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रीवा में 15 दिन से लापता 20 वर्षीय युवती का शव नदी में मिला, परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

- रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र में 15 दिन से लापता युवती का शव नदी में मिला
- सेंगरी नदी में तैरता मिला शव, इलाके में फैली सनसनी
- प्रीती तिवारी (20) की पहचान, 15 जनवरी से थी लापता
- परिजनों का आरोप – पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता
रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र से शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। यहां 15 जनवरी से लापता युवती का शव गांव के पास बहने वाली सेंगरी नदी में तैरता हुआ मिला। मृतका की पहचान प्रीती तिवारी (20), निवासी तिवनी चौथियान टोला के रूप में हुई है। जैसे ही शव मिलने की खबर फैली, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे जमा हो गए।
स्थानीय लोगों ने सबसे पहले नदी में शव को देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मनगवां पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। युवती की पहचान होते ही उसके परिजन मौके पर पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
15 जनवरी से थी लापता, पिता ने जताई थी अनहोनी की आशंका
परिजनों के अनुसार, प्रीती तिवारी 15 जनवरी को घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पहले परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में खोजबीन की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। जब कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला, तो पिता चन्द्र प्रकाश तिवारी ने मनगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के दौरान परिजनों ने पुलिस के सामने अनहोनी की आशंका भी जताई थी। उनका कहना था कि बेटी का इस तरह अचानक गायब होना सामान्य नहीं है और उसके साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस सक्रियता दिखाएगी और समय रहते उसे खोज निकालेगी।
परिजनों का आरोप – पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता
शव मिलने के बाद परिजनों का दर्द आक्रोश में बदल गया। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने युवती की तलाश में गंभीरता नहीं दिखाई। परिवार का कहना है कि यदि शुरुआती दिनों में सही तरीके से खोजबीन होती, तो शायद आज उनकी बेटी जीवित मिल सकती थी।
ग्रामीणों का भी कहना है कि गांव की बेटी के लापता होने के बाद पुलिस की सक्रियता बेहद सीमित रही। न तो आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चला और न ही नदी-नालों की गहन जांच की गई। अब जब युवती का शव नदी में मिला है, तो पूरे गांव में गुस्सा और दुख का माहौल है।
घटना के बाद गांव में आक्रोश, जवाब मांग रहे लोग
शव मिलने के बाद तिवनी चौथियान टोला और आसपास के गांवों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए और पुलिस से जवाब मांगने लगे। लोगों का कहना था कि जब एक युवती 15 दिन तक लापता रही, तो प्रशासन को खुद आगे बढ़कर खोज अभियान चलाना चाहिए था। गांव के बुजुर्गों ने भी कहा कि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी लड़की के गायब होने पर इतनी देर तक ठोस कार्रवाई न हो।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की गतिविधि केवल औपचारिकता तक सीमित रही। कुछ लोगों ने कहा कि न तो व्यापक तलाशी अभियान चला, न ही आसपास के जंगलों, खेतों और सेंगरी नदी के किनारे गंभीरता से खोज की गई। यदि शुरुआती दिनों में ही नदी और सुनसान इलाकों की जांच हो जाती, तो शायद युवती की हालत का पता पहले चल जाता।
पुलिस की सफाई और जांच की दिशा
पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है। यह अभी तय नहीं है कि मामला आत्महत्या का है, दुर्घटना का या किसी आपराधिक घटना का।
पुलिस टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती घर से निकलने के बाद कहां गई, किन लोगों से उसकी मुलाकात हुई और वह नदी तक कैसे पहुंची। मोबाइल कॉल डिटेल, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पीएम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पूरे मामले की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है। डॉक्टरों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती की मौत डूबने से हुई, किसी चोट के कारण हुई या फिर किसी अन्य वजह से।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक 20 वर्षीय युवती का घर से निकलना और 15 दिनों तक कोई सुराग न मिलना, यह दर्शाता है कि ऐसी स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया कितनी जरूरी है। जबकि लापता मामलों में पहले 48 घंटे सबसे अहम होते हैं।
अब आगे क्या? जांच की दिशा और प्रशासन की जिम्मेदारी
प्रीती तिवारी के मामले में अब सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। इसी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मौत का कारण क्या है—क्या युवती की डूबने से मौत हुई, क्या उसके शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान हैं, या फिर यह किसी आपराधिक घटना की ओर इशारा करता है। मनगवां पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही जांच की दिशा तय की जाएगी और जरूरत पड़ी तो एफआईआर की धाराएं बदली जाएंगी।
ग्रामीणों की मांग: दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
गांव के लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किसी तरह का समझौता नहीं चाहते। उनकी मांग है कि यदि यह मामला हत्या या किसी साजिश से जुड़ा पाया जाता है, तो दोषियों को कठोरतम सजा मिले। साथ ही, वे यह भी चाहते हैं कि भविष्य में लापता मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया तत्काल और प्रभावी हो।
ग्रामीणों का कहना है कि एक बेटी का इस तरह चले जाना पूरे समाज के लिए झटका है। वे चाहते हैं कि यह मामला मिसाल बने, ताकि किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यही वजह है कि अब हर निगाह पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।
FAQs: रीवा लापता युवती मामला
युवती कब से लापता थी?
प्रीती तिवारी 15 जनवरी से लापता थी।
शव कहां मिला?
युवती का शव गांव के पास बहने वाली सेंगरी नदी में तैरता हुआ मिला।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
मौत का कारण कब स्पष्ट होगा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
परिजनों की मुख्य मांग क्या है?
परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पुलिस की कथित लापरवाही की जांच की मांग कर रहे हैं।
Rewa Riyasat News
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