Rewa_Riyasat/rewariyasat-news.jpg

REWA : पुलिस प्रताड़ना के कारण नाती की चली गई जान, रामानुज पाण्डेय ने लगाए आरोप, एसपी को सौंपा ज्ञापन

RewaRiyasat.Com
News Desk
07 Jul 2021

रीवा। परिवारिक जमीनी विवाद में पुलिस ने एक पक्ष को इतना प्रताड़िता किया कि पुलिस के डर से घर-गांव नहीं लौट सके और बीमारी की चपेट में आने से जान चली गई। इस संबंध में रामानुज पाण्डेय 68 वर्ष ने पुलिस अधीक्षक रीवा को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें सिरमौर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोते की मौत का जिम्मेदार सिरमौर थाना पुलिस को ठहराया है तथा कार्रवाई की मांग की है।

एसपी आफिस पहुंचे शाहपुर क्योटी सिरमौर निवासी 68 वर्षीय रामानुज पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि सिरमौर थाने के मुंशी भागवत मिश्रा की प्रताड़ना की वजह से उनके नाती की जान चली गई। उन्होंने बताया है कि पूर्व थाना प्रभारी बीआर सिंह पर आरोप लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

बताया गया है कि 68 वर्षीय बृद्ध के ऊपर छेड़छाड़ व मारपीट का मामला दर्ज किया था, वहीं उनका पोता जबलपुर में रहकर पढ़ाई करता था जिस पर सिरमौर थाना में छेड़छाड़ का फर्जी मामला दर्ज कराया गया। जिसमें मोटी रकम ली गई थी।  मुंशी भागवत मिश्रा के द्वारा लगातार पीड़ित को परेशान किया जाता था। आये दिन फोन करके प्रताड़ित किया जाता था जिसके चलते उनका पोता गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

जानें क्या है पूरा मामला

सिरमौर थाना क्षेत्र के ग्राम क्योटी शाहपुर निवासी दो परिवारों के बीच पूर्व में जमीनी विवाद चल रहा था। पीड़ित 68 वर्षीय बृद्ध रामानुज पांडेय अपनी पत्नी के साथ शाहपुर में रहते थे और उनके बच्चे भोपाल और रीवा में रहते थे। बीते 16 फरवरी 2021 को परिवार के कृष्णदत्त उर्फ बिल्लू पाण्डेय, कृष्णा पाण्डेय सहित परिवार अन्य सदस्य मिलकर जमीनी विवाद के चलते उनके घर के अंदर घुसकर रामानुज पांडेय के साथ जमकर लात घूंसे और डंडे, टांगी, फरसा से मारपीट कर लहूलुहान कर दिया और सभी आरोपी सिरमौर थाने में जाकर पूर्व थाना प्रभारी बीआर सिंह और मुंसी भागवत मिश्रा से सांठ गांठ कर वृद्ध और उनके मृतक पोते के विरुद्ध फर्जी मारपीट और छेड़छाड़ का मुकदमा कायम करा दिया।

थाना प्रभारी बीआर सिंह मामले की जांच कराना उचित नहीं समझा और फर्जी मुकदमा दर्ज करा लिया। जिसका खामियाजा वृद्ध इकलौता पोता खोकर भुगत रहा है। आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ वृद्ध रामानुज के साथ जमकर मारपीट किये थे और उल्टा सिरमौर थाने में जाकर पूर्व थाना प्रभारी बीआर सिंह से सांठगांठ कर पीड़ित रामानुज पांडेय व उनके पोते शुभम पाण्डेय उर्फ प्रकाश पाण्डेय के ऊपर फर्जी मुकदमा छेड़छाड़ का दर्ज करा दिया गया था जबकि मृतक पोता जबलपुर में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था।

विगत मार्च माह में कोरोना की वजह से मध्यप्रदेश में लाॅकडाउन लग गया और उनका नाती पुलिस के डर से घर नहीं आ सका। जहां वह बीमारी की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। रामानुज पांडे ने अपने पोते की मौत का जिम्मेदार पुलिस को ठहराया है। पीड़ित रामानुज पांडे ने 6 जुलाई को एसपी कार्यालय पहुंचकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

Comments

Be the first to comment

Add Comment
Full Name
Email
Textarea
SIGN UP FOR A NEWSLETTER