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रीवा में निजी स्कूल की शिक्षिका की दरिंदगी, 11 साल के छात्र का सिर फोड़ा | Homework न करने पर बर्बर पिटाई

Aaryan Puneet Dwivedi
22 Dec 2025 11:09 AM IST
रीवा में निजी स्कूल की शिक्षिका की दरिंदगी, 11 साल के छात्र का सिर फोड़ा | Homework न करने पर बर्बर पिटाई
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रीवा के निजी स्कूल में शिक्षिका ने होमवर्क न करने पर 11 साल के छात्र को स्टील बोतल से पीटा, सिर फूटा, इलाज नहीं कराया गया।
  • रीवा के निजी स्कूल में 11 साल के छात्र से बर्बर मारपीट
  • होमवर्क पूरा न करने पर शिक्षिका ने स्टील बोतल से सिर पर मारा
  • स्कूल प्रबंधन ने न इलाज कराया, न परिजनों को सूचना दी
  • छात्र सदमे में, ABVP ने 3 दिन का अल्टीमेटम दिया

रीवा में स्कूल के अंदर हैवानियत, मासूम छात्र से मारपीट | Rewa School Violence Case

रीवा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने 11 साल के छात्र के साथ इस कदर निर्दयता दिखाई कि उसका सिर फूट गया और वह खून से लथपथ हालत में घर पहुंचा। वजह सिर्फ इतनी थी कि छात्र ने होमवर्क पूरा नहीं किया था।

यह घटना जेंटल शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल की बताई जा रही है, जहां पढ़ाई के नाम पर शारीरिक हिंसा को अनुशासन समझ लिया गया। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने न केवल घटना को छिपाने की कोशिश की, बल्कि घायल बच्चे को इलाज तक नहीं कराया

स्टील की बोतल से सिर पर वार, दीवार पर पटका | Brutal Beating Inside School

परिजनों के अनुसार शिक्षिका मनीषा विश्वकर्मा ने पहले छात्र को डांटा और फिर स्टील की वाटर बोतल उसके सिर पर दे मारी। इसके बाद भी गुस्सा शांत नहीं हुआ और बच्चे को बार-बार दीवार पर पटक दिया

मारपीट के दौरान छात्र की बहन, जो उसी स्कूल में पढ़ती है, बीच-बचाव के लिए आई। आरोप है कि शिक्षिका ने उसके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की। पूरी घटना से कक्षा में मौजूद अन्य बच्चे डर के मारे सहम गए

खून बहता रहा, स्कूल ने नहीं कराया इलाज | School Management Accused of Negligence

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चे के सिर से खून बहता देख भी स्कूल प्रबंधन ने न तो उसे अस्पताल भेजा और न ही परिजनों को सूचना दी। बच्चा किसी तरह खुद घर पहुंचा, तब परिजनों को घटना की जानकारी मिली।

परिजन का आरोप है कि शनिवार शाम से ही स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने में लगा रहा। एफआईआर दर्ज न कराने का लगातार दबाव बनाया गया।

पिता का दर्द: हैसियत से ज्यादा फीस भरता हूं | Father’s Statement Shocks

पीड़ित छात्र के पिता पुष्पेंद्र पांडेय ने भावुक होते हुए कहा, “मैं अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करता हूं और हैसियत से ज्यादा फीस भरता हूं। क्या इसलिए कि मेरे बच्चे का सिर फोड़ दिया जाए?”

उन्होंने बताया कि सिर्फ एक-दो चैप्टर पूरा न होने पर इस तरह की अमानवीय सजा दी गई। परिवार थाने से लेकर SDOP स्तर तक अपनी शिकायत पहुंचा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सदमे में बच्चा, खाना-पीना छोड़ा | Child in Severe Trauma

घटना के बाद बच्चा गहरे मानसिक सदमे में है। परिजनों ने बताया कि उसे तेज बुखार आ गया है और उसने खाना-पीना छोड़ दिया है। स्कूल का नाम सुनते ही वह डर से सहम जाता है

दोस्तों के सामने हुई पिटाई से बच्चे के मन में हीन भावना पैदा हो गई है। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी मानसिक स्थिति पर भी नजर रखे हुए हैं।

ABVP का प्रशासन को अल्टीमेटम | ABVP Issues 3-Day Warning

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रीवा में बच्चों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और पहले भी छात्रों से जुड़े गंभीर मामले सामने आ चुके हैं।

प्रशासन का बयान | DEO Orders Inquiry

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निजी स्कूल में छात्र से मारपीट की शिकायत संज्ञान में आई है। जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और यदि शिक्षिका या स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

FAQ | Rewa School Student Assault Case

रीवा की यह घटना किस वजह से हुई?

छात्र ने होमवर्क पूरा नहीं किया था, इसी बात पर शिक्षिका ने मारपीट की।

क्या स्कूल ने बच्चे का इलाज कराया?

नहीं, स्कूल प्रबंधन ने न इलाज कराया और न परिजनों को सूचना दी

बच्चे की हालत कैसी है?

बच्चा मानसिक सदमे में है, उसे बुखार है और इलाज चल रहा है।

क्या प्रशासन ने जांच शुरू की है?

हां, जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कार्रवाई की बात कही गई है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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