
- Home
- /
- मध्यप्रदेश
- /
- रीवा
- /
- रीवा में बिना पंजीयन...
रीवा में बिना पंजीयन संचालित सजीवन अस्पताल सील, संचालक के खिलाफ FIR दर्ज

मुख्य बिंदु (Top Highlights)
- रीवा शहर में बिना पंजीयन के संचालित निजी अस्पताल सील किया गया।
- कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई।
- डॉ. मुकेश तिवारी की पत्नी के नाम पर चल रहा था संजीवनी हॉस्पिटल।
- अस्पताल में ओपीडी, एक्स-रे और दवा बिक्री की सुविधा बिना अनुमति के चल रही थी।
Collector Action in Rewa: सजीवन हॉस्पिटल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
रीवा (Rewa News 2025): रीवा शहर में बिना पंजीयन और आवश्यक अनुमतियों के एक निजी अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। शुक्रवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सजीवन हॉस्पिटल एवं चेस्ट केयर सेंटर को सील कर दिया। यह कार्रवाई प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के तहत की गई।
अस्पताल चला रही थी डॉ. मुकेश तिवारी की पत्नी | Hospital Run by Doctor’s Wife
सूत्रों के अनुसार, इस अस्पताल का संचालन संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ सह प्राध्यापक डॉ. मुकेश तिवारी की पत्नी के नाम पर किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि अस्पताल के पास न तो वैध पंजीयन था और न ही आवश्यक लाइसेंस दस्तावेज मौजूद थे। अस्पताल में ओपीडी, एक्स-रे और फार्मेसी जैसी सुविधाएं बिना अनुमति के दी जा रही थीं।
दो दिन पहले दी गई थी चेतावनी, फिर भी जारी रहा संचालन | Notice Ignored Before Action
स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन पहले ही अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जांच के लिए टीम भेजी थी। लेकिन प्रबंधन ने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को फिर से कार्रवाई की और अस्पताल को पंचनामा बनाकर सील कर दिया।
जांच टीम में कौन-कौन थे मौजूद | Officials Present During Action
कार्रवाई के दौरान एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी, नायब तहसीलदार यतीश शुक्ल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। टीम ने मौके पर दस्तावेज जांचे और पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया गया। प्रशासन ने डॉ. मुकेश तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।
छिंदवाड़ा कांड के बाद प्रशासन सख्त | Chhindwara Incident Alerted Administration
छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में रीवा जिले में मेडिकल स्टोर्स और प्राइवेट हॉस्पिटल की जांच अभियान शुरू किया गया है। बिना फार्मासिस्ट के संचालित दुकानों और बिना पंजीयन वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
रीवा में कई गली-मोहल्लों में चल रहे अवैध अस्पताल | Illegal Hospitals in Rewa City
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रीवा शहर के विभिन्न इलाकों में कई निजी नर्सिंग होम और रिसर्च सेंटर बिना पंजीयन के चल रहे हैं। सभी संस्थानों की जांच की जा रही है और जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम का बयान | SDM’s Statement
एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने कहा कि अस्पताल बिना किसी अधिकृत अनुमति के संचालित हो रहा था, जो गंभीर अपराध है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
FAQs: रीवा हॉस्पिटल कार्रवाई से जुड़े सवाल-जवाब
1. रीवा में कौन सा अस्पताल सील किया गया?
रीवा शहर में सजीवन हॉस्पिटल एवं चेस्ट केयर सेंटर को बिना पंजीयन संचालन के कारण सील किया गया है।
2. कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई?
यह कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई।
3. क्या अस्पताल के पास पंजीयन और लाइसेंस था?
नहीं, जांच में पाया गया कि अस्पताल के पास वैध पंजीयन या अनुमति नहीं थी।
4. क्या डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज होगा?
हाँ, एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
5. क्या अन्य अस्पतालों पर भी कार्रवाई होगी?
हाँ, स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि रीवा और आसपास के क्षेत्रों में सभी निजी अस्पतालों की जांच जारी है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




