रीवा

पानी से बनेगी रसोई गैस! रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों का कमाल, Tech Fest 2026 में छाया 'हाइड्रोजन मॉडल'

Aaryan Puneet Dwivedi
23 March 2026 10:49 AM IST
Students at Rewa Engineering College presenting a water-to-hydrogen energy model at Techfest 2026
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टेकफेस्ट 2026: पानी से गैस बनाने वाले मॉडल के साथ रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र।

रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने पानी से रसोई गैस बनाने का मॉडल पेश किया है। टेकफेस्ट 2026 में इस 'हाइड्रोजन प्लांट' ने सबको चौंकाया। जानिए कैसे काम करती है यह तकनीक।

रीवा, मध्य प्रदेश: जहां एक ओर पूरी दुनिया और हमारा शहर गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से परेशान है, वहीं रीवा के युवा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पेश की है जो भविष्य की तस्वीर बदल सकती है। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज (REC) में आयोजित 'टेकफेस्ट 2026' में इलेक्ट्रिकल विभाग के छात्रों ने पानी से रसोई गैस बनाने का एक शानदार मॉडल प्रदर्शित किया है।

पानी से जलेगा चूल्हा: क्या है यह 'हाइड्रोजन मॉडल'?

टेकफेस्ट 2026 के दौरान इस बार सबसे ज्यादा भीड़ विद्युत विभाग के स्टाल पर देखी गई। यहाँ छात्रों की एक टीम ने 'हाइड्रोजन गैस जेनरेशन प्लांट' का प्रोटोटाइप मॉडल दिखाया। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें साधारण पानी (H2O) के अणुओं को तोड़कर हाइड्रोजन गैस बनाई जाती है। इस गैस का उपयोग हम अपने घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी (LPG) के विकल्प के रूप में कर सकते हैं।


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

प्रोजेक्ट से जुड़े छात्रों ने बताया कि भारत वर्तमान में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए 'ग्रीन एनर्जी' ही एकमात्र रास्ता है।

  • पर्यावरण के अनुकूल: यह तकनीक पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है क्योंकि जलने पर हाइड्रोजन से केवल पानी की बूंदें (वाष्प) निकलती हैं।
  • कम लागत: पानी आसानी से उपलब्ध है, जिससे भविष्य में गैस की कीमतें कम हो सकती हैं।
  • स्वदेशी तकनीक: इसे स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया है, जो 'मेक इन इंडिया' का बेहतरीन उदाहरण है।

कैसे काम करती है यह मशीन?

छात्रों ने बहुत ही सरल तरीके से समझाया कि यह मशीन पानी के अंदर बिजली प्रवाहित करती है। इस प्रक्रिया को 'इलेक्ट्रोलिसिस' कहा जाता है। इससे पानी में मौजूद हाइड्रोजन अलग होकर गैस के रूप में बाहर निकलती है। हालांकि अभी यह एक छोटा मॉडल (प्रोटोटाइप) है, लेकिन छात्रों का मानना है कि सही रिसर्च और सरकारी मदद मिले तो इसे बड़े स्तर पर हर घर तक पहुँचाया जा सकता है।

इन प्रतिभाओं ने किया कमाल

इस शानदार प्रोजेक्ट का नेतृत्व छात्र ओम गुप्ता ने किया। उनके साथ मोहम्मद मोहसिन, उमेश सिंह, अर्पित पटेल, मुस्कान चुगानी, सागर सिंह, शिवम सिंह, आशीष द्विवेदी, सचिन रजक, तन्वी निगम, सुष्मिता पटेल और रोहित वर्मा जैसे मेधावी छात्रों की टीम शामिल रही।

कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों का मार्गदर्शन

यह सफलता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में हासिल हुई है। इस दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संदीप पांडेय और विद्युत विभागाध्यक्ष प्रो. जीआर कुमरे का विशेष सहयोग रहा। तकनीकी बारीकियों को समझाने में प्रो. अनंत श्रीवास्तव और प्रो. सीमा द्विवेदी ने छात्रों की मदद की।

भविष्य की उम्मीद हैं ये छात्र

रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के इन छात्रों ने साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा और मौका मिले, तो विंध्य के युवा बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। टेकफेस्ट 2026 का यह मॉडल न केवल देखने में आकर्षक था, बल्कि यह ऊर्जा संकट से जूझ रही जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।

बड़ी बात: यदि इस मॉडल को व्यावसायिक रूप मिल जाता है, तो भविष्य में हमें गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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