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रीवा बड़ी खबर 2026: पंचायत सचिव निलंबित, 06 महीने से रुकी थी पेंशन! Rewa News

विषय सूची (Table of Contents)
- 1. रीवा जिला पंचायत की बड़ी कार्रवाई: एक आधिकारिक परिचय
- 2. निलंबन का मुख्य कारण: पेंशनधारियों की 6 माह की समस्या
- 3. अनीश कमल गौतम: आरोपों का विवरण और लापरवाही
- 4. नोटिस की अनदेखी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें
- 5. कानूनी प्रावधान: म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998
- 6. निलंबन आदेश के तत्काल प्रभाव और मुख्यालय का निर्धारण
- 7. प्रशासनिक संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
- 8. निष्कर्ष: हितग्राही मूलक योजनाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता
- 9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
रीवा जिले में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जनपद पंचायत गंगेव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मदरी के सचिव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 27 जनवरी 2026 को आधिकारिक आदेश संख्या 249 के माध्यम से जारी की गई है। इस कदम से पूरे जिले के पंचायत कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
निलंबन का मुख्य कारण: पेंशनधारियों की 6 माह की समस्या
निलंबन का सबसे बड़ा और संवेदनशील कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और कल्याणी पेंशनधारियों की पेंशन का रुकना है। जांच में पाया गया कि सचिव की लापरवाही के कारण पात्र हितग्राहियों की समग्र ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई थी। इस तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से पिछले 6 महीनों से पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा था, जिससे गरीब तबके को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अनीश कमल गौतम: आरोपों का विवरण और लापरवाही
ग्राम पंचायत मदरी में पदस्थ सचिव श्री अनीश कमल गौतम पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गंगेव के प्रतिवेदन के अनुसार, श्री गौतम द्वारा हितग्राही मूलक योजनाओं में कोई रुचि नहीं ली जा रही थी। उनके द्वारा प्रति माह समग्र और पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही ढिलाई ने उन्हें शासन की नजरों में ला दिया।
नोटिस की अनदेखी और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें
सचिव श्री गौतम को उनकी लापरवाही के लिए समय-समय पर सचेत किया गया था। उन्हें 12 नवंबर 2025, 17 दिसंबर 2025 और 18 दिसंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद, उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन पर भी उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी शिकायतों का अंबार लगा हुआ था।
कानूनी प्रावधान: म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998
सचिव का यह आचरण म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 (3) के प्रतिकूल पाया गया है। यह कृत्य गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है जो पूरी तरह से दंडनीय है। इसी आधार पर म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के प्रावधानों के तहत निलंबन की प्रक्रिया संपन्न की गई है।
निलंबन आदेश के तत्काल प्रभाव और मुख्यालय का निर्धारण
जिला पंचायत रीवा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान श्री अनीश कमल गौतम का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत गंगेव नियत किया गया है। नियमों के अनुसार, उन्हें निलंबन के दौरान जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी, लेकिन उन्हें आवंटित मुख्यालय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासनिक संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
यह आदेश केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है जो जनता के काम में देरी करते हैं। विशेषकर पेंशन जैसी संवेदनशील योजनाओं में लापरवाही को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि हितग्राहियों का हक मारने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
निष्कर्ष: हितग्राही मूलक योजनाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता
ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि वहीं से योजनाओं का लाभ रुक जाए, तो शासन की छवि धूमिल होती है। रीवा जिला पंचायत का यह फैसला स्वागत योग्य है क्योंकि इसने उन लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास किया है जो 6 महीनों से अपनी पेंशन का इंतजार कर रहे थे। आने वाले समय में अन्य पंचायतों में भी ऐसी ही कड़ाई देखने को मिल सकती है।




