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रीवा-मऊगंज में जमीन खरीदना होगा महंगा: 1937 लोकेशन पर बढ़े प्रॉपर्टी के दाम, कलेक्टर ने नई दरों पर लगाई मुहर

Aaryan Puneet Dwivedi
12 March 2026 1:24 PM IST
रीवा-मऊगंज में जमीन खरीदना होगा महंगा: 1937 लोकेशन पर बढ़े प्रॉपर्टी के दाम, कलेक्टर ने नई दरों पर लगाई मुहर
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रीवा और मऊगंज में अब घर और जमीन खरीदना महंगा होगा। कलेक्टर प्रतिभा पाल की बैठक में 1937 लोकेशन पर 13% तक रेट बढ़ाने का फैसला लिया गया है। पूरी लिस्ट यहाँ देखें।

रीवा रियासत न्यूज, रीवा। अगर आप रीवा या मऊगंज जिले में जमीन, घर या दुकान खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। जिला मूल्यांकन समिति की अहम बैठक में अचल संपत्तियों (Property) के नए दामों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया है कि साल 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी की सरकारी दरों (Circle Rates) में बढ़ोतरी की जाएगी।

इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि अब रजिस्ट्री कराने के लिए आपको पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

1937 लोकेशन पर दाम बढ़ाने का फैसला (Property Price Hike in 1937 Locations)

बैठक में पेश किए गए प्रस्तावों के अनुसार, जिले की कुल 1937 लोकेशन पर बाजार मूल्य (Market Value) बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसे और विस्तार से समझें तो:

  • शहरी क्षेत्र: रीवा और मऊगंज के शहरों की 409 प्राइम लोकेशन पर दाम बढ़ेंगे।
  • ग्रामीण क्षेत्र: गांवों की 1528 लोकेशन ऐसी हैं जहां जमीन की सरकारी कीमतों में इजाफा किया गया है।

कलेक्टर ने बताया कि इस बार पूरे जिले में औसतन 13.04 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। यानी अगर पहले किसी जमीन की सरकारी कीमत 10 लाख थी, तो अब वह लगभग 11.30 लाख रुपये के आसपास हो जाएगी।

कृषि भूमि के लिए नया नियम: ₹1 करोड़ न्यूनतम दर

रीवा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 45 वार्डों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। यहाँ की 374 लोकेशन में से 284 ऐसी जगहें हैं जहाँ कृषि भूमि की कीमत पहले से ही 1 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर से ज्यादा थी।

लेकिन अब, बाकी बची 90 लोकेशन पर भी कृषि भूमि की न्यूनतम दर 1 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर फिक्स कर दी गई है। इसका मतलब है कि शहर के आसपास अब कोई भी खेती की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में 1 करोड़ रुपये से कम की नहीं होगी।

संपदा 2.0 (Sampada 2.0) का दिखेगा असर

प्रशासन अब संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। बैठक में बताया गया कि 24 लोकेशन ऐसी हैं जहाँ 'संपदा 2.0' सॉफ्टवेयर के जरिए मिले बिक्री के आंकड़ों (Sales Data) के आधार पर रेट बढ़ाए गए हैं। यह सिस्टम पारदर्शी तरीके से यह तय करता है कि किस इलाके में असल में किस रेट पर जमीनें बिक रही हैं।

किसानों और आम जनता पर क्या होगा असर?

समिति ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कई अंचलों में जमीन की दरों को 'समान' (Equal) कर दिया है।

समान दरें: मऊगंज, हनुमना, त्योंथर, हुजूर, सिरमौर, मनगवां और रायपुर कर्चुलियान जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग किस्म की जमीन (सिलिकट और अटविक) की दरों को अब एक जैसा कर दिया गया है।

रीवा निवेश क्षेत्र: रीवा के मास्टर प्लान और निवेश क्षेत्र में 34 नए गांवों को जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे इन इलाकों का विकास तेज होगा और भविष्य में कीमतें और बढ़ेंगी।

घर बनाने का सपना होगा महंगा?

प्रॉपर्टी के दामों में इस 13% की औसत बढ़ोतरी का मतलब है कि अब मिडिल क्लास परिवार के लिए शहर के पास जमीन लेना थोड़ा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि विकास कार्यों और बाजार की मांग को देखते हुए यह मूल्य वृद्धि जरूरी थी। अगर आप निवेश की सोच रहे हैं, तो नई दरें लागू होने से पहले अपनी प्लानिंग पूरी कर लेना ही समझदारी होगी।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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