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रीवा में नदी-नाले ऊफान पर: तेजी से बढ़ रहा बाण सागर बांध का जलस्तर, बकिया बराज के 13 गेट खोले गए; ईको पार्क के लेवल पर आया बीहर का पानी

रीवा. लगातार बारिश से बाण सागर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. 24 घंटे में डेढ़ मीटर जलस्तर बढ़ गया. 338.80 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया है. अब सिर्फ 3 मीटर के करीब ही बांध खाली है.
ज्ञात हो कि तीन दिनों से रीवा सहित विंध्य में लगातार बारिश हो रही है. इससे नदी, नाले तक उफान पर हैं. बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. बकिया और बीहर के कई गेट खुल गए हैं. शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी रहा. सबसे अधिक तेजी से बाण सागर बांध का जलस्तर बढ़ रहा है. गुरुवार को जहां बाण सागर बांध का जलस्तर 337.34 मीटर ही था. वह शुक्रवार को 338.80 मीटर तक पहुंच गया. करीब डेढ़ मीटर पानी पहुंचा. आसपास के जिलों में जोरदार बारिश होने से बाण सागर बांध में पानी की आवाज ज्यादा हो रही है. इससे इसके अब भरने की संभावनाएं बढ़ गई हैं. अब बांध सिर्फ 2.80 मीटर के करीब ही खाली रह गया है. अभी बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं. मौसम विभाग ने भी संभावनाएं व्यक्त की है. ऐसे में उम्मीद है कि बांध चंद दिनों में लबालब हो जाएगा.
डिस्चार्ज बढ़ाया गया
शुक्रवार को बकिया बराज के गेट तो ज्यादा नहीं खुले लेकिन इनका डिस्चार्ज जरूर बढ़ा दिया गया है. बकिया बराज के 13 गेट अभी भी खुले हुए हैं. सभी 50-50 सेंटी मीटर तक खोले गए हैं. वहीं पानी का डिस्चार्ज 1081.60 क्यूसेक है. इसी तरह बीहर बराज के 17 गेट खुले हैं. इसमें 3 गेट 2-2 मीटर, 6 गेट 50-50 सेंटीमीटर, 8 गेट 25-25 सेंटीमीटर खोले गए हैं. वहीं पानी का डिस्चार्ज 327.38 क्यूसेक ही है.
अब तक 406.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
जिले में पिछले तीन दिनों से अच्छी वर्षा का क्रम जारी है. जिले में 4 अगस्त को 41.2 मिमी मीटर औसत वर्षा दर्ज की गयी है. सर्वाधिक 90 मिमी वर्षा सेमरिया तहसील मंज दर्ज की गयी. अभी भी वर्षा क्रम जारी है. जिले के नदी-नालों तथा तालाबों के जल स्तर में वृद्धि हो रही है. अच्छी वर्षा से धान की रोपाई में तेजी आई है. अधिकांश क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण धान की रोपाई में कठिनाई आ रही थी. इस संबंध में अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया कि जिले में एक जून से अब तक कुल 406.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. गत वर्ष इसी अवधि में जिले में 266.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी. जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1044.6 मिलीमीटर है.
4 अगस्त 2023 को बांधो के जलभराव की स्थिति (मीटर में)
| बांध | अधिकतम | जलस्तर | गेट खुले |
| बकिया बराज | 280.50 | 279.70 | 13 |
| बीहर बराज | 280.00 | 279.40 | 17 |
| देवलौंद | 341.64 | 338.80 | 00 |
बीहर टापू पर बन रहे ईको पार्क के लेवल पर आया पानी, डूबने का खतरा
बीहर टापू पर बन रहा एडवेंचर पार्क डूबने की कगार पर पहुंच गया है. टापू के लेबल तक पानी पहुंच गया है. बीहर का जलस्तर बढ़ रहा है. यदि और बारिश हुई तो टापू पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा. बीहर का रौद्र रूप देकर फिर लोगों में भय व्याप्त है.
ज्ञात हो कि बीहर नदी के टापू पर और पुराना आरटीओ की जमीन पर ईको पार्क का निर्माण किया जा रहा है. इसका ठेका रीवा ईको लाइजर प्राइवेट लिमिटेड मुम्बई को सौंपा गया है. करीब 25 करोड़ रुपए का काम होना है. यह पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर चल रहा है. काफी कापी पुराना है. 7 सालों से काम हो रहा है लेकिन अब तक तैयार नहीं हो पाया सारे काम जून तक फाइनल करना था लेकिन प्रोजेक्ट अधूरा है. समय पर कंपनी काम नहीं खत्म कर पाई. ईको पार्क के काम पूरा होने के पहले ही अब फिर इस पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. वर्ष 2016 में भी बाढ़ ने ईको पार्क का झूलता हुआ पुल वहा लिया था सब को तहस नहस कर दिया था. अब फिर से वही हालात बन रहे हैं. बीहर का जल स्तर अब टापू के लेबल पर पहुंच गया है. टापू को चारों तरफ से पत्थर की दीवार खड़ी कर सुरक्षित तो किया गया है लेकिन इसके क्षतिग्रस्त होने की खतरा मंडरा रहा है. सारे पेड़ पौधे काट दिए गए हैं. अब ऐसे में टापू का कटाव भी तेजी से हो रहा है. लगातार और बारिश हुई तो यह टापू पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा.
टापू पर काम अभी अधूरा है
ईको पार्क का काफी काम हो गया है. नदी के किनारे ईको पार्क में कैफेटेरिया आदि का काम लगभग पूरा हो गया है. लेकिन टापू के निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. 7 साल इसके निर्माण का काम चल रहा है. अब तक लोगों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है. बीहर टापू को चारों तरफ से बीहर का पानी घेरा हुआ है. इसका नजारा बीहर के उन्नत पुल से देखते ही बन रहा है.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




