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रीवा के किसानों के लिए बड़ी खबर: MSP पर गेहूं बेचने हेतु पंजीयन 7 फरवरी से, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगी खरीदी

- रीवा में गेहूं MSP पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक
- एमपी किसान ऐप और ई-उपार्जन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन संभव
- आधार से लिंक बैंक खाता और खसरा विवरण अनिवार्य
- बिना पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होगी
रीवा जिले के किसानों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई है यह सूचना। समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों का पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा, जो 7 मार्च तक चलेगा। जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश तांडेकर ने बताया कि किसान एमपी किसान ऐप, ई-उपार्जन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल पंजीकृत किसानों से ही समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जाएगा। यानी, यदि आपने तय समय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो आपकी फसल सरकारी केंद्रों पर MSP पर नहीं बिक पाएगी। यही कारण है कि जिले के हर गांव में किसानों को समय रहते पंजीयन कराने की सलाह दी जा रही है।
क्यों जरूरी है समय पर पंजीयन?
हर वर्ष गेहूं खरीदी के दौरान सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि कई किसान अंतिम समय में पंजीकरण कराने पहुंचते हैं। इससे तकनीकी दिक्कतें, दस्तावेजों की कमी और सत्यापन में देरी होती है। इस बार प्रशासन ने पहले ही बता दिया है कि आधार से लिंक बैंक खाता और खसरा विवरण अनिवार्य होंगे। समय रहते पंजीयन कराने से भुगतान में देरी नहीं होगी और किसान सीधे DBT के माध्यम से अपने खाते में पैसा प्राप्त कर सकेंगे।
जिले के सभी प्रस्तावित खरीदी केंद्रों पर पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत कार्यालयों और सुविधा केंद्रों पर निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि दूर-दराज के किसान भी बिना खर्च के अपना नाम दर्ज करा सकें।
किसानों के लिए क्या बदलेगा इस बार?
इस बार खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर है। ई-उपार्जन सिस्टम के जरिए किसान अपनी जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। इससे बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी और किसान को उसकी फसल का सही मूल्य समय पर मिल सकेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर पात्र किसान तक MSP का लाभ पहुंचे।
एमपी उपार्जन- पंजीकरण की प्रक्रिया (Steps to Register)
1. स्वयं द्वारा (ऑनलाइन)
- MP किसान ऐप: गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें, ‘फसल घोषणा/पंजीकरण’ चुनें
- ई-उपार्जन पोर्टल: ‘किसान पंजीयन/आवेदन सर्च’ लिंक पर क्लिक करें
2. निःशुल्क केंद्र
- ग्राम पंचायत कार्यालय
- जनपद पंचायत कार्यालय
- तहसील कार्यालय
- पूर्व निर्धारित सरकारी खरीदी केंद्र
3. सशुल्क केंद्र (₹50 तक)
- एमपी ऑनलाइन कियोस्क
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- लोक सेवा केंद्र
सत्यापन कैसे होगा और भुगतान कब मिलेगा?
पंजीकरण के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है सत्यापन। प्रशासन के अनुसार, हर किसान की भूमि और फसल का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। यह कार्य मुख्य रूप से पटवारी के माध्यम से होगा, जो आपके दिए गए खसरा विवरण और फसल की जानकारी की जांच करेगा। यदि दस्तावेज सही पाए गए, तो आपका पंजीकरण अंतिम रूप से मान्य हो जाएगा।
सत्यापन पूरा होते ही किसान को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक पावती संख्या (Registration ID) प्राप्त होगी। यह नंबर आगे चलकर खरीदी केंद्र पर आपकी पहचान बनेगा। इसी के आधार पर आपकी तौल, एंट्री और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए इस संदेश को संभालकर रखना बेहद जरूरी है।
भुगतान की बात करें तो सरकार की योजना के अनुसार गेहूं खरीदी के बाद राशि सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी। यदि खाता निष्क्रिय है या आधार से लिंक नहीं है, तो भुगतान अटक सकता है। इसलिए किसान पहले ही अपने बैंक खाते की स्थिति की जांच कर लें।
किसानों के लिए प्रशासन की सलाह
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। समय रहते पंजीयन कराने से न केवल तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकेगा, बल्कि खरीदी के समय भीड़ और अव्यवस्था से भी राहत मिलेगी। जिन किसानों के दस्तावेज अधूरे हैं, वे अभी से उन्हें अपडेट करा लें।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की समस्या आती है। ऐसे में निःशुल्क केंद्रों का लाभ उठाना बेहतर विकल्प है। ग्राम पंचायत, जनपद कार्यालय और सरकारी खरीदी केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मचारी किसानों की मदद करेंगे, ताकि किसी को भी प्रक्रिया समझने में परेशानी न हो।
महत्वपूर्ण बातें
- पंजीकरण के बाद भूमि और फसल का सत्यापन पटवारी द्वारा होगा
- सफल पंजीकरण पर SMS से Registration ID मिलेगी
- बैंक खाता आधार से लिंक और सक्रिय होना अनिवार्य
- केवल पंजीकृत किसान ही MSP पर गेहूं बेच सकेंगे
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर
- बैंक पासबुक (खाता आधार से लिंक और DBT सक्षम)
- भूमि दस्तावेज: खसरा नंबर / ऋण पुस्तिका
- सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
- पहचान पत्र: मतदाता पहचान पत्र या पैन कार्ड
प्रशासन का लक्ष्य है कि रीवा जिले का कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित न रहे। इसलिए गांव-गांव में सूचना पहुंचाई जा रही है। यदि किसान समय पर पंजीकरण कर लेते हैं, तो खरीदी के दौरान अनावश्यक भागदौड़, एजेंटों पर निर्भरता और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य है कि किसान अपनी मेहनत की फसल उचित मूल्य पर, बिना किसी बिचौलिए के, सीधे सरकार को बेच सकें। MSP खरीदी का यही मूल मकसद है—किसान की आय में स्थिरता और भरोसा।
रीवा में खरीदी केंद्र कैसे करेंगे काम?
