता, पेयजल, सड़क सुधार, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने की बात भी कही।
सीधे चुनाव से बढ़ी जवाबदेही
नई व्यवस्था के तहत अब नगर परिषद अध्यक्ष को सीधे जनता चुन रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इससे न केवल उम्मीदें बढ़ती हैं, बल्कि जवाबदेही भी मजबूत होती है। सेमरिया का परिणाम आने वाले समय में आसपास के क्षेत्रों के लिए भी संकेत माना जा रहा है।
बीजेपी के लिए क्या संदेश?
यह सीट पहले बीजेपी के पास थी। ऐसे में कांग्रेस की यह जीत स्थानीय स्तर पर पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है, जबकि भाजपा के लिए यह नतीजा चिंतन का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जनता ने विकास और स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट संदेश दिया है।
FAQs — सेमरिया नगर परिषद चुनाव
अध्यक्ष का चुनाव कैसे हुआ?
नई व्यवस्था में जनता सीधे मतदान कर अध्यक्ष चुनती है।
कितने वोटों से जीत मिली?
कांग्रेस प्रत्याशी ने बीजेपी उम्मीदवार को लगभग 746 वोटों से हराया।
इस जीत का राजनीतिक असर?
यह परिणाम कांग्रेस के लिए बड़ा उत्साह और भाजपा के लिए चेतावनी का संकेत माना जा रहा है।




