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रीवा में SIR फॉर्म के नाम पर ठगी: साइबर ठगों की नई चाल पर पुलिस की चेतावनी, OTP–एप डाउनलोड से दूर रहें

🔴 Highlights – Rewa SIR Form Cyber Fraud
- रीवा जिले में SIR फॉर्म के नाम पर ठगी की घटनाएँ बढ़ीं
- साइबर ठग OTP और फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाने की कोशिश में
- पुलिस ने जनहित में एडवाइजरी जारी कर चेताया
- 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करने की अपील
रीवा। जिले में SIR (Special Intensive Revision) फॉर्म के नाम पर साइबर ठगी के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को आधार बनाकर ठग लोगों को फर्जी फोन कर रहे हैं और उनसे OTP मांग रहे हैं या फिर SIR.apk जैसी फर्जी फाइल डाउनलोड करवाने का प्रयास कर रहे हैं। इन घटनाओं के चलते जिला प्रशासन और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ गई है।
ताज़ा मामलों को देखते हुए रीवा पुलिस ने जनहित में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है और नागरिकों को चेताया है कि SIR के नाम पर आने वाले इस प्रकार के कॉल, लिंक या फाइलें ठगी का हिस्सा हैं। लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP न देने की सलाह दी गई है।
ठगों की नई चाल: फर्जी कॉल, OTP की मांग और APK फाइल भेजना
जांच में सामने आया है कि साइबर ठग लोगों को कॉल कर कहते हैं कि वे निर्वाचन विभाग से बात कर रहे हैं और SIR फॉर्म अपडेट करना है। कई मामलों में वे दावा करते हैं कि यदि तुरंत OTP नहीं दिया गया तो नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। घबराए हुए लोग OTP साझा कर बैठते हैं, जिससे ठग उनके बैंक खाते, UPI या सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं।
कुछ मामलों में ठग लोगों को एक संदिग्ध SIR.apk फाइल भेजते हैं, जिसे इंस्टॉल करने पर फोन में वायरस, स्पाइवेयर या डेटा चोरी करने वाले सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल हो जाते हैं। इससे मोबाइल का पूरा डेटा, बैंक लॉगिन, पासवर्ड, गैलरी, व्हाट्सऐप और OTP तक ठगों की पहुंच में आ सकता है।
SIR प्रक्रिया में OTP या ऐप डाउनलोड की कोई आवश्यकता नहीं
पुलिस की एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि SIR प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला नियमित सत्यापन अभियान है। इसमें मतदाताओं के घर-घर जाकर BLO (बूथ स्तर अधिकारी) गणना पत्रक भरते हैं।
इसमें—
✔️ OTP की आवश्यकता नहीं
✔️ किसी भी ऐप या APK डाउनलोड करने की जरूरत नहीं
✔️ किसी लिंक पर क्लिक करने की आवश्यकता नहीं
✔️ BLO कभी भी फोन पर OTP या निजी डेटा नहीं मांगता
इसलिए जो भी व्यक्ति SIR के नाम पर OTP या फाइल मांग रहा है, वह निश्चित रूप से ठग है। नागरिकों से इस प्रकार के किसी भी कॉल को तुरंत काटने की अपील की गई है।
एसपी शैलेंद्र सिंह की चेतावनी— “OTP मांगे तो समझें ठगी है”
रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिले में कुछ लोग SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की कोशिश कर रहे हैं। यदि किसी को भी SIR के नाम पर OTP पूछा जाए, तो वह ठगी का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि—
✔️ किसी के साथ OTP साझा न करें
✔️ किसी प्रकार की ऐप या APK फाइल डाउनलोड न करें
✔️ अनजान लिंक पर क्लिक न करें
✔️ संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें
ऐसी फाइलें कर सकती हैं फोन को हैक
विशेषज्ञों का कहना है कि ठगों द्वारा भेजी जाने वाली SIR.apk फाइलें सामान्य ऐप की तरह दिखती हैं, लेकिन इन्हें इंस्टॉल करते ही फोन में रिमोट एक्सेस मिल जाता है। इसके बाद ठग आपके मोबाइल को दूर से कंट्रोल कर सकते हैं और—
- बैंक/UPI लॉगिन चुरा सकते हैं
- गैलरी व फाइल्स एक्सेस कर सकते हैं
- सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर सकते हैं
- पेमेंट ऐप से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं
- OTP और पासवर्ड पढ़ सकते हैं
पुलिस ने ऐसे किसी भी फाइल या संदिग्ध मैसेज पर तुरंत कार्रवाई करने और उसे हटाने की सलाह दी है।
कहाँ करें शिकायत? 1930 हेल्पलाइन उपलब्ध
पुलिस ने एडवाइजरी में कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ठगी की कोशिश होती है या वह किसी संदिग्ध गतिविधि को नोटिस करता है, तो तुरंत—
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
- www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- नजदीकी थाने में सूचना दें
पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि इस प्रकार की घटनाओं से अपने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी ठगी का शिकार न बने।
सावधानी ही सुरक्षा— पुलिस ने दिए ये महत्वपूर्ण टिप्स
रीवा पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराध से सुरक्षित रहने हेतु कुछ विशेष सुझाव भी दिए हैं—
- OTP किसी भी हाल में साझा न करें
- SIR के नाम पर आए किसी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
- अनजान लिंक या फाइलें तुरंत डिलीट करें
- फोन में एंटीवायरस और स्क्रीन लॉक का उपयोग करें
- बैंक/UPI ऐप के पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
- संदेह हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें
पुलिस का कहना है कि जागरूकता से ही साइबर अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। यदि लोग सावधान रहें तो किसी भी ठगी का प्रयास विफल हो सकता है।
FAQs – Rewa SIR Fraud Alert
क्या SIR प्रक्रिया में OTP की जरूरत होती है?
नहीं, SIR में OTP या कोई ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होती।
यदि SIR के नाम पर कोई OTP मांगे तो क्या करें?
तुरंत कॉल काटें और 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत करें।
फर्जी SIR.apk क्या होता है?
यह ठगों द्वारा भेजी जाने वाली वायरस/स्पाइवेयर फाइल होती है, जिसे इंस्टॉल करने पर मोबाइल डेटा चोरी हो सकता है।
शिकायत कहाँ करें?
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




