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रीवा: शहर में Corona का डर! सपरिवार गाँवों की ओर करने लगें रुख

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:48 AM IST
रीवा: शहर में Corona का डर! सपरिवार गाँवों की ओर करने लगें रुख
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Coronavirus के डर से अब लोग गाँव को शहर की अपेक्षा ज्यादा सुरक्षित मान रहें हैं Rewa News in Hindi रीवा। कोरोना ने लोगों को गांव की याद दिला

Coronavirus के डर से अब लोग गाँव को शहर की अपेक्षा ज्यादा सुरक्षित मान रहें हैं

Rewa News in Hindi रीवा। कोरोना ने लोगों को गांव की याद दिला दी है। नौकरी के चक्कर में गांव से दूरियां बढ़ा चुके लोग, अब वहीं डेरा डाले हुए हैं। शहर का लॉक डाउन लोगों को राश नहीं आया। यही वजह है कि उन्होंने परिवार सहित गांवों की तरफ रुख कर लिया है। घरों को किराएदारों के भरोसे छोड़ गए हैं। लॉक डाउन में घरों में कैद होकर रहना फिलहाल कई लोगों को रास नहीं आया। यही वजह है कि लॉक डाउन हटने तक कईयों ने गांव में ही रहने का फैसला लिया है। रीवा में वैसे तो गांवों से आकर रहने वालों की संख्या लाखों में है। इसके अलावा कई यहां सरकारी नौकरी भी करते हैं। कुल आबादी तीन से पांच लाख के बीच है। इनमें से हजारों लोग शहर छोड़ चुके हैं। परिवार के साथ गांव चले गए हैं।

सरकारी शिक्षक, प्राइवेट कर्मचारी, विद्युत, पीएचई, पीडलूडी, कॉलेज, राजस्व, हाउसिंग बोर्ड, जलसंसाधन विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों को जिन्हें इस लॉक डाउन से अवकाश दे दिया गया है। उन्होंने परिवार संग गांव में डेरा जमा लिया है। लोग गांव को शहर से ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। सुविधाओं के हिसाब से भी गांव को बेहतर ही मान रहे हैं। यहा महंगी दरों में चीजें खरीदने की तुलना में गांव ज्यादा बेहतर है।

गांव में यह है फायदे

लोगों को शहरों की तुलना में गांव ज्यादा फायदेमंड लग रहा है। शहर में चार दीवारी में बंध कर रहना पड़ता है। गांव में आसानी से खेत, गांव घूम सकते हैं। घर का दायरा भी बढ़ा है। शहर में आनाज, सजियों के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं गांव में यह सारी चीजें घर में ही उपलध हैं। खेत से सजियां निकल रही हैं। घरों में आनाज का भंडार है। वहीं पुलिस की सती भी गांव में कम है। आसानी से गांव में समय कट जाता है। शहर में मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि लोगों ने शहर छोड़ कर गांव में डेरा डाल लिया है।

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