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रीवा के Cardiologist Dr. S.K. Tripathi ने Rakhi और कजलिया पर बचाई तीन मरीजों की जान

रीवा के Cardiologist Dr. S.K. Tripathi  ने Rakhi और कजलिया पर बचाई तीन मरीजों की जान
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Rewa Super Speciality Hospital के Cardiologist Dr. S.K. Tripathi ने रक्षा बंधन और कजलिया के मौके पर तीन पेसमेकर सर्जरी कर बचाई मरीजों की जान।

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने एक बार फिर मानवता और पेशेवर जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। रक्षा बंधन और कजलिया जैसे पारिवारिक त्योहारों के मौके पर भी उन्होंने अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते हुए तीन गंभीर मरीजों की जान बचाई।

त्योहार पर भी ड्यूटी निभाने का संकल्प

डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि मरीज की जान बचाना उनके लिए किसी भी उत्सव से बढ़कर है। इस बार रक्षा बंधन और कजलिया के दिन, जब लोग अपने परिवार के साथ जश्न मना रहे थे, तभी अस्पताल में तीन गंभीर हृदय रोगी लाए गए।

मरीजों की गंभीर स्थिति

कंप्लीट हार्ट ब्लॉक

पहले मरीज को कंप्लीट हार्ट ब्लॉक था, जिसमें दिल की धड़कन बेहद धीमी हो जाती है और अचानक रुकने का खतरा रहता है।

सिक साइनस सिंड्रोम

दूसरे मरीज को सिक साइनस सिंड्रोम था, जिसमें हृदय का नैचुरल पेसमेकर सही से काम नहीं करता।

अनियमित दिल की धड़कन

तीसरे मरीज को इरेगुलर हार्टबीट की समस्या थी, जिसमें दिल की धड़कन कभी तेज, कभी धीमी हो जाती है।

उन्नत और सुरक्षित तकनीक का उपयोग

डॉ. त्रिपाठी ने मिनिमली इनवेसिव पेसमेकर सर्जरी की, जिसमें कम से कम चीरा और कम जोखिम होता है। इससे मरीज जल्दी ठीक होते हैं और अस्पताल में रुकने का समय भी कम हो जाता है।

पेसमेकर कैसे काम करता है?

पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जो हृदय की धड़कन को नियंत्रित करता है। इसे छाती में इम्प्लांट किया जाता है और यह जरूरत पड़ने पर दिल को इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजता है।

त्योहार पर मरीजों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

डॉ. त्रिपाठी ने कहा—

"मेरे लिए सबसे बड़ा उत्सव मरीज की जान बचाना है। डॉक्टर होने का मतलब है कि किसी भी परिस्थिति में मरीज की मदद करना।"

रीवा में कार्डियक केयर का बढ़ता स्तर

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं, जिससे रीवा और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़े शहर जाने की जरूरत कम हो रही है।

मरीजों और परिजनों की खुशी

सर्जरी के बाद मरीजों के परिजनों ने कहा कि त्योहार के दिन डॉक्टर का इस तरह ड्यूटी निभाना वाकई प्रेरणादायक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास छोटे शहरों में हृदय रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

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