रीवा

Rewa : अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्ति हुई 96 एकड़ सरकारी जमीन

Aaryan Dwivedi
19 Feb 2021 6:54 PM GMT
Rewa : अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्ति हुई 96 एकड़ सरकारी जमीन
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अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्ति हुई 96 एकड़ सरकारी जमीन रीवा / Rewa  शासकीय जमीन पर कुछ दबंग लोग लंबे समय से अतिक्रमण कर रखा था। जिसे उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए शुक्रवार को मुक्त करा दिया गया।

अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्ति हुई 96 एकड़ सरकारी जमीन

रीवा / Rewa शासकीय जमीन पर कुछ दबंग लोग लंबे समय से अतिक्रमण कर रखा था। जिसे उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए शुक्रवार को मुक्त करा दिया गया। जानकारी अनुसार मऊगंज क्षेत्र के ग्राम दादर स्थित लगभग 96 एकड़ जमीन पर अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए हुए थे। जहां शासकीय शिक्षण संस्थान, आंगनवाड़ी केंद्र, गौशाला, तालाब, खेल मैदान की भूमि अतिक्रमण की चपेट में थी। वहीं अतिक्रमणकारी नशीले मादक पदार्थो का गोरखधंधा चला रहे थे। शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने जबलपुर उच्च न्यायालय में हिंछलाल प्रजापति द्वारा याचिका दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिये गये। मामले में कार्यवाही करते हुए प्रशासन ने शासकीय जमीन झोपड़ पट्टी बनाकर किये गये अतिक्रमण को ढहा दिया गया। इस मौके पर एसडीएम हनुमना एके सिंह, तहसीलदार अजय मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीओपी शैलंेद्र शर्मा, थाना प्रभारी विद्यावारिधि तिवारी के अलावा पुलिस बल मौजूद रहा।

अतिक्रमण के चलते शासकीय कार्य हो रहे थे बाधित

जिस जमीन पर अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए हुए थे उसी जमीन शासकीय विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है लेकिन अतिक्रमण की वजह से न तो विद्यालय का सुचारु संचालन हो पा रहा था और न ही आंगनवाड़ी में बच्चे पहुंच पा रहे थे। कारण कि अतिक्रमणकारी रास्ते पर ही कब्जा लिया था। वहीं दूसरी ओर अवैध रूप से नशे का कारोबार यही पर चलता था जिस कारण शिक्षक और बच्चे आने-जाने से डरते थे। इसी वजह से विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। दूसरी ओर इस 90 एकड़ भूमि से से 30 एकड़ भूमि जंगल विभाग को पौधरोपण के लिये दी गई थी लेकिन अतिक्रमणकारियों के कारण जंगल विभाग पौधरोपण नहीं कर पा रहा था। अब प्रशासन द्वारा जमीन को अतिक्रमन।

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