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रीवा: सिरमौर चौराहे पर पत्रकार के साथ सरेआम गुंडागर्दी, FIR के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

रीवा। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार सिरमौर चौराहा अब सुरक्षित नहीं रहा। बीते 14 फरवरी की शाम रामगोविंद पैलेस के सामने एक पत्रकार के साथ हुई बर्बर मारपीट और गाली-गलौज की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। मामले में एफआईआर दर्ज हुए 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे स्थानीय मीडिया जगत और आमजन में भारी आक्रोश है।
टक्कर के बाद योजनाबद्ध तरीके से हमला
पीड़ित युवक कुलदीप गुप्ता ने बताया कि घटना उस समय हुई जब वह अपने पिता के साथ कार से जा रहे थे। सिरमौर चौराहे के पास पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मारी। विरोध करने पर देखते ही देखते 6 से 8 अन्य युवक वहां पहुंच गए और कुलदीप को घेर लिया। आरोपियों ने सरेराह गाली-गलौज करते हुए पत्रकार के साथ जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
साक्ष्यों के बावजूद देरी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि घटना शहर के उस केंद्र पर हुई जो सीसीटीवी कैमरों से लैस है। पीड़ित का दावा है कि उसने न केवल घटना का पूरा विवरण, बल्कि हमलावरों की मोटरसाइकिल का नंबर और वाहन मालिक की पहचान भी पुलिस को सौंप दी है। इसके बावजूद, तकनीक और साक्ष्यों के इस युग में पुलिस की 'सुस्त चाल' कई सवाल खड़े कर रही है। क्या अपराधियों को किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है या पुलिस इसे महज एक मामूली विवाद मानकर टाल रही है?
खौफ में परिवार: पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला
कुलदीप गुप्ता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि यह उन पर पहला हमला नहीं है। पिछले वर्ष रीवा कलेक्टर कार्यालय जैसी सुरक्षित जगह के सामने भी उन पर जानलेवा हमला किया गया था। बार-बार निशाना बनाए जाने से पीड़ित और उनका परिवार गहरे मानसिक आघात और भय में है। पीड़ित ने कहा, "हजारों की भीड़ और मेरे वृद्ध पिता के सामने मुझे पीटा गया। अब हम सार्वजनिक स्थानों पर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।"
पुलिस का आश्वासन: "पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे"
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पत्रकारों का दल पीड़ित के साथ अमहिया थाना पहुंचा, तो थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अपराधी चाहे कहीं भी छुप जाएं, उन्हें ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- घटना स्थल: रामगोविंद पैलेस के सामने, सिरमौर चौराहा।
- आरोपी: 6-8 अज्ञात हमलावर (पल्सर सवार मुख्य आरोपी)।
- पुलिस स्टेशन: अमहिया थाना, रीवा।
- स्थिति: घटना के 48 घंटे बाद भी गिरफ्तारी शून्य।
शहर के बीचों-बीच एक पत्रकार और उसके परिवार के साथ हुई इस घटना ने पुलिस की गश्त और 'सजग रीवा' के दावों की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि थाना प्रभारी का आश्वासन कब तक कार्रवाई में तब्दील होता है।




