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रीवा बड़ी खबर 2026: निगमायुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे को मिला अतिरिक्त प्रभार! Rewa News

विषय सूची (Table of Contents)
- 1. रीवा संभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: एक परिचय
- 2. डॉ. सौरभ सोनवणे को मिली नई जिम्मेदारी: संयुक्त संचालक का प्रभार
- 3. मयंक वर्मा की प्रतिनियुक्ति: विधानसभा सचिवालय को सौंपी सेवाएं
- 4. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का आधिकारिक आदेश: विश्लेषण
- 5. प्रशासनिक कार्यक्षमता और डॉ. सौरभ सोनवणे का विजन
- 6. रीवा संभाग के विकास पर इस नियुक्ति का प्रभाव
- 7. मयंक वर्मा का कार्यमुक्ति आदेश: दिनांक और विवरण
- 8. निष्कर्ष: सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम
- 9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
रीवा संभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: एक परिचय
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रीवा संभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत रीवा नगर पालिक निगम के वर्तमान आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल मयंक वर्मा के स्थानांतरण के बाद रिक्त हुए पद को भरने और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए किया गया है।
डॉ. सौरभ सोनवणे को मिली नई जिम्मेदारी: संयुक्त संचालक का प्रभार
दिनांक 21 जनवरी 2026 को जारी आदेश क्रमांक/शाखा-01/2026/1733 के अनुसार, डॉ. सौरभ सोनवणे, आयुक्त नगर पालिक निगम रीवा को आगामी आदेश तक अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ संयुक्त संचालक (Joint Director), नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग-रीवा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। डॉ. सोनवणे अपनी कार्यकुशलता और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं, और अब रीवा संभाग के नगरीय निकायों के पर्यवेक्षण की कमान भी उनके हाथों में होगी।
मयंक वर्मा की प्रतिनियुक्ति: विधानसभा सचिवालय को सौंपी सेवाएं
रीवा संभाग में संयुक्त संचालक के पद पर कार्यरत रहे श्री मयंक वर्मा की सेवाएं अब मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय को सौंपी गई हैं। संचालनालय के आदेश दिनांक 20 जनवरी 2026 के द्वारा उन्हें रीवा से कार्यमुक्त किया जा चुका है। विधानसभा सचिवालय में उनकी प्रतिनियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जिसके कारण रीवा संभाग में यह पद रिक्त हुआ था।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का आधिकारिक आदेश: विश्लेषण
संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. भोपाल द्वारा जारी इस आदेश पर आयुक्त संकेत भोंडवे के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि वरिष्ठ मंत्रियों, प्रमुख सचिवों और संभागायुक्त रीवा सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, जिसका अर्थ है कि डॉ. सोनवणे ने अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
प्रशासनिक कार्यक्षमता और डॉ. सौरभ सोनवणे का विजन
डॉ. सौरभ सोनवणे के पास अब नगर निगम के साथ-साथ संभाग के अन्य नगरीय निकायों की मॉनिटरिंग का भी जिम्मा होगा। संयुक्त संचालक के रूप में उन्हें रीवा संभाग के अंतर्गत आने वाली सभी नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के विकास कार्यों, बजट और प्रशासनिक अनुशासन की देखरेख करनी होगी। एक ही अधिकारी के पास दोनों प्रभार होने से समन्वय में आसानी होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
रीवा संभाग के विकास पर इस नियुक्ति का प्रभाव
नगरीय प्रशासन विभाग में संयुक्त संचालक का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह पद सरकार और स्थानीय निकायों के बीच एक सेतु का काम करता है। डॉ. सोनवणे की नियुक्ति से रीवा संभाग में स्वच्छता सर्वेक्षण, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और केंद्र व राज्य सरकार की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक हल्कों में इस निर्णय को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है।
मयंक वर्मा का कार्यमुक्ति आदेश: दिनांक और विवरण
मयंक वर्मा को विधानसभा सचिवालय मध्यप्रदेश को सेवाएं सौंपे जाने के अनुक्रम में संचालनालय के आदेश दिनांक 20/01/2026 द्वारा कार्यमुक्त किया गया था। इसके ठीक अगले दिन यानी 21 जनवरी 2026 को डॉ. सौरभ सोनवणे को अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी हुआ। यह स्पष्ट करता है कि शासन रीवा संभाग में प्रशासनिक शून्यता नहीं चाहता था और त्वरित निर्णय लेते हुए नई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
निष्कर्ष: सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम
मध्यप्रदेश शासन द्वारा डॉ. सौरभ सोनवणे पर जताया गया यह भरोसा रीवा के विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जा सकता है। संयुक्त संचालक के अतिरिक्त प्रभार के साथ अब रीवा संभाग की नगरीय व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और जनहितैषी बनने की दिशा में अग्रसर है। मयंक वर्मा की प्रतिनियुक्ति और डॉ. सोनवणे की नई जिम्मेदारी प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की गतिशील प्रकृति को दर्शाती है।




