रीवा

Rewa : 21 लाख के गबन मामले में मध्यांचल बैक का मैनेजर और कैशियर गिरफ्तार, महिला खाता धारक की राशी में हेराफेरी का मामला

Suyash Dubey
6 July 2021 6:02 PM GMT
Rewa : 21 लाख के गबन मामले में मध्यांचल बैक का मैनेजर और कैशियर गिरफ्तार, महिला खाता धारक की राशी में हेराफेरी का मामला
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Rewa / रीवा। 21 लाख के गबन मामले में मध्याचंल ग्रामीण बैक (Madhyanchal Gramin Bank) के मैनेजर नारेन्द्र अग्रवाल और कैशियर गणेश अग्रवाल को रायपुर कर्चुलियान (Raipur Karchuliyan) थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

Rewa / रीवा। 21 लाख के गबन मामले में मध्याचंल ग्रामीण बैक (Madhyanchal Gramin Bank) के मैनेजर नारेन्द्र अग्रवाल और कैशियर गणेश अग्रवाल को रायपुर कर्चुलियान (Raipur Karchuliyan) थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि बैंक मैनेजर को छतरपुर (Chattarpur) से तो कैशियर को रीवा (Rewa) से पूछताछ के लिए बुलवाया गया था। जहाँ पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया था। जहाँ से दोनो बैंक कर्मियो को केन्दीय जेल (Central Jail) भेज दिया है। रायपुर कर्चुलियान पुलिस (Raipur Karchuliyan Police) ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध कायम कर कार्रवाई की है।

यह है मामला

रायपुर कर्चुलियान थाना प्रभारी मृगेन्द्र सिंह ने बताया कि पुरैना निवासी वंदना तिवारी पति अनूप तिवारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में मुख्य आरोपी राजेश पाण्डेय को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिर जांच में पता चला था कि वंदना तिवारी के खाते में राजेश पाण्डेय का ही आधार कार्ड लिंक था। उसने 234 ट्रांजैक्शन कर एक वर्ष के अंदर 21 लाख रुपए की रकम निकाल ली।

जांच में जुड़ा बैंक मैनेजर और कैशियर का नाम

पुलिस की जांच के दौरान बैंक मैनेजर नरेन्द्र अग्रवाल और कैशियर गणेश जायसवाल की मिली भगत सामने आ रही थी। जिसके चलते पुलिस ने रीजनल कार्यालय को पत्र लिखकर दोनों आरोपियों बुलाया और गिरफ्तार कर लिया।

छतरपुर में पदस्थ है मैनेजर

बताया गया कि नरेन्द्र अग्रवाल प्रमोशन पाकर छतरपुर (Chattarpur) में बैंक मैनेजर बन गया था। लेकिन जिस समय महिला वंदना तिवारी के खाते में आधार कार्ड लिंक हुआ था तब वह मध्यांचल ग्रामीण बैंक (Madhyanchal Gramin Bank) की रामनई शाखा (Ramnai Branch) में सहायक मैनेजर था। जबकि फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद गणेश जायसवाल को रीवा ट्रांसफर कर दिया गया था।

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