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रीवा में होली का उल्लास: राजेंद्र शुक्ल ने कार्यकर्ताओं संग खेली होली, चिरहुलानाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

- डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास पर पारंपरिक फाग गीतों के बीच होली उत्सव
- नगरिया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर रंगों से सराबोर हुआ माहौल
- चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल अर्पित किया
- ग्रहण के कारण एक दिन बाद मनाया गया रंगोत्सव, शहरभर में उमंग
विंध्य की सांस्कृतिक राजधानी रीवा में इस वर्ष होली का रंगोत्सव पारंपरिक फाग गीतों, नगरिया की धुन और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के निवास पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। अबीर-गुलाल की खुशबू और लोकगीतों की गूंज ने पूरे परिसर को रंगमय बना दिया। वहीं शहर के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान को रंग अर्पित कर भक्ति और उत्साह के साथ होली का पर्व मनाया।
रीवा में रंगोत्सव की खास झलक
डिप्टी सीएम आवास पर पारंपरिक फाग मंडली, ढोल-नगाड़े और नगरिया की धुन के साथ रंगोत्सव शुरू हुआ। वहीं चिरहुलानाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान को अबीर-गुलाल अर्पित कर विशेष पूजा की।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास पर रंगों का उत्सव
होली के अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास पर सुबह से ही उत्सव का माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और शहर के लोग उन्हें होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। प्रवेश द्वार से लेकर पूरे परिसर तक रंग और गुलाल की बौछार दिखाई दे रही थी। पारंपरिक फाग मंडली ने नगरिया और ढोल-नगाड़ों की ताल पर होली गीतों की शुरुआत की, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
उपमुख्यमंत्री ने आगंतुकों को तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और एक-दूसरे को रंग लगाकर उत्सव को जीवंत बना दिया। पूरा परिसर लोकगीतों, हंसी-मजाक और “होली है” के जयकारों से गूंजता रहा।
फाग और नगरिया की धुन पर झूमे लोग
विंध्य अंचल की पारंपरिक होली में फाग गीतों का विशेष महत्व होता है। कार्यक्रम के दौरान फाग मंडली ने नगरिया, ढोल और झांझ की संगत में लोकधुनें प्रस्तुत कीं। इन गीतों में प्रेम, उल्लास और लोकजीवन की झलक दिखाई दी।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल भी इस लोकधुन के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने ढोल-नगाड़ों की थाप पर फाग गायन किया और नगरिया बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर और जयकारे लगाकर माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया।
होली का संदेश: प्रेम और सामाजिक समरसता
मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए शांति, सौहार्द और खुशहाली की कामना की। साथ ही सभी से सुरक्षित और मर्यादित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
ग्रहण के बाद रीवा में मनाया गया रंगोत्सव
इस वर्ष ग्रहण के कारण मंगलवार को कई स्थानों पर रंगोत्सव नहीं मनाया गया था। ऐसे में बुधवार को रीवा शहर में होली का उत्साह दोगुना दिखाई दिया। सुबह से ही गली-मोहल्लों में लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देते नजर आए।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इस पर्व का आनंद लेते दिखे। कहीं पारंपरिक फाग गीतों की महफिल सजी तो कहीं युवाओं ने डीजे की धुन पर नृत्य कर त्योहार का आनंद लिया।
रीवा रंगोत्सव 2026: मुख्य झलक
- डिप्टी सीएम आवास पर पारंपरिक फाग गीतों के साथ होली उत्सव
- नगरिया और ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमे कार्यकर्ता
- चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में भक्तों ने चढ़ाया अबीर-गुलाल
- ग्रहण के बाद रीवा में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया रंगोत्सव
चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में भक्तिमय होली
रीवा के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में भी होली के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में दिखाई दीं। भक्तों ने भगवान हनुमान को अबीर-गुलाल अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान को रंग अर्पित किया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से दर्शन कर गुलाल लगाया। पूरे वातावरण में भक्तिभाव और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
शहर और ग्रामीण इलाकों में भी दिखा होली का उत्साह
रीवा शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली का उत्साह देखने को मिला। गांवों में पारंपरिक ढंग से फाग गीत गाए गए और लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। स्थानीय कलाकारों ने लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और जीवंत बना दिया।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
होली के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रमुख चौराहों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
अधिकारियों के अनुसार त्योहार के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और शहर में माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
विंध्य की लोक-संस्कृति की झलक
रीवा में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि लोक-संस्कृति का उत्सव भी है। फाग गीत, नगरिया और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत इस पर्व को विशेष बनाती है। डिप्टी सीएम आवास पर आयोजित कार्यक्रम ने विंध्य की इसी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
रंग, संगीत और उत्साह के इस संगम ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
Join WhatsApp Channel Follow on Google Newsअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रीवा में होली का मुख्य आयोजन कहां हुआ?
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास और चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में प्रमुख आयोजन हुए।
ग्रहण के कारण होली कब मनाई गई?
ग्रहण के कारण रंगोत्सव एक दिन बाद बुधवार को मनाया गया।
डिप्टी सीएम आवास पर कौन-सी सांस्कृतिक परंपरा दिखाई दी?
फाग गीत, नगरिया और ढोल-नगाड़ों की पारंपरिक प्रस्तुति देखने को मिली।
मंदिर में श्रद्धालुओं ने क्या किया?
श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान को अबीर-गुलाल अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
क्या प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की थी?
हाँ, प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
Neelam Dwivedi
Neelam Dwivedi is an experienced digital content editor in the field of journalism. She has been working with the Rewa Riyasat news portal since 2016, managing and editing news content in both Hindi and English. She covers a wide range of topics, including national and international news, politics, sports, technology, health, lifestyle, and social issues. Her work focuses on presenting clear, accurate, and easy-to-understand news for readers while staying updated with the latest trends in digital media.