रीवा जिले में इस बार गेहूं खरीदी को सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर तहसील में कई खरीदी केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इन केंद्रों पर केवल वही किसान गेहूं बेच सकेंगे, जिनका पंजीकरण और सत्यापन पूरा हो चुका होगा। केंद्र पर किसान को अपनी Registration ID दिखानी होगी, जिसके बाद उसकी फसल की तौल की जाएगी और ऑनलाइन एंट्री होगी।
प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी किसान को घंटों लाइन में न खड़ा होना पड़े। इसके लिए स्लॉट सिस्टम और डिजिटल एंट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसान को यह भरोसा मिलेगा कि उसकी उपज का सही मूल्य उसे समय पर मिलेगा।
रीवा जिले के प्रमुख खरीदी केंद्र (तहसीलवार)
किसान अपने नजदीकी केंद्र पर ही गेहूं लेकर पहुंचें। नीचे तहसीलवार प्रमुख केंद्र दिए गए हैं:
मऊगंज – झलवार, मऊगंज, पाड़र, पन्नी, सीतापुर, नौढ़िया, लौर, पहाड़ी नृपत सिंह
हनुमना – खटखरी, बन्ना, कैलाशपुर, बिछरहटा, मिसिरगवां, पिपराही, हर्दी, हनुमना, हटवा, अटरिया, गहबरा
सिरमौर – कदैला, मझियार, हिनौती, तिलखन, भेड़रहा कैप, भटवा, डेल्ही, देवास
त्योंथर – ढखरा, मंडी चाक, मांगी, पड़री, रायपुर, सोहागी, सोनौरी, त्योंथर, अतरैला
रायपुर कर्चुलियान – व्यौहरा, मनिकवार, पड़रिया, रायपुर कर्चुलियान, उमरी, लक्ष्मणपुर
मनगवां – बांस, मनगवां, डेल्ही, गंगेव, क्योटी
सेमरिया – वीरखाम, खड्डा, बीड़ा, बड़ागांव, तिघरा, हरदुआ, भमरा, सेमरिया मंडी
जवा – साइलोवेदगवां (विभिन्न केंद्र), जवा
नईगढ़ी – खर्रा, बंधवा, बहुती, बन्नई, कोट, कटरा, नईगढ़ी, लौरीगढ़
गुढ़ – पांती, महसांव, बदवार, दुआरी, गुढ़, भैरवबाबा वेयर हाउस
FAQs: किसानों के सवाल-जवाब
पंजीकरण की अंतिम तारीख क्या है?
किसानों का पंजीकरण 7 फरवरी से 7 मार्च तक किया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं होंगे।
क्या बिना पंजीकरण गेहूं बेच सकते हैं?
नहीं, केवल पंजीकृत किसान ही समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे।
भुगतान कितने दिनों में मिलेगा?
खरीदी के बाद राशि सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी। सामान्यतः कुछ कार्यदिवसों में भुगतान हो जाता है।
अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो?
ऐसे में भुगतान अटक सकता है। किसान तुरंत अपने बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाता सक्रिय कराएं।
किसी समस्या पर कहां संपर्क करें?
किसान अपने ग्राम पंचायत, जनपद कार्यालय या नजदीकी खरीदी केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं। वहां पंजीकरण और सत्यापन से जुड़ी हर सहायता मिलेगी।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




