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रीवा के कैलाशपुरी में गृह प्रवेश बना विवाद का कारण: भाजपा नेता के कार्यक्रम में देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, मोहल्ले में तनाव

Neelam Dwivedi
27 Feb 2026 11:38 AM IST
रीवा के कैलाशपुरी में गृह प्रवेश बना विवाद का कारण: भाजपा नेता के कार्यक्रम में देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, मोहल्ले में तनाव
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रीवा के कैलाशपुरी में भाजपा नेता के गृह प्रवेश कार्यक्रम में देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से तनाव। पुलिस जांच में जुटी, मोहल्ले में बढ़ी संवेदनशीलता।

मुख्य बिंदु

  • कैलाशपुरी में गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान धार्मिक टिप्पणी का आरोप
  • स्थानीय लोगों ने जताया विरोध, दो पक्ष आमने-सामने आए
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली
  • लिखित शिकायत के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी

रीवा शहर का कैलाशपुरी इलाका गुरुवार को अचानक तनाव की चपेट में आ गया जब एक गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर से हिन्दू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में नाराजगी फैल गई और कुछ समय के लिए दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस को डायल 100 के जरिए सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया गया। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन घटना ने सामाजिक संवेदनशीलता और धार्मिक भावनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या था विवाद का कारण?

आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर पर भगवान शंकर, मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं के खिलाफ अपशब्द कहे गए, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए।

घटना की शुरुआत कैसे हुई

जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर निवासी भाजपा नेता सीताराम साकेत के नए घर का गृह प्रवेश कार्यक्रम कैलाशपुरी में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम सुबह से शुरू हुआ था और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे से लाउडस्पीकर पर धार्मिक संदर्भ में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य कार्यक्रम का हिस्सा समझा, लेकिन जैसे-जैसे कथित टिप्पणियां दोहराई गईं, मोहल्ले के लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

मोहल्ले की प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव

स्थानीय निवासी रागिनी सिंह बघेल ने बताया कि उन्होंने और अन्य लोगों ने पहले कार्यक्रम स्थल पर जाकर शांति से बात करने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे चाहते थे कि लाउडस्पीकर बंद किया जाए या टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को रोका जाए।

हालांकि, बातचीत के दौरान माहौल गर्मा गया और कुछ देर के लिए बहस तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मारपीट की आशंका बन गई थी। हालांकि पुलिस की त्वरित उपस्थिति से स्थिति बिगड़ने से पहले नियंत्रित कर ली गई।

पुलिस की भूमिका और शुरुआती जांच

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और डायल 100 की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों से बातचीत की गई है और प्रारंभिक तथ्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना से जुड़े ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

भाजपा नेता का पक्ष

भाजपा नेता सीताराम साकेत ने कहा कि कार्यक्रम में कई लोग आए थे और यदि किसी ने आपत्तिजनक शब्द कहे हैं तो वे उसके लिए खेद प्रकट करते हैं। उनका कहना है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था।

उन्होंने यह भी कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे और यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो उसे सुधारा जाएगा।

सरकारी सेवक पर आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति, जो भाजपा नेता का भतीजा बताया जा रहा है, कथित रूप से शासकीय सेवा में है, ने विवादित टिप्पणी की। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में ऐसा पाया जाता है तो सेवा नियमों के तहत भी कार्रवाई संभव है।

धार्मिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था

रीवा शहर धार्मिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में किसी भी धार्मिक टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामलों में सख्त प्रावधान हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सामाजिक और राजनीतिक असर

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। मोहल्लेवासियों ने कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि घटना को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है

यदि शिकायत दर्ज होती है और साक्ष्य में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी की जा रही है।

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कैलाशपुरी घटनाक्रम: स्थिति और संकेत

  • गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान कथित धार्मिक टिप्पणी
  • स्थानीय विरोध के बाद तनावपूर्ण माहौल
  • पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन और जांच
  • संभव वैधानिक कार्रवाई और सामाजिक संवाद की जरूरत
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कैलाशपुरी विवाद में मुख्य आरोप क्या है?

आरोप है कि गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर पर देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।

क्या पुलिस ने FIR दर्ज की है?

पुलिस के अनुसार लिखित शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या किसी व्यक्ति की पहचान हुई है?

जांच जारी है और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

क्षेत्र में वर्तमान स्थिति क्या है?

पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी है।

क्या मामला राजनीतिक रूप ले सकता है?

विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े मामलों में राजनीतिक बहस तेज हो सकती है।

Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi

Neelam Dwivedi is an experienced digital content editor in the field of journalism. She has been working with the Rewa Riyasat news portal since 2016, managing and editing news content in both Hindi and English. She covers a wide range of topics, including national and international news, politics, sports, technology, health, lifestyle, and social issues. Her work focuses on presenting clear, accurate, and easy-to-understand news for readers while staying updated with the latest trends in digital media.

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