रीवा

बिन टोपी के वर्दी और बढ़ी दाढ़ी के साथ मुंह में गुटखा पुलिसकर्मी को पड़ा महंगा, रीवा एसपी ने दी ऐसी सजा...

Aaryan Puneet Dwivedi
19 Sep 2021 10:03 AM GMT
बिन टोपी के वर्दी और बढ़ी दाढ़ी के साथ मुंह में गुटखा पुलिसकर्मी को पड़ा महंगा, रीवा एसपी ने दी ऐसी सजा...
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बाइक पर वर्दी पहनकर बिना टोपी और बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ मुंह में गुटखा भरे हुए एक पुलिस आरक्षक को रीवा एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है.

रीवा. मुंह में गुटखा, बिना टोपी के वर्दी और बढ़ी हुई दाढ़ी एक पुलिस आरक्षक को महंगी पड़ गई. बाइक से जा रहे पुलिस आरक्षक को पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन (Rewa SP Navneet Bhasin) ने रोककर उससे अनुशासनहीनता पर सवाल किया और संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइन हाजिर कर दिया.

रविवार को रीवा एसपी नवनीत भसीन (IPS) गश्त पर निकले हुए थे. गश्त के दौरान वे धोबिया टंकी के पास पहुंचे तो बाइक से जा रहे सिटी कोतवाली में पदस्थ आरक्षक रितेश को रोका. आरक्षक पुलिस की वर्दी में बिना टोपी के था. एसपी ने आरक्षक से टोपी न होने और बढ़ी हुई दाढ़ी के संबंध में पूछा तो उसके मुंह में गुटखा मिला. पुलिसकर्मी के इस आचरण से एसपी नाराज हो गए. उन्होंने आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया.

पुलिसकर्मियों को अनुशासन में रहना होगा: एसपी

एसपी नवनीत भसीन ने रीवा रियासत डॉट कॉम को बताया कि स्वच्छ मानसिकता से जनता की सेवा करने के लिए सबसे पहले पुलिस को स्वच्छ रहना होगा. उन्हें अनुशासन में रहना होगा. टोपी और जूतों को सही तरीके से पहनना, साफ़ और स्वच्छ वर्दी पहनना पुलिसकर्मियों के लिए बेहद जरूरी है. स्वच्छता मन को भी स्वच्छ रखती है, इसलिए जिले के हर पुलिसकर्मी को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि वे अनुशासित रहें और खुद को स्वच्छ रखने के साथ साथ अपने कार्यालय पर भी स्वच्छता रखें.

जनता की मित्र बने पुलिस

पुलिस अधीक्षक ने कहा, कोतवाली में पदस्थ आरक्षक को सजा के तौर पर लाइन अटैच किया गया है. वह अनुशासन का पालन नहीं कर रहा था और मुंह में गुटखा दबाए हुए था. ऐसा बिलकुल नहीं चलेगा. अगर पुलिसकर्मी ही ऐसा कृत्य करेंगे तो आम जनता पर क्या असर पड़ेगा? ऐसे में पुलिस खुद नशे को बढ़ावा देते हुए साबित होगी. आरक्षक को दी गई सजा जिले के हर पुलिसकर्मी के लिए एक संदेश है कि उन्हें अनुशासन में रहना होगा और शराब, सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा जैसे नशों से दूर होना होगा. हर पुलिसकर्मी को जनता का मित्र बनना होगा. पुलिस का भय सिर्फ उन्हें होना चाहिए जो अपराध में लिप्त होते हैं और कानून तोड़ते हैं.

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