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REWA : विंध्य के लोगों के लिए जीवनदायिनी है संजय गांधी अस्पताल

RewaRiyasat.Com
Saroj Kumar Tiwari
29 Apr 2021

रीवा। दो सालों से कोरोना महामारी का दंश देश के साथ ही विंध्यवासी भी झेल रहे हैं। ऐसे हालातों में संजय गांधी अस्पताल विंध्य के लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। जहां महामारी से पीड़ित लोग प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भर्ती हो रहे हैं तो इतने ही लोग स्वस्थ होकर अपने घर भी जा रहे हैं। यह अलग बात है कि महामारी के दौर में कुछ मौतें भी हो रही हैं लेकिन हमें सकारात्मक दृष्टि से देखना चाहिए।

यदि एक-दो मौतें हो रही हैं तो स्वस्थ्य कितने लोग हुए यह भी ज्ञात होना चाहिए। सोचो यदि इस महामारी के दौर में संजय गांधी अस्पताल नहीं होता तो क्या हालात होते, तब आप कहां जाते। आपको कहां ठिकाना मिलता है। हम चाहे कुछ भी कहें लेकिन पूरे विंध्य में यदि किसी तबियत गंभीर हुई तो पहला नाम संजय गांधी अस्पताल का आता है, वहीं लोग स्वस्थ होते हैं फिर बुराई भी करने लगते हैं। हमारी मानसिकता बन गई है कि हम जिस पत्तल में खाते हैं उसी में छेंद भी करने की कोशिश करते हैं।

धन्यवाद करो उस कर्मयोगी का

आप सोचो जबसे संजय गांधी अस्पताल की स्थापना हुई कितने गंभीर से गंभीर लोग स्वस्थ हुए होंगे। जिसकी कोई गणना हमारे पास है। हमें धन्यवाद करना चाहिए उस कर्मयोगी का जिसने ये अनमोल सौगात दी है। लेकिन हमें अच्छाई नहीं दिखती, अनमोल लाभ नहीं दिखते, हमारे जेहन में तो सिर्फ बुराई चलती है। ऐसे-ऐसे लोग हैं कि अस्पताल में जाकर स्वस्थ लाभ ले रहे हैं और जो हमारी मदद कर रहे हैं, हमारा उपचार कर रहे हैं उन्हीं को उल्टा-सीधा कहने से बाज नहीं आते। बोलने की आजादी है तो मतलब जो भी मन में आए बोलते जाओ। वाट्सएप का जमाना है तो जो भी मन में आए लिखते जाओ। कुछ बोलने और लिखने से पहले जरा यह सोच लेना चाहिए कि हमारी क्या हैसियत है, हमने देश और समाज के लिये क्या किया है।

डाक्टरों के अथक प्रयास से स्वस्थ हो रहे मरीज

महामारी का दौर चल रहा है, हम नियमों निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और फिर डाक्टरों और प्रबंधन पर आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। जबकि सच यह है कि डाक्टरों के अथक प्रयास से संजय गांधी अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। महामारी के दौर में कुछ लोग असमय मौत का शिकार भी हो रहे हैं लेकिन इसमें किसी का दोष नहीं रहा है। यह आपदा का दौर है, दोष मढ़ने का नहीं। जो व्यवस्थाएं मिली हैं उन्हें बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें। व्यवस्था बिगड़ने न पाये इस बारे में हमारी सोच होनी चाहिए।

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