रीवा

सावधान रीवा वासियों! जिले में धारा 144 लागू, बिना अनुमति नलकूप खनन पर रोक, उल्लंघन पर होगी जेल

Aaryan Puneet Dwivedi
24 March 2026 12:29 PM IST
रीवा जिले को जल अभावग्रस्त घोषित करने का कलेक्टर का आदेश, बोरिंग पर प्रतिबंध
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रीवा में जल संकट: कलेक्टर ने जिले भर में नए बोरिंग पर लगाई रोक, धारा 144 लागू

रीवा कलेक्टर ने जिले में बढ़ते जल संकट को देखते हुए पूरे क्षेत्र को जल अभावग्रस्त घोषित किया है। धारा 144 के तहत बोरिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें।

रीवा: विंध्य के सबसे बड़े शहर रीवा में इस बार गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की भारी किल्लत शुरू हो गई है। जिले में लगातार गिरते भू-जल स्तर (Ground Water Level) को देखते हुए प्रशासन ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। रीवा कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से पूरे जिले को 'जल अभावग्रस्त क्षेत्र' घोषित कर दिया है।

रीवा जिले में जल संकट: कलेक्टर ने घोषित किया जल अभावग्रस्त क्षेत्र (Rewa Water Scarcity News)

रीवा जिले में कम बारिश और जमीन के अंदर से पानी के अंधाधुंध दोहन के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि यह पाबंदी 18 मार्च 2026 से लागू हो चुकी है और 15 जुलाई 2026 तक या फिर मानसून की पहली बारिश होने तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराना है।


अब बिना अनुमति नहीं होगा बोरिंग, प्रशासन ने लगाई रोक

बता दें कि रीवा के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अब नया नलकूप (Boring) खोदने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर भी बोरिंग कराना चाहता है, तो उसे संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना परमिशन मशीन चलाने पर बोरिंग मशीन को जब्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धारा 144 लागू: सिर्फ घरेलू काम के लिए मिलेगा पानी

पेयजल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144(2) के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग केवल पीने और घर के जरूरी कामों के लिए ही किया जा सकेगा। व्यावसायिक या अन्य कार्यों में पानी की बर्बादी पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर निजी जल स्रोतों का होगा अधिग्रहण

रीवा प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी मोहल्ले या गांव में सरकारी हैंडपंप या नल-जल योजना सूख जाती है, तो आसपास के निजी कुओं या बोरिंग का अधिग्रहण (Takeover) किया जा सकता है। इसका मतलब है कि संकट के समय प्रशासन किसी के भी निजी बोरिंग का उपयोग सार्वजनिक पेयजल के लिए कर सकेगा।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त जेल और कार्रवाई

इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी नगर निगम रीवा, ग्राम पंचायतें, स्थानीय पुलिस और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को सौंपी गई है। म.प्र. पेयजल परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2022 के तहत उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

जनता से अपील: पानी बचाएं, भविष्य बचाएं

प्रशासन ने रीवा की जनता से सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे पानी की बर्बादी न करें, जैसे गाड़ियां धोना या आंगन की सिंचाई करना फिलहाल बंद रखें। जिले के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वे इस जल संकट के समय सरकारी निर्देशों का पालन करें ताकि सभी को पीने का पानी मिल सके।

रीवा में जल स्तर का गिरना एक चेतावनी है। कलेक्टर का यह सख्त फैसला भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। 15 जुलाई तक रीवा वासियों को पानी के मामले में बहुत सावधानी बरतनी होगी।

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Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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