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रीवा रियासत की खबर का असर: ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल पर FIR, आरोपी फरार

- इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल पर सिविल लाइन थाने में एफआईआर
- ब्राह्मण समाज ने पोस्ट को बताया आपत्तिजनक
- BNS 2023 की धारा 196(1)(ए) और 353(2) में केस
- रीवा रियासत की खबर के बाद कार्रवाई तेज
रीवा जिले में सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट को लेकर बीते दो दिनों से तनाव और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल पर आरोप है कि उसने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ऐसी पोस्ट साझा की, जिससे ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, शिकायतें जिले के अलग-अलग थानों में भी दर्ज कराई गई थीं।
रीवा रियासत न्यूज की पहले की रिपोर्ट में इस विवाद से जुड़ा पूरा मामला सामने लाया गया था। उस खबर में बताया गया था कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर समाज विशेष में गहरा आक्रोश है।
सिविल लाइन पुलिस ने इटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर आरोपी मनीष पटेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
एक दिन पहले ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए थे और चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पहले भी विवादों में रहा आरोपी इन्फ्लुएंसर
आरोपी इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल का नाम इससे पहले भी विवादित सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर सामने आ चुका है। स्थानीय स्तर पर दर्ज शिकायतों के अनुसार, उसके द्वारा बनाए गए कुछ वीडियो और पोस्ट समाज के विभिन्न वर्गों की भावनाएं आहत करने वाले बताए गए थे।
पिछले मामलों में भी पुलिस को शिकायतें दी गई थीं, जिनमें यह आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यूज़ और वायरलिटी के लिए संवेदनशील विषयों को गलत तरीके से पेश किया गया।
सेना से जुड़े कंटेंट पर भी उठे थे सवाल
जानकारी के मुताबिक, आरोपी द्वारा पहले एक ऐसा कंटेंट भी पोस्ट किया गया था, जिसमें सेना के जवानों को लेकर आपत्तिजनक संदर्भ दिखाए गए थे। उस मामले में भी लोगों ने देश की सुरक्षा सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों का अपमान बताया था और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी।
हालांकि उस समय विवाद शांत हो गया था, लेकिन मौजूदा मामले ने फिर से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है।
पोस्ट में शब्द बदले, लेकिन माफी नहीं
विवाद बढ़ने के बाद मनीष पटेल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ आपत्तिजनक शब्दों में बदलाव जरूर किया, लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई है। इसी बात को लेकर समाज के लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
स्थानीय संगठनों का कहना है कि केवल शब्द बदलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी स्वीकार करना और माफी मांगना जरूरी है।
ब्राह्मण समाज का विरोध और चेतावनी
इस मामले को लेकर ब्राह्मण समाज से जुड़े कई संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
प्रदर्शनों के दौरान यह मांग भी रखी गई कि सोशल मीडिया पर जाति, धर्म और समाज को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होगी?
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवादित पोस्ट किस उद्देश्य से और किस दायरे में साझा की गई। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस तलाश में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आरोपी पर दर्ज धाराओं का मतलब क्या है?
इस मामले में आरोपी इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की दो गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं का उद्देश्य समाज में नफरत, वैमनस्य और महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना है।
BNS 2023 की धारा 196(1)(ए)
यह धारा तब लगाई जाती है, जब कोई व्यक्ति शब्दों, वीडियो, पोस्ट या किसी भी डिजिटल माध्यम के जरिए धर्म, जाति, समुदाय, भाषा या क्षेत्र के आधार पर नफरत या शत्रुता फैलाने का प्रयास करता है।
कानूनी प्रावधान: दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कारावास, जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
BNS 2023 की धारा 353(2)
यह धारा तब लागू होती है जब किसी महिला की गरिमा या लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला, आपराधिक बल या ऐसा करने का प्रयास किया जाए। यह धारा गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
सजा का प्रावधान: दोष सिद्ध होने पर 1 वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना लगाया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी क्यों जरूरी?
आज सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। किसी समाज, जाति या धर्म पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी कानूनी अपराध बन सकती है और सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल होने की होड़ में बनाए गए कंटेंट का असर केवल ऑनलाइन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर तनाव के रूप में भी दिखाई देता है।
रीवा रियासत की ओर से इंफ्लुएंसर्स के लिए अपील
रीवा रियासत सभी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करता है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल मनोरंजन, जानकारी और अपने शहर, राज्य और देश का नाम रोशन करने के लिए करें।
किसी भी समाज, जाति या धर्म विशेष पर आपत्तिजनक पोस्ट बनाकर उनकी भावनाओं को आहत करना न केवल गलत है, बल्कि कानूनी कार्रवाई को भी आमंत्रण देता है। जिम्मेदार कंटेंट ही सम्मान और भरोसा दिला सकता है।
मनीष पटेल पर एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जातीय विद्वेष और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
BNS 2023 की धारा 196(1)(ए) और 353(2)।
क्या आरोपी ने माफी मांगी है?
अब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई है, केवल पोस्ट में शब्द बदले गए हैं।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
आरोपी की तलाश, सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस मामले से आम लोगों को क्या सीख मिलती है?
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से पोस्ट करना जरूरी है, वरना कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




