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PM Kisan के नाम पर साइबर ठगी: रीवा में नया जाल, चंद मिनटों में मोबाइल हैक; जानिए बचाव के उपाय

Aaryan Puneet Dwivedi
17 Jan 2026 12:26 AM IST
PM Kisan के नाम पर साइबर ठगी: रीवा में नया जाल, चंद मिनटों में मोबाइल हैक; जानिए बचाव के उपाय
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रीवा में साइबर ठग अब पीएम किसान सम्मान निधि के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी लिंक और PDF से मोबाइल हैक हो रहा है। पुलिस जांच में जुटी, अलर्ट जारी।

मुख्य बिंदु:

  • रीवा जिले में पीएम किसान के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया
  • फर्जी लिंक और PDF भेजकर मोबाइल किया जा रहा है हैक
  • सगरा निवासी का नंबर हुआ कंट्रोल, उसी से फैलाया जा रहा जाल
  • पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी, लोगों को किया गया अलर्ट

रीवा जिले में साइबर ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका सामने आया है। अब तक लोग शादी के कार्ड, इनाम या लॉटरी के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क होने लगे थे, लेकिन अब ठगों ने सरकारी योजनाओं को ही हथियार बना लिया है। ताजा मामला पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ा है, जिसके नाम पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक और PDF फाइलें लोगों के मोबाइल को कुछ ही मिनटों में हैक कर रही हैं।

Rewa Cyber Crime – कैसे खुला ठगी का नया तरीका?

यह पूरा मामला रीवा जिले के सगरा थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां निवासी नंदन तिवारी का मोबाइल अचानक साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। पीड़ित के अनुसार, उनके मोबाइल नंबर से ही अन्य लोगों को मैसेज जाने लगे, जिनमें पीएम किसान योजना से जुड़ी जानकारी, लिंक और PDF भेजी जा रही थी। मैसेज इतने विश्वसनीय तरीके से तैयार किए गए थे कि देखने वाले को यह पूरी तरह सरकारी सूचना प्रतीत हो रही थी।

PM Kisan Link Scam – एक क्लिक और खतरा

इन मैसेज में लिखा होता है कि आपकी पीएम किसान किस्त रुकी हुई है, या केवाईसी अपडेट जरूरी है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक या PDF को खोलता है, उसका मोबाइल मैलवेयर की चपेट में आ जाता है। इसके बाद हैकर मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डाटा तक पहुंच बना लेते हैं।

साइबर विशेषज्ञों की चेतावनी

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका पहले से कहीं अधिक खतरनाक है, क्योंकि इसमें लोगों का विश्वास सबसे बड़ा हथियार बन रहा है। सरकारी योजना के नाम पर आए मैसेज को लोग बिना सोचे-समझे खोल लेते हैं। एक बार फोन हैक होते ही ठग न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पीड़ित की डिजिटल पहचान भी खतरे में पड़ जाती है।

Rewa Police Action – जांच में जुटी टीम

मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित ने सगरा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी का यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

डिजिटल दौर में बढ़ता खतरा

आज जब लगभग हर सरकारी सेवा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है, तब आम नागरिक मोबाइल और इंटरनेट पर अधिक निर्भर हो गया है। इसी निर्भरता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि जैसी लोकप्रिय योजना का नाम लेकर भेजे गए संदेश लोगों को भ्रमित कर देते हैं और वे बिना सोचे समझे क्लिक कर बैठते हैं।

कैसे फैल रहा है जाल?

एक बार किसी व्यक्ति का मोबाइल हैक हो जाने पर, ठग उसी नंबर से आगे अन्य लोगों को संदेश भेजते हैं। इससे संदेश प्राप्त करने वालों को लगता है कि यह किसी परिचित व्यक्ति द्वारा भेजा गया है, जिससे संदेह और भी कम हो जाता है। यही कारण है कि यह तरीका तेजी से फैल रहा है और हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Scammers’ New Trap | साइबर ठगों का नया जाल

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी WhatsApp, SMS, Telegram और ई-मेल के जरिए सरकारी योजनाओं, शादी के कार्ड, ट्रैफिक चालान, बैंक KYC अपडेट, अकाउंट ब्लॉक होने की सूचना, कूरियर-पार्सल या बिजली बिल के नाम पर APK फाइल भेज रहे हैं।

जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, मोबाइल का पूरा कंट्रोल अपराधियों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद OTP, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चुराकर खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

Police Advisory | रीवा पुलिस की खास चेतावनी

रीवा पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि शादी का कार्ड, बिजली बिल, चालान या बैंक से जुड़ी कोई भी सूचना APK फाइल के रूप में नहीं आती। अगर किसी भी मैसेज में “.apk” एक्सटेंशन वाली फाइल आए, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें।

पुलिस के मुताबिक, केवल Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल की सेटिंग में जाकर “Unknown Sources” या “Install from Unknown Apps” का विकल्प हमेशा बंद रखें।


🛡️ Cyber Safety Measures | सुरक्षा के उपाय
🔗 Avoid Suspicious Links किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
📦 Verify APK Files दोस्त या रिश्तेदार के नंबर से आए APK फाइल को भी बिना पुष्टि के न खोलें।
🔐 Protect Sensitive Data OTP, PIN, CVV और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें।
🛡️ Security Updates मोबाइल में एंटी-वायरस और सिक्योरिटी अपडेट चालू रखें।
📡 Emergency Response अगर फोन स्लो हो जाए या ऐप अपने आप खुलने लगें, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें।
Source: Cyber Cell Guidelines | साइबर सेल द्वारा जनहित में जारी


Where to Complain | ठगी होने पर यहां करें शिकायत

यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है या उसे कोई संदिग्ध APK फाइल या मैसेज मिलता है, तो तुरंत—

साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
या फिर www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत करने से कई मामलों में ट्रांजैक्शन को रोका जा सकता है और ठगों तक पहुंचा जा सकता है।

Growing Threat in Rewa | रीवा में बढ़ता खतरा

रीवा जिले में पिछले कुछ महीनों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दर्जनों लोग सरकारी योजनाओं, शादी के कार्ड, बिजली बिल और बैंक अपडेट के नाम पर भेजी गई APK फाइल से ठगे जा चुके हैं।

प्रशासन की अपील

प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, PDF या संदेश को न खोलें, चाहे वह किसी परिचित नंबर से ही क्यों न आया हो। किसी भी सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत पोर्टल पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।

सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है सतर्कता। मोबाइल में अनजान ऐप इंस्टॉल न करें, संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें और किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। अपने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को भी इन खतरों के बारे में जागरूक करें।

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Breaking News • Daily Updates

FAQ: पीएम किसान के नाम पर ठगी कैसे हो रही है?

ठग फर्जी लिंक और PDF भेजते हैं, जिन्हें खोलते ही मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है और फोन हैक हो सकता है।

FAQ: क्या परिचित नंबर से आए मैसेज भी खतरनाक हो सकते हैं?

हाँ, क्योंकि पहले किसी का फोन हैक कर उसी नंबर से आगे संदेश भेजे जाते हैं, जिससे लोग धोखे में आ जाते हैं।

FAQ: ऐसे मामलों में कहां शिकायत करें?

आप नजदीकी थाने में शिकायत कर सकते हैं या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं।

FAQ: खुद को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका क्या है?

किसी भी अनजान लिंक या फाइल को न खोलें और सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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